विद्युत कर्मियों की हड़ताल: बिजली दफ्तरों पर ताले, बागपत में 450 घरों की बत्ती गुल, मोबाइल -इनवर्टर हुए ठप
Electrical workers strike: बिजली कर्मचारियों की हडताल का असर दिखने लगा है। फाल्ट व ट्रिपिंग से उद्यमी परेशान हैं। बागतप के बड़ौत सीएचसी व आवासीय परिसर में भी बिजली गुल
है। वहीं मोबाइल से लेकर इन्वर्टर तक सभी ठप हो गए हैं। ऐसे में जेरनेटर से चलाकर काम किया जा रहा है।
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उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में बिजली कर्मचारियों की हडताल का असर शनिवार को साफ नजर आया। जिले के 30 से 35 गांवों में किसी न किसी कारण से बिजली की आपूर्ति बंद हो गई। वही पूरी रात बड़ौत नगर की गांधी व गुराना रोड पर बिजली ठप हो जाने से 450 घरों में अंधेरा छा रहा। बागपत भी बार बार बिजली आपूर्ति बाधित रही।
उधर हड़ताल और व्यवस्था प्रभावित होने का असर औद्योगिक इकाइयों के उत्पादन पर भी पड़ा है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के पदाधिकारियों का दावा है कि औद्योगिक क्षेत्र में इकाइयां ठप रही हैं। कुछ इकाइयां ऐसी हैं, जिनका उत्पादन बेहद कम है। क्योंकि औद्योगिक क्षेत्र में भी फॉल्ट, ट्रिपिंग की समस्या बनी रही।
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कन्वीनर आईआई ए एंव जिलाध्यक्ष इंडस्ट्रीज ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन डॉ. योगेश कुमार जिंदल कन्वीनर का दावा है कि फाल्ट व ट्रिपिंग से औद्योगिक इकाइयों का उत्पादन प्रभावित हुआ। दूसरी तरफ प्रशासन ने आपूर्ति व्यवस्था को बहाल रखने का प्रयास किया, लेकिन। किसी क्षेत्र में दस घंटे तो कहीं बीस से पच्चीस घंटे से बिजली नहीं है। शिकायत करने के बाद भी जनता को राहत नहीं मिल पा रही। अधिकारी भी हड़ताल का हवाला देते हुए लाचारी जता रहे हैं। साथ ही दावा कर रहे हैं कि हर समस्या का समाधान किया गया है।
मोबाइल हो गया बंद, इनवर्टर ने दिया जवाब
नगर की गांधी रोड व गुराना रोड पर तकरीबन रात 11 बजे अचानक बिजली गुल हो गई। जिससे लगभग 450 मकानों की बिजली गुल होने से घरों में अंधेरा छा गया। इससे मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो सका। इन्वर्टर भी जवाब दे गया। पावर बैंक भी फेल हो गए।
उधर, कोताना रोड पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ौत के अलावा आवासीय परिसर अस्पताल में भी बिजली गुल रही। सीएचसी में जनरेटर चलाकर ही कार्य किया जा रहा है।