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पटाखे नहीं जलाएं, औषधि के पौधे लगाएं
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एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध
- शिक्षिकाओं ने कहा कि जागरूकता से बचेगा पर्यावरण
फोटो संख्या 15 की सीरीज-बड़ौत से
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत/बड़ौत। पर्यावरण में फैली जहरीली गैस सभी के लिए नुकसानदायक है। स्वस्थ व्यक्ति भी अगर इसकी चपेट में आ जाता है तो उसका स्वास्थ्य भी कमजोर हो जाता है। त्योहारों पर लोगों द्वारा हजारों रुपये के पटाखे जलाए जाते है। इससे आर्थिक नुकसान की तो भरपाई हो जाती है, लेकिन अगर शारीरिक नुकसान होता है तो उसकी भरपाई तो ताउम्र तक नहीं हो पाती। इस पर शिक्षिकाओं ने लोगों को पटाखे न जलाने की अपील की।
- राजकीय कन्या इंटर कॉलेज तुगाना की प्रधानाचार्या कामिनी सिंह ने कहा कि दिवाली पर स्वदेशी चीजें अपनाएं। इको फ्रैंडली होकर दिवाली मनाएं। पटाखे जलाने की बजाए औषधि वाला एक-एक पौधा रोपें। वातावरण शुद्ध करने के लिए यह जरूरी है।
- राजकीय हाईस्कूल सूप की प्रधानाचार्या नीतू का कहना है कि पटाखे नहीं जलाने चाहिए। सरसों का तेल व घी के दीये जलाएं तो अच्छा है। पटाखे और प्लास्टिक जलाने से पर्यावरण को नुकसान होता है। जरूरतमंद की मदद की जा सकती है, इससे प्रत्येक परिवार में खुशी का माहौल बनेगा।
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- माउंट लिट्रा स्कूल की शिक्षिका यशिका वाधवा का कहना है कि वह पिछले चार साल से अपने बच्चों को पटाखे नहीं जलाने दे रहे हैं। इसके साथ ही आसपास के बच्चों को भी पटाखे न जलाने को लेकर प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा पर्यावरण में ज्यादा प्रदूषण फैल रहा है। इस बार सभी ज्यादा से तेल या घी के दीये जलाएं ओर किसी भी तरह का पटाखा न जलाएं। अभिभावकों को सहयोग करना होगा।
- ग्रोवैल स्कूल की शिक्षिका अंशु का कहना है कि पटाखों से पर्यावरण को नुकसान होता है। सभी मिलकर अभियान में हिस्सेदारी करें और पटाखे नहीं जलाएं। शिक्षकों और अभिभावकों का कर्तव्य है कि बच्चों को जागरूक करें। पटाखों से बचाए गए रुपयों को दूसरी जगह प्रयोग कर सकते हैं।
- बिनौली निवासी कक्षा 11 के छात्र नीरज सैनी का कहना है कि पटाखों से परहेज करना चाहिए। सबको मिलकर प्रकृति की रक्षा करनी है।
- अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी मुकेश रुहेला और सुमन रुहेला का कहना है कि पटाखों के बजाए बच्चों को उपहार देने चाहिए।
- रोशनगढ़ निवासी आशीष प्रजापति का कहना है कि पटाखे नहीं जलाने चाहिए। पर्यावरण को नुकसान होता है।
- खट्टा प्रह्लादपुर निवासी वासुदेव व डॉ सेवा गोस्वामी का कहना है कि पटाखे नहीं जलाने चाहिए। जिम्मेदार लोग समाज को जागरूक करें।
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- शिक्षिकाओं ने कहा कि जागरूकता से बचेगा पर्यावरण
फोटो संख्या 15 की सीरीज-बड़ौत से
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत/बड़ौत। पर्यावरण में फैली जहरीली गैस सभी के लिए नुकसानदायक है। स्वस्थ व्यक्ति भी अगर इसकी चपेट में आ जाता है तो उसका स्वास्थ्य भी कमजोर हो जाता है। त्योहारों पर लोगों द्वारा हजारों रुपये के पटाखे जलाए जाते है। इससे आर्थिक नुकसान की तो भरपाई हो जाती है, लेकिन अगर शारीरिक नुकसान होता है तो उसकी भरपाई तो ताउम्र तक नहीं हो पाती। इस पर शिक्षिकाओं ने लोगों को पटाखे न जलाने की अपील की।
- राजकीय कन्या इंटर कॉलेज तुगाना की प्रधानाचार्या कामिनी सिंह ने कहा कि दिवाली पर स्वदेशी चीजें अपनाएं। इको फ्रैंडली होकर दिवाली मनाएं। पटाखे जलाने की बजाए औषधि वाला एक-एक पौधा रोपें। वातावरण शुद्ध करने के लिए यह जरूरी है।
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- राजकीय हाईस्कूल सूप की प्रधानाचार्या नीतू का कहना है कि पटाखे नहीं जलाने चाहिए। सरसों का तेल व घी के दीये जलाएं तो अच्छा है। पटाखे और प्लास्टिक जलाने से पर्यावरण को नुकसान होता है। जरूरतमंद की मदद की जा सकती है, इससे प्रत्येक परिवार में खुशी का माहौल बनेगा।
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- माउंट लिट्रा स्कूल की शिक्षिका यशिका वाधवा का कहना है कि वह पिछले चार साल से अपने बच्चों को पटाखे नहीं जलाने दे रहे हैं। इसके साथ ही आसपास के बच्चों को भी पटाखे न जलाने को लेकर प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा पर्यावरण में ज्यादा प्रदूषण फैल रहा है। इस बार सभी ज्यादा से तेल या घी के दीये जलाएं ओर किसी भी तरह का पटाखा न जलाएं। अभिभावकों को सहयोग करना होगा।
- ग्रोवैल स्कूल की शिक्षिका अंशु का कहना है कि पटाखों से पर्यावरण को नुकसान होता है। सभी मिलकर अभियान में हिस्सेदारी करें और पटाखे नहीं जलाएं। शिक्षकों और अभिभावकों का कर्तव्य है कि बच्चों को जागरूक करें। पटाखों से बचाए गए रुपयों को दूसरी जगह प्रयोग कर सकते हैं।
- बिनौली निवासी कक्षा 11 के छात्र नीरज सैनी का कहना है कि पटाखों से परहेज करना चाहिए। सबको मिलकर प्रकृति की रक्षा करनी है।
- अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी मुकेश रुहेला और सुमन रुहेला का कहना है कि पटाखों के बजाए बच्चों को उपहार देने चाहिए।
- रोशनगढ़ निवासी आशीष प्रजापति का कहना है कि पटाखे नहीं जलाने चाहिए। पर्यावरण को नुकसान होता है।
- खट्टा प्रह्लादपुर निवासी वासुदेव व डॉ सेवा गोस्वामी का कहना है कि पटाखे नहीं जलाने चाहिए। जिम्मेदार लोग समाज को जागरूक करें।