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कूड़ी में घटतौली पर किसानों का हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, छपरौली
Updated Wed, 05 Apr 2017 01:46 AM IST
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कूड़ी गांव मंे मलकपुर मिल के कांटे पर घटतौली की सूचना पर पहुंचे गन्ना समिति के चेयरमैन धूम सिंह।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कूड़ी गांव स्थित एसबीईसी शुगर मिल मलकपुर के गन्ना क्रय केंद्र पर घटतौली पकड़ने जाने पर किसानों ने हंगामा किया और तौल बंद करा दी। इससे बड़ौत-टांडा मार्ग पर एक घंटे तक जाम लगा रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मशक्कत कर जाम खुलवाया। सूचना पर गन्ना समिति के चेयरमैन धूमसिंह भी किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में घटतौली से किसानों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा।
किसानों ने आरोप लगाया कि चार दिन तक तौल बंद रहने से मंगलवार को काफी संख्या में किसान गन्ना लेकर आए थे। लेकिन, तौल लिपिक ने एक पर्ची पर 80 किग्रा से 90 किग्रा की घटतौली शुरू कर दी। इसका किसानों ने विरोध किया तो तौल लिपिक नहीं माना। इस पर किसानों ने हंगामा कर दिया और तौल बंद करा दी। इससे टांडा- बड़ौत सड़क मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई। सूचना पर पुलिस पहुंच गई और जाम खुलवाने का प्रयास किया, किसान नहीं माने।
घटतौली की शिकायत मिलने पर गन्ना समिति के चेयरमैन धूमसिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे किसी भी दशा में घटतौली नहीं होने देंगे। उन्होंने तौल लिपिक पर भी नाराजगी जताई। इस दौरान गन्ना पर्यवेक्षक घटतौली को नकारने लगे तो किसान उनसे उलझ गए। किसानों की मांग पर मिस्त्री को मौके पर बुलाया और तौल कांटे को ठीक कराया।
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मामला बढ़ता देख पर्यवेक्षक ने तौल लिपिक को हड़काया और भविष्य में घटतौली का प्रयास करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। तब तौल चालू हो सकी और जाम से निजात मिल सकी। इसमें डॉ. रविंद्र, रामबीर, राधेश्याम, जितेंद्र, हरबीर, हरपाल, सुखपाल, राजेश, विकास, बिजेंद्र आदि थे।
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किसानों ने आरोप लगाया कि चार दिन तक तौल बंद रहने से मंगलवार को काफी संख्या में किसान गन्ना लेकर आए थे। लेकिन, तौल लिपिक ने एक पर्ची पर 80 किग्रा से 90 किग्रा की घटतौली शुरू कर दी। इसका किसानों ने विरोध किया तो तौल लिपिक नहीं माना। इस पर किसानों ने हंगामा कर दिया और तौल बंद करा दी। इससे टांडा- बड़ौत सड़क मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई। सूचना पर पुलिस पहुंच गई और जाम खुलवाने का प्रयास किया, किसान नहीं माने।
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घटतौली की शिकायत मिलने पर गन्ना समिति के चेयरमैन धूमसिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे किसी भी दशा में घटतौली नहीं होने देंगे। उन्होंने तौल लिपिक पर भी नाराजगी जताई। इस दौरान गन्ना पर्यवेक्षक घटतौली को नकारने लगे तो किसान उनसे उलझ गए। किसानों की मांग पर मिस्त्री को मौके पर बुलाया और तौल कांटे को ठीक कराया।
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मामला बढ़ता देख पर्यवेक्षक ने तौल लिपिक को हड़काया और भविष्य में घटतौली का प्रयास करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। तब तौल चालू हो सकी और जाम से निजात मिल सकी। इसमें डॉ. रविंद्र, रामबीर, राधेश्याम, जितेंद्र, हरबीर, हरपाल, सुखपाल, राजेश, विकास, बिजेंद्र आदि थे।