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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Exclusive : problems of the complainants being settled in the papers in Baraut Baghpat

एक्सक्लूसिव: यह तो दिखाना पड़ता है..., वरना अधिकारी नाराज हो जाएंगे, कागजों में निस्तारित हो रही फरियादियों की समस्याएं

Sun, 09 Jan 2022 11:08 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 09 Jan 2022 11:08 AM IST
सार

बड़ौत में कर्मचारी बिना जांच किए और बिना फरियादियों से बात किए शिकायतों का निस्तारण जनसुनवाई पोर्टल पर अपलोड कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जनपद में इस तरह के दर्जनों मामले प्रत्येक तहसील दिवस आ चुके हैं।

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Exclusive : problems of the complainants being settled in the papers in Baraut Baghpat
धनौरा सिल्वरनगर का पीड़ित परिवार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शासन के सख्त निर्देश के बावजूद  बागपत जनपद में कर्मचारी फरियादियों की शिकायतों का फर्जी निस्तारण कर रहे हैं। आलम यह है कि बड़ौत में कर्मचारी बिना जांच किए और बिना फरियादियों से बात किए शिकायतों का निस्तारण जनसुनवाई पोर्टल पर अपलोड कर रहे हैं।
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हैरानी की बात यह है कि जनपद में इस तरह के दर्जनों मामले प्रत्येक तहसील दिवस आ चुके हैं। जिनमें संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हो चुकी है, लेकिन कार्रवाई करने की बजाए उच्चाधिकारी जांच का बहाना बनाकर संबंधित कर्मचारियों को बचा रहे हैं।
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केस नंबर-़1
अफसरों को नहीं दिखे गरीबों के छप्पर

ग्राम धनौरा सिल्वर नगर निवासी रामनिवास पुत्र ओमप्रकाश ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दो माह पूर्व मकान बनवाने के लिए आवेदन किया था। इस पर कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर न तो जांच की और न ही रामनिवास से जानकारी करना उचित समझा।
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वहीं, आवेदक का पक्का मकान बना हुआ दर्शाकर फर्जी निस्तारण कर सीएम पोर्टल पर अपलोड कर दिया। उसमें लिखा कि आवेदक को मकान की जरूरत नहीं है। हालांकि रामनिवास परिजनों के साथ छप्पर में रह रहा है। उसने डीएम से हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग उठाई।

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केस नंबर-2
कागजों में मिल रही किसान सम्मान निधि

राजवीर पुत्र धन सिंह निवासी मंडी घनश्याम गंज ने करीब दो साल पहले प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन किया था। दो वर्ष बीतने को हैं परंतु आज तक किसान सम्मान निधि की एक भी किस्त प्राप्त नहीं हुई। परेशान होकर गत पांच जनवरी को इसकी शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर की थी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने पोर्र्टल पर किसान सम्मान निधि प्राप्त होना दर्शाकर निस्तारण कर दिया।

केस नंबर-3
कागजों मेें हटा दिया बंजर भूमि से अवैध कब्जा

जिवाना गांव निवासी राहुल ने तहसील दिवस व सीएम पोर्टल पर गांव में बंजर जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। इस बाबत न तो मौके पर कानूनगो गए और न ही लेखपाल। संबंधित कर्मचारियों ने कागजों में ही बंजर भूमि कब्जा मुक्त दर्शा दिया। इसके बाद पोर्टल पर शिकायत का निस्तारण दर्शा दिया। आवेदक के पास ऑडियो में संबंधित कर्मचारी कह रहे हैं कि यह तो दिखाना पड़ता है, वरना अधिकारी नाराज हो जाएंगे।

ये बोले एसडीएम
तहसील दिवस में ऐसी शिकायतें फरियादियों द्वारा की जा रही हैं। जिनकाकर्मचारियों को मौके पर जाकर पारदर्शिता के साथ निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। यदि इसके बाद भी कर्मचारी बाज नहीं आते तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।-एसडीएम सुभाष सिंह, एसडीएम

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