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डीपीआरओ ने विकास कार्यो के अभिलेख तलब किए
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बुढ़ेडा, राजपुर खामपुर व खेड़ा इस्लामपुर के विकास कार्यों में मिली थी अनियमितताएं
तत्कालीन ग्राम प्रधान और सचिव से मांगा गया है जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बुढ़ेडा, राजपुर खामपुर व खेड़ा इस्लामपुर ग्राम पंचायत के सचिव और तत्कालीन ग्राम प्रधान गांव में कराए गए विकास कार्यों की जांच में अनियमितता करने दोषी पाए गए है। अब ग्राम प्रधानों व सचिव से धनराशि की रिकवरी की जाएगी। डीपीआरओ ने बुढेड़ा गांव में वर्ष 2017-18, राजपुर खामपुमर में 2017-18 व खेड़ा इस्लामपुर में 2017-18, 2018-19 के अभिलेख तलब किए है। अभिलेख प्रस्तुत न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बुढ़ेडा, राजपुर खामपुर व खेड़ा इस्लामपुर गांव के सचिव जोनी चौधरी पर गांवों के विकास की धनराशि को इधर से उधर करने का आरोप लगा था। जांच में दोषी पाए जाने पर सचिव को निलंबित कर दिया गया था। जांच के बाद लेखा अधिकारी, सहकारी समितियों एवं पंचायतों ने अपने पत्र में अवगत कराया था कि ग्राम पंचायतों में विगत वर्षों की गई जांच में विकास कार्यों के लिए दी गई धनराशि में अनियमितता के लिए तत्कालीन ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारियों को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। डीपीआरओ अमित कुमार त्यागी ने ग्राम प्रधानों से गांवों में कराए गए विकास कार्यों अभिलेख तलब किए है। उन्होंने बताया कि बुढ़ेडा में वर्ष 2017-18, राजपुर खामपुमर में 2017-18 व खेड़ा इस्लामपुर में 2017-18, 2018-19 के अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। अभिलेख उपलब्ध न कराने पर ग्राम प्रधानों को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई कर रिकवरी की जाएगी।
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तत्कालीन ग्राम प्रधान और सचिव से मांगा गया है जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बुढ़ेडा, राजपुर खामपुर व खेड़ा इस्लामपुर ग्राम पंचायत के सचिव और तत्कालीन ग्राम प्रधान गांव में कराए गए विकास कार्यों की जांच में अनियमितता करने दोषी पाए गए है। अब ग्राम प्रधानों व सचिव से धनराशि की रिकवरी की जाएगी। डीपीआरओ ने बुढेड़ा गांव में वर्ष 2017-18, राजपुर खामपुमर में 2017-18 व खेड़ा इस्लामपुर में 2017-18, 2018-19 के अभिलेख तलब किए है। अभिलेख प्रस्तुत न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बुढ़ेडा, राजपुर खामपुर व खेड़ा इस्लामपुर गांव के सचिव जोनी चौधरी पर गांवों के विकास की धनराशि को इधर से उधर करने का आरोप लगा था। जांच में दोषी पाए जाने पर सचिव को निलंबित कर दिया गया था। जांच के बाद लेखा अधिकारी, सहकारी समितियों एवं पंचायतों ने अपने पत्र में अवगत कराया था कि ग्राम पंचायतों में विगत वर्षों की गई जांच में विकास कार्यों के लिए दी गई धनराशि में अनियमितता के लिए तत्कालीन ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारियों को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। डीपीआरओ अमित कुमार त्यागी ने ग्राम प्रधानों से गांवों में कराए गए विकास कार्यों अभिलेख तलब किए है। उन्होंने बताया कि बुढ़ेडा में वर्ष 2017-18, राजपुर खामपुमर में 2017-18 व खेड़ा इस्लामपुर में 2017-18, 2018-19 के अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। अभिलेख उपलब्ध न कराने पर ग्राम प्रधानों को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई कर रिकवरी की जाएगी।
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