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Baghpat News: होली पर कहीं चेहरे की रंगत न बिगाड़ दें केमिकल वाले रंग
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होली की खबर से संबंधित फोटो। बागपत में बिक्री के लिए रखें रंग। संवाद
बागपत। होली पर केमिकल वाले रंग चेहरे की रंगत न बिगाड़ दें, क्योंकि यह रंग चेहरे के लिए काफी नुकसानदायक रहते है। ऐसे में त्वचा को खराब होने से बचाने के लिए चिकित्सक सरसों व नारियल का तेल लगाने की सलाह दे रहे हैं। वहीं हर्बल रंगों के इस्तेमाल की सलाह दे रहे हैं।
बाजारों से दुकानदारों ने होली पर्व को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। बाजार में ऐसे गुलाल आए हैं, जिसे लगाने पर शरीर में एलर्जी हो सकती है। केमिकल युक्त रंग से त्वचा रोग होने का खतरा अधिक रहता है। बाजार में गुलाल भी तीन प्रकार के हैं। इसे हर्बल बताकर बेचा जाता है। कुछ में मिट्टी की मिलावट होती है। वहीं केमिकल व रंग मिलाकर भी गुलाल तैयार होता है। यह सेहत के लिए खतरनाक होता है। थोक में इसका रेट 15 से 20 रुपये पैकेट बेचा जा रहा है और खुला सौ रुपये किलो तक मिल रहा है। ग्राहक पकड़ न पाए, इसके लिए गुलाल में फ्रेगरेंस मिलाया जाता है, ताकि इसे वह आराम से ले सकें।
- सरसों व नारियल का लगाएं तेल, त्वचा पर नहीं पड़ेगा असर
जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डाॅ. विक्रांत चौबे ने होली पर्व पर त्वचा को बचाने के लिए बचाव की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि होली खेलने से पहले अपने पूरे शरीर पर नारियल या सरसों के तेल की परत लगा लें। इस तेल के इस्तेमाल के बाद त्वचा पर रंग नहीं चढ़ेगा और उससे त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचेगा। इसके अलावा गाढ़ा मॉइश्चराइजर या एलोवेरा जेल की मोटी परत लगाने, 40 एसपीएफ वाला सनस्क्रीन इस्तेमाल कर सकते हैं।
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- जिला अस्पताल व सीएचसी में होली को देखते हुए बैड रिजर्व
होली पर्व को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी तैयारी शुरू कर दी है। सीएमओ डाॅ. तीरथलाल ने बताया कि जिला अस्पताल में 20 बैड के अलावा सभी सीएचसी में दस-दस बेड रिजर्व रखे जाएंगे। यदि कोई घटना होती है तो अस्पताल में भर्ती किया जा सके। वहीं सभी चिकित्सकों की छुट्टी निरस्त कर दी गई है, जिससे आपातकालीन स्थिति में चिकित्सकों को बुलाया जा सके।
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बाजारों से दुकानदारों ने होली पर्व को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। बाजार में ऐसे गुलाल आए हैं, जिसे लगाने पर शरीर में एलर्जी हो सकती है। केमिकल युक्त रंग से त्वचा रोग होने का खतरा अधिक रहता है। बाजार में गुलाल भी तीन प्रकार के हैं। इसे हर्बल बताकर बेचा जाता है। कुछ में मिट्टी की मिलावट होती है। वहीं केमिकल व रंग मिलाकर भी गुलाल तैयार होता है। यह सेहत के लिए खतरनाक होता है। थोक में इसका रेट 15 से 20 रुपये पैकेट बेचा जा रहा है और खुला सौ रुपये किलो तक मिल रहा है। ग्राहक पकड़ न पाए, इसके लिए गुलाल में फ्रेगरेंस मिलाया जाता है, ताकि इसे वह आराम से ले सकें।
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- सरसों व नारियल का लगाएं तेल, त्वचा पर नहीं पड़ेगा असर
जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डाॅ. विक्रांत चौबे ने होली पर्व पर त्वचा को बचाने के लिए बचाव की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि होली खेलने से पहले अपने पूरे शरीर पर नारियल या सरसों के तेल की परत लगा लें। इस तेल के इस्तेमाल के बाद त्वचा पर रंग नहीं चढ़ेगा और उससे त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचेगा। इसके अलावा गाढ़ा मॉइश्चराइजर या एलोवेरा जेल की मोटी परत लगाने, 40 एसपीएफ वाला सनस्क्रीन इस्तेमाल कर सकते हैं।
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- जिला अस्पताल व सीएचसी में होली को देखते हुए बैड रिजर्व
होली पर्व को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी तैयारी शुरू कर दी है। सीएमओ डाॅ. तीरथलाल ने बताया कि जिला अस्पताल में 20 बैड के अलावा सभी सीएचसी में दस-दस बेड रिजर्व रखे जाएंगे। यदि कोई घटना होती है तो अस्पताल में भर्ती किया जा सके। वहीं सभी चिकित्सकों की छुट्टी निरस्त कर दी गई है, जिससे आपातकालीन स्थिति में चिकित्सकों को बुलाया जा सके।