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जिले में पहुंचे आठ सौ प्रवासियों की घर वापसी

Wed, 06 May 2020 10:03 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2020 10:03 PM IST
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Eight hundred migrants return home in the district
धन्यवाद योगी जी.... बागपत के सम्राट पृथ्वीराज डिग्री कालेज से अपने गांव रवाना होने से पहले उत्तर प् - फोटो : BAGHPAT
बागपत। हरियाणा, राजस्थान और पंजाब से विभिन्न रास्तों के जरिए जिले में पहुंचे आठ सौ प्रवासियों की घर वापसी के इंतजाम किए गए। डीएम शकुंतला गौतम और एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव ने रेस्पांस सेंटरों का दौरा किया। कामगारों से सोशल डिस्टेंस का पालन करने की बात कही।
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नगर के एसपीसी डिग्री कॉलेज में हरियाणा और राजस्थान से 459 प्रवासी पहुंचे। विभिन्न रास्तों से आए इन प्रवासियों के खाने पीने का इंतजाम किया गया। इसके बाद बसों की व्यवस्था कर इनका रूट बनाकर घर भेजे गए। स्यादवाद के स्क्रीनिंग सेंटर पर 148 और लख्मीचंद पटवारी कॉलेज मेें करीब 110 प्रवासी ठहराए गए। एसपीसी डिग्री कॉलेज के आश्रय स्थल में डीएम शकुंतला गौतम ने सीएचसी अधीक्षक डॉ विभाष राजपूत को थर्मल स्कैनिंग, एसडीएम रामनयन सिंह और तहसीलदार प्रसून कश्यप को मजदूरों के लिए खाने के पैकेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। लख्मीचंद पटवारी कालेज का निरीक्षण कर स्वास्थ्य विभाग को सभी की थर्मल स्कैनिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेरिफेरल एवं जिले की सीमाओं का निरीक्षण कर पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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घर वापसी पर जताई खुशी
बागपत। हरियाणा और राजस्थान से लौटे मजदूरों ने घर वापसी के इंतजाम किए जाने पर खुशी जताई। मजदूर रामे व चांद का कहना था कि हरियाणा से बागपत तक पहुंचने में बागपत में पूरा सहयोग मिला है। अन्य किसी जिले में उन्हें किसी भी प्रकार कर सहयोग नहीं मिला है।
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ईपीई से गुजर रहे प्रवासी
चांदीनगर। ईस्टर्न पेरीफेरल हाईवे से भी मजदूरों का गुजरना जारी है। पैरों के छाले और थकान भी उनका जज्बा कम नहीं कर पा रही है। हरियाणा से हरदोई, संभल जाने वाले मजदूरों ने बिस्किट व पानी के सहारे मीलों का सफर तय कर दिया है। हरदोई के राममूर्ति, विसन, रावण, काजल, अवनी कुंडली हरियाणा मे फैक्ट्री मे काम करते थे और लॉकडाउन होने के बाद एक माह से फंसे हुए थे। भूखे मरने की नौबत आने पर वह पैदल ही अपने घरों के लिए चल दिए और पानी व बिस्किट के सहारे वह अपना सफर शुरू कर दिया। पावों मे छाले पड़ चुके है, चेहरे पर थकान है, मगर घर पहुंचने का जज्बा अभी भी कायम है। रेवाड़ी में खेती करने वाले संभल के छत्रपाल, हरपाल, जगपाल, शोराज, मिर्जापुर के राकेश महीपाल, सोनभद्र के ओमप्रकाश, प्रियांशु, दीपक रामबाबू, रजनीश का हाईवे से गुजरना जारी है।
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