एक्सक्लूसिव: 70 रुपये की चालान फार्म बुक की आड़, धड़ल्ले से सप्लाई किए जा रहे सिलिंडर, हजारों बच्चों से खिलवाड़
उत्तर प्रदेश के बागपत में दमकल विभाग से जांच कराए बगैर धड़ल्ले से सिलिंडर सप्लाई किए जा रहे हैं। ऐसा करके बच्चों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। बीते छह दिन में जनपद में ढाई हजार से अधिक सिलिंडर सप्लाई किए जा चुके हैं।
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आग बुझाने वाले सिलिंडर को रिफिल करने वाले 70 रुपये की चालान फार्म बुक की आड़ में हजारों बच्चों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। आपूर्तिकर्ता कमाई के लालच में दमकल विभाग से जांच कराए बिना सिलिंडर सप्लाई कर रहे हैं। इतना ही नहीं जिस चालान के हेड पर दमकल विभाग की मुहर लगती है। उस जगह अपनी मुहर व हस्ताक्षर करके गुमराह कर रहे हैं। बीते छह दिन में जनपद में ढाई हजार से अधिक सिलिंडर सप्लाई किए जा चुके हैं।
चमरावल के रॉयल कान्वेंट इंटर कॉलेज में छात्र आयुष की मौत के बाद जिला प्रशासन ने सख्ती कर दी है। स्कूलों में मान्यता से लेकर अग्निशमन यंत्रों तक की जांच की जा रही है। वहीं, स्कूल संचालक भी मानक पूरा करने में जुुटे हैं। जनपद में कुछ स्कूलों को छोड़ बाकी में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में स्कूल संचालक रातोंरात अग्निशमन सिलिंडरों को दुरुस्त करने में जुुटे हैं।
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इसका लाभ आग बुझाने वाले सिलिंडरों को रिफिल करने वाले उठा रहे हैं। ऐसा करके वे बच्चों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। स्कूलों व अस्पतालों से सिलिंडरों की मांग देखते हुए ये लोग बिना दमकल विभाग से जांच कराए सिलिंडर सप्लाई कर रहे हैं। इससे भी हैरानी की बात यह है कि जिस चालान फार्म पर दमकल विभाग की मुहर व सिलिंडर के दुरुस्त होने की पुष्टि करने वाले अधिकारी के हस्ताक्षर होते हैं। वहां रिफिलिंग करने वाले लोग अपनी मुहर व हस्ताक्षर कर रहे हैैं।
बढ़ा दिए रिफिलिंग के रेट
चमरावल के रॉयल कान्वेंट इंटर कॉलेज में हादसे के बाद जिला प्रशासन सख्त हुआ तो आग बुझाने वाले सिलिंडरों की डिमांड बढ़ गई है। ऐसे मेें रिफिलिंग का रेट भी बढ़ा दिया है। सिलिंडर रिफिलिंग रेट 400 से बढ़ाकर 750 रुपये का रेट कर दिया है।
ये बोले एफएसओ
एफएसओ दुष्यंत शर्मा का कहना है कि रिफिलिंग करने वाले लोग बच्चों के जीवन से खिलवाड़ कर हैं। जांचकर्ता के हस्ताक्षर व मुहर बिना सिलिंडर सप्लाई करना अपराध है। स्कूूलों व अस्पतालों की जांच के दौरान कई ऐसे मामले पकड़े गए। वहां रिफिल करने वालों ने विभाग की मुहर व हस्ताक्षर की बजाए चालान हेड पर अपनी मुहर व हस्ताक्षर कर रखे हैं। यह मामला डीएम व एसपी के समक्ष रखा जाएगा। जिससे ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।