फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Divyang will no longer be fascinated by the hands of others

अब दूसरों के हाथों के मोहताज नहीं रहेंगे दिव्यांग

Sun, 27 Feb 2022 10:37 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 27 Feb 2022 10:37 PM IST
विज्ञापन
Divyang will no longer be fascinated by the hands of others
बड़ौत। अब दूसरों के हाथों का मोहताज नहीं रहना पड़ेगा। कुछ सपने है, जिन्हें पूरा करने की पूरी कोशिश होगी...। यह कहना है कि उन लोगों का, जिन्होंने किसी न किसी हादसे में अपने हाथ खो दिए। रविवार को जब लायंस क्लब के तत्वाधान में आयोजित शिविर में इन लोगों को कृत्रिम हाथ लगाए गए तो चेहरे पर उम्मीद की चमक अलग ही दिखाई दी।
विज्ञापन

नेहरू मूर्ति स्थित जैन स्थानक शहर में आयोजित शिविर में 91 लोगों को कृत्रिम हाथ लगाए गए। इस शिविर का उद्घाटन डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लॉयन अरविंद संगल ने किया। संयोजक अखिलेश कुमार जैन ने बताया कि शिविर के लिए 95 रजिस्ट्रेशन हुए थे, जिनमें से 91 लोगों को कृत्रिम हाथ लगाए गए। शिविर में रोटरी क्लब मेजेस्टी जयपुर का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम को सफल बनानेे में लॉयन मनोज कुमार जैन, अध्यक्ष लॉयन संतोष कुमार जैन, सुरेंद्र गर्ग, रामअवतार गर्ग, धीरज जैन, नवीन जैन, अशोक जैन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

ऐसे काम करता है कृत्रिम हाथ
अखिलेश कुमार ने बताया कि कोहनी से नीचे कटे हाथ वाले लोगों को एलन मीडोज प्रोस्थेटिक हैंड्स फाउंडेशन अमेरिका द्वारा निर्मित कृत्रिम हाथ लगाए जाते हैं। कृत्रिम हाथ की तीन उंगलियां स्थायी हैं और दो हिलाई जा सकती हैं। इस कृत्रिम हाथ को लगाकर साइकिल चलाना, लिखना-पढ़ना सहित कई घरेेलू कामकाज किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुसीबत का डटकर करें मुकाबला
फोटो संख्या 9
ग्राम सिलाना निवासी और जनता वैदिक कॉलेज में एमएससी अंतिम वर्ष की छात्रा सलमा के मुताबिक 2010 में चारा मशीन में उसका हाथ कट गया था। लगा कि उसकी दुनिया ही खत्म हो गई। परिजनों ने हौसला बढ़ाया तो संकल्प लिया कि घबराने की बजाए डटकर मुकाबला करना है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बेटा व बेटी में फर्क न करें। बेटियों को पढ़ने-लिखने का मौका दें। उन्होंने बेटियों को संदेश दिया कि वे खुद को कमजोर न समझें। फिलहाल कृत्रिम हाथ मिलने पर सलमा काफी खुश है। वह घर का कामकाज करने के साथ पढ़ाई भी सहूलियत से कर रही है।

हीन भावना से न देखें
ग्राम बिजरौल निवासी ओमपाल पुत्र फेरू का वर्ष 2019 में चारा मशीन में हाथ आ गया था। चिकित्सक को हाथ काटना पड़ा। ओमपाल छोटे-छोटे काम करने से मजबूर था। अब कृत्रिम हाथ मिला काफी खुश हैं। ओमपाल का कहना है कि हादसा किसी के साथ भी हो सकता है। इसलिए किसी को हीनभावना से न देखें। मुसीबत में दिल कमजोर न करें, खुद को इतना मजबूर बनाएं कि लोग प्रेरणा ले सकें। फिलहाल कृत्रिम हाथ से ओमपाल घरेलू व खेतीबाड़ी का काम आसानी से कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed