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डीएम ने तलब किए कानूनगो और लेखपाल
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डीएम ने तलब किए कानूनगो और लेखपाल
गढ़ी कलंजरी सेतु मार्ग निर्माण में मुआवजा घोटाला प्रकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। गांव गढ़ी कलंजरी सेतु मार्ग मुआवजे में घोटाले के आरोपों को लेकर जिलाधिकारी सख्त हो गए हैं। उन्होंने मार्ग निर्माण, पैमाइश से जुड़े तत्कालीन व वर्तमान कानूनगो और लेखपाल को सभी अभिलेखों के साथ तलब कर लिया है।
गढ़ी कलंजरी गांव में हिंडन नदी पर बने सेतु के लिए मार्ग निर्माण में सरकारी नवीन परती की खसरा संख्या 342, 348 की भूमि को भी मुआवजे में शामिल करने का आरोप है। नवीन परती की इस भूमि के मुआवजे की करोड़ों की राशि की बंदरबांट का आरोप है। आरटीआई कार्यकर्ता सुधीर धामा ने इस घोटाले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। एसडीएम अजय कुमार ने जांच शुरू करा दी। उन्होंने तहसीलदार यदुवंश कुमार को गढ़ी कलंजरी गांव में मौजूद तमाम नवीन परती और ग्राम समाज की भूमि को चिह्नित करने के निर्देश दिए थे।
मंगलवार को तहसील में शिकायत सुनने पहुंचे डीएम राजकमल यादव ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सेतु मार्ग के नक्शे को देखा, लेकिन वह संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने तत्कालीन व वर्तमान कानूनगो और लेखपालों को सभी अभिलेखों के साथ बागपत कार्यालय तलब किया है। इसमें पूर्व में जांच रिपोर्ट बनाने वाले दो कानूनगो और चार लेखपाल भी शामिल हो सकते हैं।
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गढ़ी कलंजरी सेतु मार्ग निर्माण में मुआवजा घोटाला प्रकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। गांव गढ़ी कलंजरी सेतु मार्ग मुआवजे में घोटाले के आरोपों को लेकर जिलाधिकारी सख्त हो गए हैं। उन्होंने मार्ग निर्माण, पैमाइश से जुड़े तत्कालीन व वर्तमान कानूनगो और लेखपाल को सभी अभिलेखों के साथ तलब कर लिया है।
गढ़ी कलंजरी गांव में हिंडन नदी पर बने सेतु के लिए मार्ग निर्माण में सरकारी नवीन परती की खसरा संख्या 342, 348 की भूमि को भी मुआवजे में शामिल करने का आरोप है। नवीन परती की इस भूमि के मुआवजे की करोड़ों की राशि की बंदरबांट का आरोप है। आरटीआई कार्यकर्ता सुधीर धामा ने इस घोटाले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। एसडीएम अजय कुमार ने जांच शुरू करा दी। उन्होंने तहसीलदार यदुवंश कुमार को गढ़ी कलंजरी गांव में मौजूद तमाम नवीन परती और ग्राम समाज की भूमि को चिह्नित करने के निर्देश दिए थे।
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मंगलवार को तहसील में शिकायत सुनने पहुंचे डीएम राजकमल यादव ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सेतु मार्ग के नक्शे को देखा, लेकिन वह संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने तत्कालीन व वर्तमान कानूनगो और लेखपालों को सभी अभिलेखों के साथ बागपत कार्यालय तलब किया है। इसमें पूर्व में जांच रिपोर्ट बनाने वाले दो कानूनगो और चार लेखपाल भी शामिल हो सकते हैं।
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