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फर्जी किताब प्रकरण: मेरठ की एसटीएफ टीम का बड़ौत में डेरा

Tue, 25 Aug 2020 10:54 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Tue, 25 Aug 2020 10:54 PM IST
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fake book case
कई तरह की किताबें बरामद की गईं - फोटो : अमर उजाला

बड़ौत (। मेरठ के परतापुर इलाके से पकड़ी गई फर्जी एनसीईआरटी की करीब 35 करोड़ की किताबों के बाद से पूरे प्रदेश में प्रकाशन ही नहीं बल्कि किताब कारोबारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। एनसीईआरटी की फर्जी किताबों को लेकर बागपत के बड़ौत में भी मेरठ की एसटीएफ ने डेरा डाला हुआ है। कई दुकानों से एनसीईआरटी की किताबें गायब हो गई हैं। दुकानदार भी भूमिगत हो रहे हैं।

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बता दें कि मेरठ में एनसीईआरटी की फर्जी किताबों को छापने का बड़ा कारोबार होते पकड़ा। इसके बाद से प्रदेश के सभी जनपदों में छापे की कार्रवाई चल रही है। बड़ौत में भी फर्जी किताबों का कारोबार होने की सूचना है।
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दो दिन पूर्व भी एनसीईआरटी की फर्जी किताबों की सूचना पर एसडीएम दुर्गेश मिश्र और सीओ आलोक कुमार ने टीम के साथ गांधी रोड स्थित वीके प्रकाशन के गोदाम में छापा मारा था। इस दौरान किताबों के वॉटर मॉर्क की जांच की थी। इस दौरान कई किताबों के सैंपल जांच के लिए लिए।
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वीके प्रकाशन के मालिक राजेश भारती से किताबों के बिल की फोटोकाॅपी की मांग की। यह मामला अब गहराता नजर आ रहा है। नगर में एसटीएफ मेरठ की टीम ने डेरा डाल दिया है। इस सूचना से दुकानदारों में हड़कंप मच है।


अधिकांश पुस्तक विक्रेताओं ने दुकानों से एनसीईआरटी की किताबों को इधर-उधर कर दिया है। ताकि छापा के दौरान कुछ बरामद न हो। इस संबंध में एसडीएम दुर्गेश मिश्र व सीओ आलोक कुमार का कहना है कि इस फर्जीवाडे़ की गंभीरता से जांच की जा रही है। टीम गोपनीय रूप से अपना काम कर रही है।

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