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उत्खनन शुरू, ट्रैंच के लिए खोदा गड्ढा
ब्यूरो/अमर उजाला, बिनौली
Updated Fri, 12 Jan 2018 12:23 AM IST
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बरनावा के लाक्षागृह के पास उत्खनन करते पुरातत्व विभाग के अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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महाभारतकालीन बताए जाने वाले लाखा मंडप टीले के पास हिंडन नदी के किनारे पुरातत्व विभाग की टीम ने उत्खनन शुरू कर दिया है। इस भूभाग को खुदाई के लिए चयनित किया गया है, उसके एक किनारे पर गड्ढ़ा खोदा गया है। खुदाई का कार्य करीब तीन माह तक चलने की संभावना जताई जा रही है।
बरनावा में हिंडन किनारे उत्खनन कार्य का उद्घाटन उत्खनन शाखा द्वितीय पुराना किला के अधीक्षक पुरातत्वविद डा. अरविन मंजुल और पुरातत्व संस्थान के निदेशक डॉ एसके मंजुल ने किया था।
बृहस्पतिवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम के निर्देशन में मजदूरों ने खुदाई का कार्य किया। जिस जगह का चयन किया गया है, उसके एक किनारे पर पहले दिन गड्ढ़ा खोदा गया है।
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गड्ढे खोदकर ट्रैंच तैयार किए जा रहे हैं। मैदान में इसी तरह कईं गड्ढे खोदे जाएंगे। खुदाई के दौरान कोई उल्लेखनीय चीजें अभी तक नहीं मिली है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग उत्खनन शाखा द्वितीय और भारतीय पुरातत्व संस्थान लाल किला की संयुक्त टीम उत्खनन करेगी।
डॉ एसके मंजुल को उत्खनन के लिए लाइसेंस मिला है। जिस जगह को उत्खनन के लिए चुना गया है, वहां पर बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिस भूतल का चयन किया गया है, उसके चारों तरफ तारबंदी कर दी गई है। उत्खनन के प्रति जिज्ञासा को लेकर आसपास के गांव के ग्रामीण भी यहां दिनभर जमा रहे।
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बरनावा में हिंडन किनारे उत्खनन कार्य का उद्घाटन उत्खनन शाखा द्वितीय पुराना किला के अधीक्षक पुरातत्वविद डा. अरविन मंजुल और पुरातत्व संस्थान के निदेशक डॉ एसके मंजुल ने किया था।
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बृहस्पतिवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम के निर्देशन में मजदूरों ने खुदाई का कार्य किया। जिस जगह का चयन किया गया है, उसके एक किनारे पर पहले दिन गड्ढ़ा खोदा गया है।
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गड्ढे खोदकर ट्रैंच तैयार किए जा रहे हैं। मैदान में इसी तरह कईं गड्ढे खोदे जाएंगे। खुदाई के दौरान कोई उल्लेखनीय चीजें अभी तक नहीं मिली है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग उत्खनन शाखा द्वितीय और भारतीय पुरातत्व संस्थान लाल किला की संयुक्त टीम उत्खनन करेगी।
डॉ एसके मंजुल को उत्खनन के लिए लाइसेंस मिला है। जिस जगह को उत्खनन के लिए चुना गया है, वहां पर बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिस भूतल का चयन किया गया है, उसके चारों तरफ तारबंदी कर दी गई है। उत्खनन के प्रति जिज्ञासा को लेकर आसपास के गांव के ग्रामीण भी यहां दिनभर जमा रहे।