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आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब रोचक ढंग से मिलेगी शिक्षा
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बड़ौत। आंगनबाड़ी केंद्र जल्द ही प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में संचालित होंगे। इन अपडेट आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्कूल की तरह बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग तथा बेसिक शिक्षा विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। इसके बाद सभी ब्लॉक की तीन-तीन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। नए शैक्षिक सत्र से आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ाई-लिखाई शुरू हो सकती है।
शासन की मंशा है कि प्री प्राइमरी की तर्ज पर आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालित होने से बच्चों का बौद्धिक, सामाजिक, भावनात्मक व रचनात्मक विकास हो। इससे अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। प्राइमरी की नर्सरी तैयार करनी है। इसके लिए जल्द आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री-प्राइमरी कक्षाओं का संचालन शुरू होगा।
बच्चों को रोचक तरीके से मिलेगी शिक्षा
तहसील क्षेत्र में 761 आंगनबाड़ी केंद्रों में 15 हजार 631 बच्चे पंजीकृत हैं। नई व्यवस्था के तहत स्कूल नहीं जाने वाले छह वर्ष तक के बच्चों को केंद्रों पर रोचक तरीके से स्कूल पूर्व शिक्षा दी जाएगी। इस दौरान उन्हें पिक्चर चार्ट, एक्टिविटी शीट, प्लास्टिक बॉल, फ्रू्ट टॉय, वेजिटेबल टॉय, डोमेस्टिक एनिमल टॉय, समुद्री जानवरों का खिलौना, फेस माक्स, अल्फाबेट सेट्स देकर बच्चों को रोचक तरीके से शिक्षित किया जाएगा।
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ये बोलीं सीडीपीओ
सीडीपीओ बड़ौत सारधा देवी व सीडीपीओ छपरौली ने बताया कि सोमवार से प्री प्राइमरी स्कूल के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें प्री-प्राइमरी कक्षाओं के महत्व व संचालन के गुर सिखाए जाएंगे। अर्ली चाइल्ड केयर एजूकेशन ईसीसीई के तहत टीचिंग लर्निंग मैटेरियल बनाने की जानकारी दी जाएगी।
ये हैं आंगनबाड़ी केंद्र
बड़ौत- 384
छपरौली-162
बिनौली-215
ये हैं लाभार्थी बच्चे
बड़ौत- 5600
छपरौली-4214
बिनौली-5817
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शासन की मंशा है कि प्री प्राइमरी की तर्ज पर आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालित होने से बच्चों का बौद्धिक, सामाजिक, भावनात्मक व रचनात्मक विकास हो। इससे अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। प्राइमरी की नर्सरी तैयार करनी है। इसके लिए जल्द आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री-प्राइमरी कक्षाओं का संचालन शुरू होगा।
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बच्चों को रोचक तरीके से मिलेगी शिक्षा
तहसील क्षेत्र में 761 आंगनबाड़ी केंद्रों में 15 हजार 631 बच्चे पंजीकृत हैं। नई व्यवस्था के तहत स्कूल नहीं जाने वाले छह वर्ष तक के बच्चों को केंद्रों पर रोचक तरीके से स्कूल पूर्व शिक्षा दी जाएगी। इस दौरान उन्हें पिक्चर चार्ट, एक्टिविटी शीट, प्लास्टिक बॉल, फ्रू्ट टॉय, वेजिटेबल टॉय, डोमेस्टिक एनिमल टॉय, समुद्री जानवरों का खिलौना, फेस माक्स, अल्फाबेट सेट्स देकर बच्चों को रोचक तरीके से शिक्षित किया जाएगा।
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ये बोलीं सीडीपीओ
सीडीपीओ बड़ौत सारधा देवी व सीडीपीओ छपरौली ने बताया कि सोमवार से प्री प्राइमरी स्कूल के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें प्री-प्राइमरी कक्षाओं के महत्व व संचालन के गुर सिखाए जाएंगे। अर्ली चाइल्ड केयर एजूकेशन ईसीसीई के तहत टीचिंग लर्निंग मैटेरियल बनाने की जानकारी दी जाएगी।
ये हैं आंगनबाड़ी केंद्र
बड़ौत- 384
छपरौली-162
बिनौली-215
ये हैं लाभार्थी बच्चे
बड़ौत- 5600
छपरौली-4214
बिनौली-5817