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गन्ना मूल्य न बढ़ाने पर जताई नाराजगी
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बड़ौत (बागपत)। कोताना रोड पर हुई किसान यूनियन की बैठक में गन्ना मूल्य में बढ़ोत्तरी न किए जाने पर आक्रोश जताया गया। बैठक में जौनमाना, ढ़िकाना, बड़ौत, बड़ौली आदि गांव के किसान शामिल हुए।
वक्ताओें ने कहा कि योगी सरकार ने लगातार तीन साल से गन्ना मूल्य ना बढ़ाकर अपने आपको किसान विरोधी साबित किया है। गन्ना पैदा करने में किसानों को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। डीजल, खाद, बीज सबसे के मूल्यों में बढ़ोत्तरी हुई है। बकाया गन्ना भुगतान न होने से पहले से ही किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे है। अब गन्ना मूल्य बढ़ोतरी न कर सरकार ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसान यूनियन इसका कड़ा विरोध करती है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक ने बताया कि गन्ना पैदा करने की लागत 300 रुपये प्रति क्विंटल आ रही है। सरकार के चुनावी घोषणा पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा है कि लागत पर 50 प्रतिशत जोड़कर फसलों के मूल्य निर्धारित किए जाएंगे। इस हिसाब से गन्ने का मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए। बैठक में बिजेंद्र, सुखवीर, महेंद्र, सुधीर, प्रमोद, आजाद, महेंद्र पाल, सुभाष, हरवीर, नैन पाल, जोगेंद्र शामिल रहे। बैठक की अध्यक्षता चौधरी ब्रजपाल सिंह ने व संचालन अशोक ने किया।
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वक्ताओें ने कहा कि योगी सरकार ने लगातार तीन साल से गन्ना मूल्य ना बढ़ाकर अपने आपको किसान विरोधी साबित किया है। गन्ना पैदा करने में किसानों को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। डीजल, खाद, बीज सबसे के मूल्यों में बढ़ोत्तरी हुई है। बकाया गन्ना भुगतान न होने से पहले से ही किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे है। अब गन्ना मूल्य बढ़ोतरी न कर सरकार ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसान यूनियन इसका कड़ा विरोध करती है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक ने बताया कि गन्ना पैदा करने की लागत 300 रुपये प्रति क्विंटल आ रही है। सरकार के चुनावी घोषणा पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा है कि लागत पर 50 प्रतिशत जोड़कर फसलों के मूल्य निर्धारित किए जाएंगे। इस हिसाब से गन्ने का मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए। बैठक में बिजेंद्र, सुखवीर, महेंद्र, सुधीर, प्रमोद, आजाद, महेंद्र पाल, सुभाष, हरवीर, नैन पाल, जोगेंद्र शामिल रहे। बैठक की अध्यक्षता चौधरी ब्रजपाल सिंह ने व संचालन अशोक ने किया।
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