फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Farmer tractors lie ahead, holding

किसान ट्रैक्टरों के आगे लेटे, काम रुका

Fri, 06 May 2016 01:09 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत Updated Fri, 06 May 2016 01:09 AM IST
विज्ञापन
दोघट । बामनौली गांव में चकबंदी दोबारा कराने की मांग को लेकर किसानों का चल रहा आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। बृहस्पतिवार को अनशन पर 12 किसान बैठे। दूसरी तरफ तीन किसान सेक्टर बनाने का कार्य कर रहे चकबंदी विभाग के ट्रैक्टरों के आगे लेट गए और कार्य रुकवा दिया। इससे वहां हंगामा हो गया। चकबंदी अधिकारी ने हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर सरकारी काम में बाधा डालने की धाराओं में तीनों किसानों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। गांव में तनाव होने के कारण प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी दिनभर डेरा डाले रहे।
विज्ञापन


 गांव में किसान ब्रजपाल, राजपाल, नरेश, ओमप्रकाश, खिलारी, महेंद्र, हरेंद्र, श्याम सिंह, सत्यपाल, सतेंद्र, जयदेव, ब्रहम सिंह आमरण अनशन पर बैठे हैं। सभी किसानों की उम्र 70 वर्ष के लगभग है। किसानों ने कहा चकबंदी में अधिकतर किसान बर्बाद हो जाएगा। जिन किसानों के पास 100 -100 बीघा जमीन है, उनके पास 10-10 बीघा जमीन ही रह जाएगी। उन्होंने कहा वे किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं होने देंगे। जब चकबंदी में व्याप्त खामियों को दूर कर चकबंदी दोबारा नहीं कराई जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वे इसके लिए अपने प्राण तक त्याग देंगे। 
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को सेक्टर बना रहे चकबंदी विभाग के ट्रैक्टरों के आगे किसान ओमपाल, पवन और धर्मवीर लेट गए और काम रुकवा दिया। इसे वहां हंगामा हुआ और उनकी अधिकारियों से नोक झोंक भी हुई। किसानों ने कहा  मर जाएंगे, लेकिन कब्जा परिवर्तन नहीं होने देंगे। इसके बाद चकबंदी अधिकारियों ने दूसरे सेक्टर में जाकर डोल बंदी का कार्य शुरू किया। उन्होंने रणवीर समेत दस किसानों के खेतों में डोल बंदी कराकर कब्जा दिलवाया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


   बृहस्पतिवार को दोपहर के समय आमरण अनशन पर बैठे किसानों के बीच एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव और सीओ सीपी सिंह पहुंचे और आंदोलनकारियों को मनाने का प्रयास किया। कई घंटे तक चली वार्ता विफल रही और अधिकारी लौट गए। 


किसानों ने कहा अधिकारी उनकी मांगों को क्यों पूरा नहीं कर रहे हैं और वे किसानों को बर्बाद करने पर तुले है। किसानों ने कहा अधिकारी गांव में भट्ठा पारसौल जैसे हालात पैदा कर रहे हैं। यदि गांव में कुछ भी हुआ तो इसका जिम्मेदार पुलिस-प्रशासन होगा। इसमें महीपाल प्रधान, अरविंद वकील, कुलदीप, ईश्वर, ज्ञानेंद्र, हरेंद्र शर्मा, रविंद्र मुखिया, ओमवीर, साधु, विजय, पवन, देवेंद्र आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed