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बागपत: आधुनिक तरीके से खेती करके कई गुना मुनाफा ले रहा किसान यशवंत
Sat, 18 Feb 2023 05:46 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sat, 18 Feb 2023 05:46 PM IST
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- लहचौड़ा के किसान ने सोशल मीडिया और कृषि विभाग की वेबसाइट से सीखा आधुनिक तरीका
फोटो -4
संवाद न्यूज एजेंसी
रटौल। लहचौड़ा के किसान यशवंत आधुनिक तकनीक से टमाटर की खेती करके कई गुना मुनाफा ले रहे हैं। उसने सोशल मीडिया और कृषि विभाग की वेबसाइट से टमाटर की वर्टिकल (खड़ी खेतीकरन) की विधि सीखी और आठ बीघा जमीन पर टमाटर की फसल लगा दी। वर्टिकल विधि से खेती करने से उसे कम लागत में अधिक मुनाफा मिलने लगा।
युवा किसान यशवंत यादव ने बताया कि सामान्य विधि की टमाटर की खेती करने से फसल तीन महीने चलती है, लेकिन वर्टिकल विधि से सात से आठ महीने तक टमाटर की पैदावार होती है। एक बार फसल की रोपाई करने और दो गुना से अधिक समय तक फसल मिलने से लागत आधी रह जाती है। उसने फसल का बीज खरीदकर खुद पौध तैयार की और डेढ़ फीट के फासले से पौध की रोपाई की। पौधे को सीधा रखने के लिए बांस की बल्ली से बाढ़ बनाकर पौधों को तारों से बांधकर फैलाया। इस विधि से लगाई गई फसल की सिंचाई करना में आसानी रहती और रोग का खतरा भी कम रहता है। सीजन की शुरुआत में बाजार में टमाटर की कीमत 20 से 30 रुपये किलो होती है, लेकिन बाद में इसका दाम 60 से 70 रुपये प्रति किलो हो जाता है। जिससे अधिक मुनाफा मिलता है। उसने बताया कि वह रासायनिक खाद की बजाए देशी खाद और वर्मी कंपोस्ट का प्रयोग करता है।
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सब्जी की खड़ी खेती में अधिक पैदावार होती है और उससे ज्यादा समय तक सब्जी मिलती है। इससे दो से तीन गुना तक फायदा लिया जा सकता है। किसानों को खेती में नए प्रयोग करने चाहिए, जिससे ज्यादा मुनाफा मिल सके। - दिनेश अरुण, जिला उद्यान अधिकारी
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रटौल। लहचौड़ा के किसान यशवंत आधुनिक तकनीक से टमाटर की खेती करके कई गुना मुनाफा ले रहे हैं। उसने सोशल मीडिया और कृषि विभाग की वेबसाइट से टमाटर की वर्टिकल (खड़ी खेतीकरन) की विधि सीखी और आठ बीघा जमीन पर टमाटर की फसल लगा दी। वर्टिकल विधि से खेती करने से उसे कम लागत में अधिक मुनाफा मिलने लगा।
युवा किसान यशवंत यादव ने बताया कि सामान्य विधि की टमाटर की खेती करने से फसल तीन महीने चलती है, लेकिन वर्टिकल विधि से सात से आठ महीने तक टमाटर की पैदावार होती है। एक बार फसल की रोपाई करने और दो गुना से अधिक समय तक फसल मिलने से लागत आधी रह जाती है। उसने फसल का बीज खरीदकर खुद पौध तैयार की और डेढ़ फीट के फासले से पौध की रोपाई की। पौधे को सीधा रखने के लिए बांस की बल्ली से बाढ़ बनाकर पौधों को तारों से बांधकर फैलाया। इस विधि से लगाई गई फसल की सिंचाई करना में आसानी रहती और रोग का खतरा भी कम रहता है। सीजन की शुरुआत में बाजार में टमाटर की कीमत 20 से 30 रुपये किलो होती है, लेकिन बाद में इसका दाम 60 से 70 रुपये प्रति किलो हो जाता है। जिससे अधिक मुनाफा मिलता है। उसने बताया कि वह रासायनिक खाद की बजाए देशी खाद और वर्मी कंपोस्ट का प्रयोग करता है।
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सब्जी की खड़ी खेती में अधिक पैदावार होती है और उससे ज्यादा समय तक सब्जी मिलती है। इससे दो से तीन गुना तक फायदा लिया जा सकता है। किसानों को खेती में नए प्रयोग करने चाहिए, जिससे ज्यादा मुनाफा मिल सके। - दिनेश अरुण, जिला उद्यान अधिकारी
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