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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में चलाई जा रही अतिरिक्त क्लास
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विद्यालय में छात्राओं को प्रतिदिन डेढ़ घंटा विषयवार कराई जा रही पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में कमजोर छात्राओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। वार्डन को कमजोर छात्राओं का चयन कर प्रतिदिन डेढ़ घंटे विषयवार पढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि कमजोर छात्राएं भी अन्य छात्राओं की तरह पढ़ाई में आगे आ सकें।
जिले के बड़ौत व छपरौली ब्लॉक में एक-एक कस्तूरबा आवासीय विद्यालय हैं। दोनो में सौ-सौ छात्राओं का पंजीकरण है। कोरोना काल में छात्राएं घर पर ही पढ़ाई कर रही थीं। अब स्कूल खुलने के बाद मोबाइल के अभाव में ऑनलाइन कक्षाओं में भी शामिल न होने वाली बालिकाओं का कोर्स पिछड़ गया है। ऐसी छात्राओं को शिक्षा में मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जा रही हैं। इन छात्राओं को प्रतिदिन शाम चार बजे से साढ़े पांच बजे तक अतिरिक्त कक्षा चलाकर विषयवार पढ़ाई कराई जा रही है। बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक संगीता शर्मा ने बताया कि दोनों विद्यालयों में संध्याकालीन कक्षाएं चलाकर छात्राओं को शिक्षित किया जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में कमजोर छात्राओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। वार्डन को कमजोर छात्राओं का चयन कर प्रतिदिन डेढ़ घंटे विषयवार पढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि कमजोर छात्राएं भी अन्य छात्राओं की तरह पढ़ाई में आगे आ सकें।
जिले के बड़ौत व छपरौली ब्लॉक में एक-एक कस्तूरबा आवासीय विद्यालय हैं। दोनो में सौ-सौ छात्राओं का पंजीकरण है। कोरोना काल में छात्राएं घर पर ही पढ़ाई कर रही थीं। अब स्कूल खुलने के बाद मोबाइल के अभाव में ऑनलाइन कक्षाओं में भी शामिल न होने वाली बालिकाओं का कोर्स पिछड़ गया है। ऐसी छात्राओं को शिक्षा में मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जा रही हैं। इन छात्राओं को प्रतिदिन शाम चार बजे से साढ़े पांच बजे तक अतिरिक्त कक्षा चलाकर विषयवार पढ़ाई कराई जा रही है। बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक संगीता शर्मा ने बताया कि दोनों विद्यालयों में संध्याकालीन कक्षाएं चलाकर छात्राओं को शिक्षित किया जा रहा है।
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