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Baghpat News: ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे के किनारे पर हुआ कटान
Thu, 20 Jul 2023 12:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Thu, 20 Jul 2023 12:48 AM IST
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बागपत/रटौल। देश के सबसे आधुनिक ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे के किनारे बारिश से भारी कटान हुआ है। इससे दीवारों में दरारें आने लगी है। एक्सप्रेस वे टूटने से सरिये निकलने लगे हैं। एक्सप्रेस की हालत खराब होने से हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। इसके बावजूद अधिकारी उसपर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बारिश के कारण एक्सप्रेस वे के किनारों से मिट्टी कटान होने लगा है। जिससे दीवारें धंसने के कारण दरार आने लगी है तो अंडरपास में कई जगह दरार आ गई है। इससे अंडरपास क्षतिग्रस्त होने के कारण गिरने का डर सता रहा है। वहीं किनारों पर भी काफी स्थिति खराब है। ऐसे में वाहन चालकों के लिए परेशानी बढ़ गई है। इसके अलावा एक्सप्रेस वे जगह-जगह से उखड़ गया है और उसमें गड्ढे होने के साथ ही सरिये तक निकलने लगे है। अंडरपास के ऊपर सबसे बुरा हाल है और वहां सबसे ज्यादा गड्ढे हो गए है। किनारों से एक्सप्रेस वे कई जगह धंस भी गया है। ऐसे में वाहन तेजगति में होने पर अनियंत्रित होने पर हादसा होने का डर है।
रोजाना गुजरते है एक लाख से अधिक वाहन
देश के सबसे आधुनिक कुंडली-गाजियाबाद-पलवल ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे का निर्माण करीब पांच हजार करोड़ की लागत से हुआ था। दिल्ली से वाहनों का बोझ कम करके जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बनाया गया एक्सप्रेस वे एक्सिस कंट्रोल है। इससे पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड़, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, गुजरात, दिल्ली के करीब एक लाख से अधिक वाहन रोजाना गुजरते हैं। लेकिन इस एक्सप्रेस वे पर अब सफर करना खतरनाक है।
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मैं अभी मीटिंग में आया हुआ हूं। इस बारे में जानकारी नहीं है और इसके बारे में दिखवाया जाएगा। एक्सप्रेस वे को जल्द ठीक कराया जाएगा। - अरविंद सिंह, परियोजना निदेशक एनएचएआई
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बारिश के कारण एक्सप्रेस वे के किनारों से मिट्टी कटान होने लगा है। जिससे दीवारें धंसने के कारण दरार आने लगी है तो अंडरपास में कई जगह दरार आ गई है। इससे अंडरपास क्षतिग्रस्त होने के कारण गिरने का डर सता रहा है। वहीं किनारों पर भी काफी स्थिति खराब है। ऐसे में वाहन चालकों के लिए परेशानी बढ़ गई है। इसके अलावा एक्सप्रेस वे जगह-जगह से उखड़ गया है और उसमें गड्ढे होने के साथ ही सरिये तक निकलने लगे है। अंडरपास के ऊपर सबसे बुरा हाल है और वहां सबसे ज्यादा गड्ढे हो गए है। किनारों से एक्सप्रेस वे कई जगह धंस भी गया है। ऐसे में वाहन तेजगति में होने पर अनियंत्रित होने पर हादसा होने का डर है।
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रोजाना गुजरते है एक लाख से अधिक वाहन
देश के सबसे आधुनिक कुंडली-गाजियाबाद-पलवल ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे का निर्माण करीब पांच हजार करोड़ की लागत से हुआ था। दिल्ली से वाहनों का बोझ कम करके जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बनाया गया एक्सप्रेस वे एक्सिस कंट्रोल है। इससे पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड़, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, गुजरात, दिल्ली के करीब एक लाख से अधिक वाहन रोजाना गुजरते हैं। लेकिन इस एक्सप्रेस वे पर अब सफर करना खतरनाक है।
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मैं अभी मीटिंग में आया हुआ हूं। इस बारे में जानकारी नहीं है और इसके बारे में दिखवाया जाएगा। एक्सप्रेस वे को जल्द ठीक कराया जाएगा। - अरविंद सिंह, परियोजना निदेशक एनएचएआई