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Baghpat: पूर्वी यमुना में पानी आने से किसानो के चेहरे खिले, ढाई माह से सूखी पड़ी हुई थी नहर
Tue, 06 Dec 2022 11:32 AM IST
Dimple Sirohi
अमर उजाला ब्यूरो, बागपत
अमर उजाला ब्यूरो, बागपत
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 06 Dec 2022 11:32 AM IST
सार
बागपत के बड़ौत में स्थित पूर्वी यमुना नहर करीब ढाई महिनों से सूखी पड़ी थी। जिस कारण सिंचाई के लिए लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी। लेकिन अब पूर्वी यमुना नहर में आखिरकार पानी छोड़ ही दिया गया है। जिससे लोगों की परेशानियों पर पूर्ण विराम लग गया व किसानों के चेहरे खिल उठे है।
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पूर्वी यमुना नहर में छोड़ा गया पानी
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में बागपत के बड़ौत स्थित पूर्वी यमुना नहर में आखिरकार पानी छोड़ ही दिया गया है। नहर में पानी आने से किसान खुशी से चहक उठे हैं। वहीं दूसरी ओर पूर्वी यमुना नहर की सफाई का कार्य भी शुरू नहीं हो पाया और नहर में पानी छोड़ दिया गया।
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बता दे कि पूर्वी यमुना नहर सहारनपुर, शामली, बागपत, खेकड़ा होते हुए गाजियाबाद में निकलकर दिल्ली में सीलमपुर पहुंचती है। इसके बाद यमुना में गिर जाती है। इसके अतिरिक्त पूर्वी यमुना नहर मुजफ्फरनगर के कल्लरपुर-लोई-लालूखेड़ी माइनर में भी इसी नहर से पानी आता है। देवबंद ब्रांच से पूर्वी यमुना नहर में पानी आता है।
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इस समय गंगा से भी इन जिलों को पर्याप्त मात्रा में पानी देने की स्थिति के चलते ढाई माह से नहर में पानी नहीं था। शारदीय नवरात्र के बाद से अभी तक सुखी नहर में ही मूर्तियां पड़ी हुई थी जो विसर्जन की बाट जोह रही थी। इस नहर से जनपद के लगभग 16000 किसान अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं। ढाई माह से नहर में पानी न होने के कारण किसानों को काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा था।
मंगलवार की तड़के जैसे ही नहर में पानी आना शुरू हुआ तो किसान चहक उठे। गेंहू व अन्य फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को नहर में पानी आने से काफी लाभ मिलेगा। वहीं दूसरी ओर पूर्वी यमुना नहर की सफाई हुए बगैर ही पानी छोड़ दिया गया है।