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Baghpat News: यूरिया और डीएपी की कालाबाजारी पर जताई नाराजगी
Sun, 15 Jan 2023 12:09 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sun, 15 Jan 2023 12:09 AM IST
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बड़ौत। सिंचाई विभाग के बंगले पर शनिवार को किसान यूनियन और अन्य किसान संगठनों से जुड़े किसानों की बैठक हुई। जिसमें यूरिया और डीएपी की हो रही कालाबाजारी पर आक्रोश जताया। साथ ही बकाया गन्ना मूल्य भुगतान और बढ़ी विद्युत दरों को वापस लिए जाने की मांग की गई।
थांबा चौधरी बृजपाल सिंह ने बताया कि गन्ना किसानों के लिए 14 दिन में भुगतान का कानून है, लेकिन 14 महीने से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने फसल की बुवाई के दौरान यूरिया और डीएपी की कालाबाजारी शुरू होने पर नाराजगी जताई। साथ ही क्षेत्र में आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या पर प्रशासन की नाकामी बताया।
विक्रम सिंह आर्य ने बताया कि कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। किसान आत्महत्या करने पर मजबूर है। किसान मेहनत कर जो फसल तैयार करता है, उसे आवारा पशु नष्ट कर देते हैं। बुवाई के समय सरकार किसानों को खाद नहीं दे पा रही।
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बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू व ट्यूबवेल के बिल पर ब्याज पेनल्टी तुरंत माफ करने, पूर्वी यमुना नहर की सफाई कराए जाने, आवारा पशुओं को गोशाला में 15 दिन के अंदर भेजने व किसानों को खाते में 5000 प्रति बीघा की राहत राशि देने की मांग की।
बैठक में डॉ. कृपाल सिंह, चौधरी धर्मपाल सिंह, चौधरी देवेंद्र सिंह, ओंकार सिंह, इकबाल सिंह, संदीप, संजीव, ऋषिपाल प्रधान पुट्ठी, ओम प्रकाश, नरेश, सुरेंद्र सिंह सरोहा, धीर सिंह तोमर, पीतम सिंह, सूबे सिंह, सहदेव सिंह, देवेंद्र सिंह, चंद्र सिंह, राजगुरु आदि मौजूद रहे।
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थांबा चौधरी बृजपाल सिंह ने बताया कि गन्ना किसानों के लिए 14 दिन में भुगतान का कानून है, लेकिन 14 महीने से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने फसल की बुवाई के दौरान यूरिया और डीएपी की कालाबाजारी शुरू होने पर नाराजगी जताई। साथ ही क्षेत्र में आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या पर प्रशासन की नाकामी बताया।
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विक्रम सिंह आर्य ने बताया कि कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। किसान आत्महत्या करने पर मजबूर है। किसान मेहनत कर जो फसल तैयार करता है, उसे आवारा पशु नष्ट कर देते हैं। बुवाई के समय सरकार किसानों को खाद नहीं दे पा रही।
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बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू व ट्यूबवेल के बिल पर ब्याज पेनल्टी तुरंत माफ करने, पूर्वी यमुना नहर की सफाई कराए जाने, आवारा पशुओं को गोशाला में 15 दिन के अंदर भेजने व किसानों को खाते में 5000 प्रति बीघा की राहत राशि देने की मांग की।
बैठक में डॉ. कृपाल सिंह, चौधरी धर्मपाल सिंह, चौधरी देवेंद्र सिंह, ओंकार सिंह, इकबाल सिंह, संदीप, संजीव, ऋषिपाल प्रधान पुट्ठी, ओम प्रकाश, नरेश, सुरेंद्र सिंह सरोहा, धीर सिंह तोमर, पीतम सिंह, सूबे सिंह, सहदेव सिंह, देवेंद्र सिंह, चंद्र सिंह, राजगुरु आदि मौजूद रहे।