बागपत/बड़ौत। निजीकरण के विरोध में मंगलवार को दूसरे दिन भी ऊर्जा निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों विरोध प्रदर्शन जारी रहा। उन्होंने दूसरे दिन भी धरना देकर समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।
उनका कहना था कि सरकार निगम के कर्मचारियों के हक में काम करने के बजाए विभाग का निजीकरण करने के प्रयास में लगी है। उन्होंने बिजली कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन प्रणाली लागू करने, निजीकरण की सभी प्रक्रिया निरस्त करने और ग्रेटर नोएडा का निजीकरण व आगरा का फ्रेंचाइजी करार रद्द करने, केरल के केएसईबी लिमिटेड की तर्ज पर प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण कर यूपीएसईबी का गठन करने और तेलंगाना की तरह ऊर्जा निगम में कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित करने के साथ वेतन विसंगतियों का निस्तारण कर संवर्गों को तीन पदोन्नति पद के समयबद्ध वेतनमान दिया जाने की मांग की। धरने में उपखंड अधिकारी राणा प्रताप, अमित कुमार, अवर अभियंता विकास कुमार, पवन कुमार, गुलशन कुमार, राकेश ढाका, आलोक कुमार, प्रदीप गुप्ता, आरिफ चौहान, नरेन्द्र, राजेश कुमार, गणेश, विकास कुमार व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद