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हाइवे पर चार घंटे हंगामा, जेसीबी के शीशे तोड़े और पुलिस ने दिखाई बर्बरता
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दर ल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित सिसाना गांव में नाला निर्माण व रेन वाटर हार्वेस्टिंग हंगामा कर रही ?
- फोटो : BAGHPAT
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हाईवे पर हंगामा, तोड़फोड़, पुलिस ने महिलाओं को घसीटा
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का कर रहे थे विरोध, चार घंटे तक घमासान
महिलाओं ने जेसीबी के शीशे तोड़े, सड़क पर लेट गईं, नौ लोग हिरासत में
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर सिसाना गांव में नाले के बीच वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने के विरोध में हंगामा खड़ा हो गया। ग्रामीण हाईवे पर उतर आए। महिलाओं ने जेसीबी मशीन पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए। पुलिसकर्मियों और महिलाओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। चार घंटे तक हंगामा चलता रहा। पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को घसीटते हुए गाड़ी में डाला। इसके विरोध में कई महिलाएं सड़क पर लेट गईं। पुलिस ने नौ ग्रामीणों को हिरासत में लिया है।
सिसाना में हाईवे पर बनाए गए नाले के पानी की निकासी नहीं है। पानी हाईवे पर भर जाता है। इसको लेकर पहले भी हंगामा हो चुका है। जलनिकासी के लिए नाले के बीच एनएचएआई ने ठेकेदार कंपनी को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए थे। निर्माण कंपनी के कर्मचारी जेसीबी लेकर बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे सिसाना पहुंचे। भनक लगते ही महिलाएं और अन्य ग्रामीण मौके पर जुट गए। ग्रामीणों का कहना था कि वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जरिये नाले का गंदा पानी भूजल में मिल जाएगा और इसके बाद वह गांव के घरों में पहुंच जाएगा। ग्रामीण बीमार होंगे और फसलों को भी नुकसान होगा। निर्माण शुरू होते ही गुस्साई महिलाओं ने जेसीबी पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए।
सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने हंगामा कर रहीं महिलाओं को हटाने का प्रयास किया, लेकिन वे डटी रहीं। पुलिसकर्मियों और महिलाओं के बीच धक्का मुक्की हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने गालीगलौज भी की। एसडीएम अनुभव कुमार, सीओ सदर ओमपाल सिंह, कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र पाल सिंह मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से बातचीत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकला। बाद में पुलिस ने हंगामा कर रहे ग्रामीणों और महिलाओं को हिरासत में ले लिया और कोतवाली ले आए।
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ग्रामीणों ने किया मिट्टी उठाने का विरोध
ग्रामीणों का कहना था कि बरसात और गांव का पानी नाले में बहता है। नाले की बगल में मिट्टी लगाकर खेत में पानी जाने से रोका गया है। अगर यह मिट्टी हटाई तो खेतों में पानी भर जाएगा। जबकि जेसीबी चालक ने मिट्टी हटाकर नाले का पानी रोकने के लिए डालनी शुरू कर दी थी। इसी पर हंगामा शुरू हुआ। महिलाओं ने मांग रखी कि प्रशासन को लिखित में आश्वासन देना चाहिए कि नाले और मिट्टी को दोबारा वर्तमान स्थिति में किया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने भूगर्भ जल का मुद्दा उठाया।
महिलाओं को खींचा, तमाशबीन बने रहे अधिकारी
हंगामे और धक्का-मुक्की के बीच पुलिस ने बर्बरता दिखाई। एक बुजुर्ग महिला की गर्दन को पकड़कर खींचा। बुजुर्ग महिला ने अपनी बीमारी का हवाला दिया, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी। कई महिलाओं को घरों से खींचकर हाईवे तक लाया गया। खींचतान में महिलाओं के कपड़े तक फट गए। इस दौरान पुलिस-प्रशासन के अधिकारी तमाशबीन बने रहे।
मां को कुछ हुआ तो जान दे दूंगी
जब महिलाओं को घसीटा जा रहा था तो एक किशोरी ने चीख-चीखकर कहा कि अगर उसकी मां को कुछ हुआ तो वह जान दे देगी। उसकी मौत की जिम्मेदार पुलिस होगी।
किसने क्या कहा
एसडीएम अनुभव कुमार का कहना है कि जलनिकासी की व्यवस्था की जा रही थी। विरोध कर रहे लोगों को मौके से हटाया गया है। किसी तरह की खींचतान नहीं की गई है।
सीओ सदर ओमपाल सिंह का कहना है कि हंगामा कर रहे नौ लोगों को पुलिस लेकर आई है। सरकारी कार्य में बाधा डाली गई है, इस वजह से पुलिस ने सख्ती दिखाई है।
जलनिकासी के लिए जगह-जगह हार्वेस्टिंग सिस्टम
हाईवे निर्माण कर रहे ठेकेदार देवेंद्र कुमार का कहना है कि जहां-जहां जलनिकासी की समस्या है, वहां पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इसके लिए बोरिंग किया जाना है। गाइडलाइन के अनुसार ही कार्य किया जा रहा है। हाईवे पर अन्य जगहों को भी चिह्नित कर यह काम किया जाना है।
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दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का कर रहे थे विरोध, चार घंटे तक घमासान
महिलाओं ने जेसीबी के शीशे तोड़े, सड़क पर लेट गईं, नौ लोग हिरासत में
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर सिसाना गांव में नाले के बीच वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने के विरोध में हंगामा खड़ा हो गया। ग्रामीण हाईवे पर उतर आए। महिलाओं ने जेसीबी मशीन पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए। पुलिसकर्मियों और महिलाओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। चार घंटे तक हंगामा चलता रहा। पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को घसीटते हुए गाड़ी में डाला। इसके विरोध में कई महिलाएं सड़क पर लेट गईं। पुलिस ने नौ ग्रामीणों को हिरासत में लिया है।
सिसाना में हाईवे पर बनाए गए नाले के पानी की निकासी नहीं है। पानी हाईवे पर भर जाता है। इसको लेकर पहले भी हंगामा हो चुका है। जलनिकासी के लिए नाले के बीच एनएचएआई ने ठेकेदार कंपनी को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए थे। निर्माण कंपनी के कर्मचारी जेसीबी लेकर बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे सिसाना पहुंचे। भनक लगते ही महिलाएं और अन्य ग्रामीण मौके पर जुट गए। ग्रामीणों का कहना था कि वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जरिये नाले का गंदा पानी भूजल में मिल जाएगा और इसके बाद वह गांव के घरों में पहुंच जाएगा। ग्रामीण बीमार होंगे और फसलों को भी नुकसान होगा। निर्माण शुरू होते ही गुस्साई महिलाओं ने जेसीबी पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए।
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सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने हंगामा कर रहीं महिलाओं को हटाने का प्रयास किया, लेकिन वे डटी रहीं। पुलिसकर्मियों और महिलाओं के बीच धक्का मुक्की हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने गालीगलौज भी की। एसडीएम अनुभव कुमार, सीओ सदर ओमपाल सिंह, कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र पाल सिंह मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से बातचीत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकला। बाद में पुलिस ने हंगामा कर रहे ग्रामीणों और महिलाओं को हिरासत में ले लिया और कोतवाली ले आए।
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ग्रामीणों ने किया मिट्टी उठाने का विरोध
ग्रामीणों का कहना था कि बरसात और गांव का पानी नाले में बहता है। नाले की बगल में मिट्टी लगाकर खेत में पानी जाने से रोका गया है। अगर यह मिट्टी हटाई तो खेतों में पानी भर जाएगा। जबकि जेसीबी चालक ने मिट्टी हटाकर नाले का पानी रोकने के लिए डालनी शुरू कर दी थी। इसी पर हंगामा शुरू हुआ। महिलाओं ने मांग रखी कि प्रशासन को लिखित में आश्वासन देना चाहिए कि नाले और मिट्टी को दोबारा वर्तमान स्थिति में किया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने भूगर्भ जल का मुद्दा उठाया।
महिलाओं को खींचा, तमाशबीन बने रहे अधिकारी
हंगामे और धक्का-मुक्की के बीच पुलिस ने बर्बरता दिखाई। एक बुजुर्ग महिला की गर्दन को पकड़कर खींचा। बुजुर्ग महिला ने अपनी बीमारी का हवाला दिया, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी। कई महिलाओं को घरों से खींचकर हाईवे तक लाया गया। खींचतान में महिलाओं के कपड़े तक फट गए। इस दौरान पुलिस-प्रशासन के अधिकारी तमाशबीन बने रहे।
मां को कुछ हुआ तो जान दे दूंगी
जब महिलाओं को घसीटा जा रहा था तो एक किशोरी ने चीख-चीखकर कहा कि अगर उसकी मां को कुछ हुआ तो वह जान दे देगी। उसकी मौत की जिम्मेदार पुलिस होगी।
किसने क्या कहा
एसडीएम अनुभव कुमार का कहना है कि जलनिकासी की व्यवस्था की जा रही थी। विरोध कर रहे लोगों को मौके से हटाया गया है। किसी तरह की खींचतान नहीं की गई है।
सीओ सदर ओमपाल सिंह का कहना है कि हंगामा कर रहे नौ लोगों को पुलिस लेकर आई है। सरकारी कार्य में बाधा डाली गई है, इस वजह से पुलिस ने सख्ती दिखाई है।
जलनिकासी के लिए जगह-जगह हार्वेस्टिंग सिस्टम
हाईवे निर्माण कर रहे ठेकेदार देवेंद्र कुमार का कहना है कि जहां-जहां जलनिकासी की समस्या है, वहां पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इसके लिए बोरिंग किया जाना है। गाइडलाइन के अनुसार ही कार्य किया जा रहा है। हाईवे पर अन्य जगहों को भी चिह्नित कर यह काम किया जाना है।