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Baghpat News: डीएम ने दो गांवों के प्रधानों को हटाया
Fri, 28 Mar 2025 12:52 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Fri, 28 Mar 2025 12:52 AM IST
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बागपत। हिंदू जुलाहा की जगह कोरी बताकर अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाकर चुनाव लड़कर प्रधान बने लोयन तथा सूरजपुर की प्रधान को कुर्सी गंवानी पड़ी। डीएम अस्मिता लाल ने दोनों गांवों के प्रधानों को हटा दिया। अब वहां पंचायत सदस्यों की समिति कार्य कराएगी। वहीं इस तरह अन्य कई प्रधानों की कुर्सी पर खतरा मंडराता दिख रहा है, क्योंकि इस तरह ही चुनाव लड़कर दस लोग प्रधान बने थे।
सूरजपुर महनवा की प्रधान पिंकी तथा लोयन के प्रधान संत कुमार ने हिंदू जुलाहा की जगह कोरी जाति बताकर अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवा लिया था और चुनाव लड़कर जीत गए थे। दोनों गांवों के प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थे। बाद में दोनों प्रधानों की शिकायत के आधार पर डीएम ने जांच कराई।
शासन के आदेश पर डीएम की अध्यक्षता में बैठक हुई और शिकायतकर्ता व प्रधान दोनों पक्षों को सुना गया। इसके बाद एडीएम की अध्यक्षता में समिति बनी, जिसने इनके कोरी जाति के प्रमाण पत्रों को निरस्त किया था।
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डीपीआरओ अरुण अत्री ने बताया कि जाति प्रमाण पत्र निरस्त होने के बाद दोनों का प्रधान पदों पर बने रहना सही नहीं था। इसलिए अब डीएम अस्मिता लाल ने दोनों गांवों के प्रधानों को पद से हटा दिया है। अब दोनों ग्राम पंचायतों का कार्य संचालित करने को तीन-तीन ग्राम पंचायत सदस्यों की समिति बनाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि समितियां बनवाने को डीएम को प्रस्ताव भेजा जाएगा। गौरतलब है कि अब एक साल बाकी बचा है इसलिए दोनों को प्रधान पद से हटने पर करारा झटका लगा है।
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सूरजपुर महनवा की प्रधान पिंकी तथा लोयन के प्रधान संत कुमार ने हिंदू जुलाहा की जगह कोरी जाति बताकर अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवा लिया था और चुनाव लड़कर जीत गए थे। दोनों गांवों के प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थे। बाद में दोनों प्रधानों की शिकायत के आधार पर डीएम ने जांच कराई।
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शासन के आदेश पर डीएम की अध्यक्षता में बैठक हुई और शिकायतकर्ता व प्रधान दोनों पक्षों को सुना गया। इसके बाद एडीएम की अध्यक्षता में समिति बनी, जिसने इनके कोरी जाति के प्रमाण पत्रों को निरस्त किया था।
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डीपीआरओ अरुण अत्री ने बताया कि जाति प्रमाण पत्र निरस्त होने के बाद दोनों का प्रधान पदों पर बने रहना सही नहीं था। इसलिए अब डीएम अस्मिता लाल ने दोनों गांवों के प्रधानों को पद से हटा दिया है। अब दोनों ग्राम पंचायतों का कार्य संचालित करने को तीन-तीन ग्राम पंचायत सदस्यों की समिति बनाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि समितियां बनवाने को डीएम को प्रस्ताव भेजा जाएगा। गौरतलब है कि अब एक साल बाकी बचा है इसलिए दोनों को प्रधान पद से हटने पर करारा झटका लगा है।