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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Exclusive: Disillusioned with the job of Panchayat assistant within three months, 34 resigned

Exclusive: छह हजार की नौकरी पाने के लिए किए तमाम जतन, मिली तो तीन माह में ही हुआ मोहभंग, 34 ने दिया इस्तीफा, ये रही वजह

Fri, 25 Feb 2022 11:34 AM IST
Dimple Sirohi मुकेश पंवार, अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
मुकेश पंवार, अमर उजाला नेटवर्क, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 25 Feb 2022 11:34 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश के बड़ौत में जिस नौकरी को पाने के लिए युवाओं ने तमाम जतन किए, तीन माह बाद ही उस नौकरी से उनका मोहभंग होने लगा है। अब तक 34 लोग पंचायत सहायक पद की नौकरी से इस्तीफा दे चुके हैं।

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Exclusive: Disillusioned with the job of Panchayat assistant within three months, 34 resigned
सरकारी नौकरी 2022 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

उत्तर प्रदेश के बड़ौत में छह हजार रुपये प्रति माह मानदेय की पंचायत सहायक पद की नौकरी पाने के लिए बेरोजगार युवाओं ने तमाम जतन किए गए थे, लेकिन नौकरी मिलने के तीन माह बाद ही उनका इससे मोहभंग होने लगा है। पिछले वर्ष नवंबर में 244 ग्राम पंचायतों में तैनात किए गए 34 पंचायत सहायकों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। त्यागपत्र देने का कारण कम मानदेय और समय पर न मिलना बताया है।

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पिछले वर्ष प्रदेश सरकार ने ग्रामीणों की छोटी-मोटी शिकायतों के निस्तारण एवं पंचायती राज व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए ग्राम सचिवालय व्यवस्था की शुरुआत की थी। योजना के तहत हर ग्राम पंचायत में पंचायत सेवा केंद्र एवं ग्राम सचिवालय की स्थापना होनी थी। इनमें ग्रामीणों की जमीन, जोत, खतौनी समेत अन्य समस्याओं का निराकरण कराया जाता है।
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सभी ग्राम पंचायतों में एक-एक पंचायत सहायक की नियुक्ति की व्यवस्था की गई। जनपद में 244 ग्राम पंचायतों में एक-एक पंचायत सहायकों की नियुक्ति की थी। इनमें से 34 ने इस्तीफा दे दिया है।इसका कारण बताया गया है कि एक तो मानदेय काफी कम है। दूसरे ठेके पर काम मिलने के कारण इसमें बढ़ोत्तरी की संभावना भी नगण्य है। ऊपर से मानदेय समय पर भी नहीं मिलता है। नवंबर में नौकरी लगी थी, पूरी मेहनत से काम किया। दिसंबर से मानदेय नहीं मिला है। ग्राम सचिव और प्रधान भी उत्पीड़न करते थे। ऐसे में इस्तीफा देने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था।

एमबीए, बीएड, स्नातक व परास्नातक युवाओं ने किया था आवेदन 

पंचायत सहायक की छह हजार रुपये मानदेय वाली नौकरी के लिए एमबीए, एमसीए, इंजीनियरिंग, स्नातक, परास्नातक डिग्रीधारी युवाओं ने आवेदन किए थे। नौकरी की चाहत में बड़े नेताओं और जनप्रतिनिधियों की सिफारिश भी लगवाई गई। मगर, जब जमीनी हकीकत सामने आई तो कई का मोहभंग हो रहा है। 
 

इन ग्राम पंचायत सहायकों ने दिया इस्तीफा

ब्लाक    गांव
बागपत    हमीदाबाद, सूजरा, दोझा नंगला, चौहलदा, अहेड़ा, खेड़ा इस्लामपुर, बली, चौपड़ा महेशपुर।
खेकड़ा      घिटौरा, डगरपुर, सिनौली तगा, महरमपुर।
बिनौली    दाहा, कनवाड़ा।
पिलाना    तिलपनी, मुकुंदपुर आंगटी, पिलाना।
बड़ौत       बिराल             

चयनित 244 में से 18 पंचायत सहायकों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। फिलहाल इनके स्थान पर दूसरे युवाओं को मौका दे दिया गया है। ज्यादातर रिक्त पद भर दिए गए है और अन्य प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई है। जो रह गया है, उसकी प्रक्रिया विधानसभा चुनाव की मतगणना के बाद शुरू होगी।
- अमित कुमार त्यागी, डीपीआरओ 

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