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जल्दी घोषित हो परीक्षा परिणाम ताकि अच्छे कॉलेज में मिले दाखिला
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जल्दी घोषित हो परीक्षा परिणाम, ताकि अच्छे कॉलेज में मिले दाखिला
बड़ौत। यूपी बोर्ड का परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए 10वीं और 12वीं बोर्ड के मूल्यांकन का फार्मूला जारी किया। इस पर छात्र-छात्राओं ने मिली - जुली प्रतिक्रिया दी। फार्मूले के अनुसार दसवीं का रिजल्ट कक्षा नौ और 10वीं के प्री-बोर्ड के परिणाम के नंबर से तैयार होगा। 12वीं का रिजल्ट 10वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षा के परिणाम और 12वीं के प्री-बोर्ड को मिलाकर तैयार किया जाएगा। छात्रों ने कहा सरकार जल्द परीक्षा परिणाम घोषित कराए, ताकि अच्छे स्कूलों में उन्हें दाखिला मिल सके।
ये हैं छात्राओं की प्रतिक्रियाएं
परीक्षा देने का विचार नहीं
छात्रा साक्षी का कहना है कि परीक्षा की तैयारी को जमकर मेहनत की थी, लेकिन परीक्षा पहले टलती गई। इससे तैयारी भी रुक गई। अब तैयारी को समय भी काफी हो गया। अब सरकार के फार्मूला पर ही पूरी तरह सहमत है। परीक्षा देने का विचार नहीं है।
सरकार के निर्णय को उचित बताया
शगुन का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं सहित अन्य परीक्षाओं में अब पिछली कक्षाओं में पास होने का प्रतिशत खास मायने नहीं रखता है। कोरोना महामारी को लेकर सरकार के इस निर्णय से मैं पूरी तरह से सहमत हूं।
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ये बोले शिक्षक----
सरकार ने सोच समझकर फैसला लिया
श्रीराम शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजीव तोमर का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखकर काफी सोच समझकर यह फैसला लिया है, हालांकि मेधावी परीक्षार्थियों को इससे कुछ परेशान है। हालांकि परीक्षा देने का भी विकल्प खुला है, मगर जो हौसला बोर्ड परीक्षा को लेकर होता है, वह विकल्प के रूप में दी गई परीक्षा के दौरान नहीं हो सकता।
जो फार्मूला लागू किया है वह ठीक है
़शिक्षक योगेश राणा का कहना है कि बोर्ड की परीक्षा को लेकर विद्यार्थी अन्य परीक्षाओं की अपेक्षा अधिक मेहनत से पढ़ाई करते हैं। कोरोना महामारी के चलते परीक्षाएं न करा पाने पर सरकार ने जो फार्मूला लागू किया है वह ठीक है। इसके अलावा परीक्षा देने का भी विकल्प दिया है। अगर जो विद्यार्थी फार्मूला से संतुष्ट नहीं है यह परीक्षा दे सकते हैं।
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बड़ौत। यूपी बोर्ड का परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए 10वीं और 12वीं बोर्ड के मूल्यांकन का फार्मूला जारी किया। इस पर छात्र-छात्राओं ने मिली - जुली प्रतिक्रिया दी। फार्मूले के अनुसार दसवीं का रिजल्ट कक्षा नौ और 10वीं के प्री-बोर्ड के परिणाम के नंबर से तैयार होगा। 12वीं का रिजल्ट 10वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षा के परिणाम और 12वीं के प्री-बोर्ड को मिलाकर तैयार किया जाएगा। छात्रों ने कहा सरकार जल्द परीक्षा परिणाम घोषित कराए, ताकि अच्छे स्कूलों में उन्हें दाखिला मिल सके।
ये हैं छात्राओं की प्रतिक्रियाएं
परीक्षा देने का विचार नहीं
छात्रा साक्षी का कहना है कि परीक्षा की तैयारी को जमकर मेहनत की थी, लेकिन परीक्षा पहले टलती गई। इससे तैयारी भी रुक गई। अब तैयारी को समय भी काफी हो गया। अब सरकार के फार्मूला पर ही पूरी तरह सहमत है। परीक्षा देने का विचार नहीं है।
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सरकार के निर्णय को उचित बताया
शगुन का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं सहित अन्य परीक्षाओं में अब पिछली कक्षाओं में पास होने का प्रतिशत खास मायने नहीं रखता है। कोरोना महामारी को लेकर सरकार के इस निर्णय से मैं पूरी तरह से सहमत हूं।
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ये बोले शिक्षक----
सरकार ने सोच समझकर फैसला लिया
श्रीराम शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजीव तोमर का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखकर काफी सोच समझकर यह फैसला लिया है, हालांकि मेधावी परीक्षार्थियों को इससे कुछ परेशान है। हालांकि परीक्षा देने का भी विकल्प खुला है, मगर जो हौसला बोर्ड परीक्षा को लेकर होता है, वह विकल्प के रूप में दी गई परीक्षा के दौरान नहीं हो सकता।
जो फार्मूला लागू किया है वह ठीक है
़शिक्षक योगेश राणा का कहना है कि बोर्ड की परीक्षा को लेकर विद्यार्थी अन्य परीक्षाओं की अपेक्षा अधिक मेहनत से पढ़ाई करते हैं। कोरोना महामारी के चलते परीक्षाएं न करा पाने पर सरकार ने जो फार्मूला लागू किया है वह ठीक है। इसके अलावा परीक्षा देने का भी विकल्प दिया है। अगर जो विद्यार्थी फार्मूला से संतुष्ट नहीं है यह परीक्षा दे सकते हैं।