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Baghpat News: पूर्वी यमुना नहर में पानी आने से चहके किसान
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पूर्वी यमुना नहर में पानी आने से किसान खुश
बड़ौत। पूर्वी यमुना नहर में आखिरकार पानी छोड़ ही दिया गया। नहर में पानी आने से किसान खुशी से चहक उठे। वहीं दूसरी ओर पूर्वी यमुना नहर की सफाई के कार्य भी शुरू नहीं हो पाया और नहर में पानी छोड़ दिया गया।
दरअसल, पूर्वी यमुना नहर सहारनपुर, शामली, बागपत, खेकड़ा होते हुए गाजियाबाद में निकलकर दिल्ली में सीलमपुर पहुंचती है। इसके बाद यमुना में गिरती है। इसके अतिरिक्त पूर्वी यमुना नहर मुजफ्फरनगर के कल्लरपुर-लोई-लालूखेड़ी माइनर में भी इसी नहर से पानी आता है। देवबंद ब्रांच से पूर्वी यमुना नहर में पानी आता है। इस समय गंगा से भी इन जिलों को पर्याप्त मात्रा में पानी देने की स्थिति के चलते ढाई माह से नहर में पानी नहीं था। शारदीय नवरात्र के बाद से अभी तक सुखी नहर में ही मूर्तियां पड़ी हुई थी जो विसर्जन की बाट जोह रही थी। इस नहर से जनपद के लगभग 16000 किसान अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं। ढाई माह से नहर में पानी न होने के कारण किसानों को काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा था। मंगलवार की तड़के जैसे ही नहर में पानी आना शुरू हुआ तो किसान चहक उठे। गेहूं व अन्य फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को नहर में पानी आने से काफी लाभ मिलेगा। वहीं, दूसरी ओर पूर्वी यमुना नहर की सफाई हुए बगैर ही पानी छोड़ दिया गया है।
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बड़ौत। पूर्वी यमुना नहर में आखिरकार पानी छोड़ ही दिया गया। नहर में पानी आने से किसान खुशी से चहक उठे। वहीं दूसरी ओर पूर्वी यमुना नहर की सफाई के कार्य भी शुरू नहीं हो पाया और नहर में पानी छोड़ दिया गया।
दरअसल, पूर्वी यमुना नहर सहारनपुर, शामली, बागपत, खेकड़ा होते हुए गाजियाबाद में निकलकर दिल्ली में सीलमपुर पहुंचती है। इसके बाद यमुना में गिरती है। इसके अतिरिक्त पूर्वी यमुना नहर मुजफ्फरनगर के कल्लरपुर-लोई-लालूखेड़ी माइनर में भी इसी नहर से पानी आता है। देवबंद ब्रांच से पूर्वी यमुना नहर में पानी आता है। इस समय गंगा से भी इन जिलों को पर्याप्त मात्रा में पानी देने की स्थिति के चलते ढाई माह से नहर में पानी नहीं था। शारदीय नवरात्र के बाद से अभी तक सुखी नहर में ही मूर्तियां पड़ी हुई थी जो विसर्जन की बाट जोह रही थी। इस नहर से जनपद के लगभग 16000 किसान अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं। ढाई माह से नहर में पानी न होने के कारण किसानों को काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा था। मंगलवार की तड़के जैसे ही नहर में पानी आना शुरू हुआ तो किसान चहक उठे। गेहूं व अन्य फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को नहर में पानी आने से काफी लाभ मिलेगा। वहीं, दूसरी ओर पूर्वी यमुना नहर की सफाई हुए बगैर ही पानी छोड़ दिया गया है।
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