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कोर्ट के आदेशों के बावजूद धडल्ले से बन रहे पटाखे
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फोटो संख्या 9
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दीपावली से पहले भले ही नई दिल्ली और उसके आसपास पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध कर दिया हो, लेकिन जनपद बागपत में रोक के बावजूद धड़ल्ले से पटाखे बनाने व बिक्री का कारोबार हो रहा है। कई जगह पटाखे बनाए भी जा रहे हैं और उनका स्टॉक भी किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। कोर्ट ने अपने अहम फैसले में आदेश दिया है कि एक नवंबर तक दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री नहीं होगी। बावजूद इसके बड़ौत, जलालपुर, खड़खड़ी, कोताना, छपरौली, दोघट, बामनौली, बरनावा सहित कई जगहों पर धड़ल्ले से पटाखे बनाए जा रहे हैं और कई जगहों पर बड़ा स्टॉक भी लगा हुआ हैै।
विषैली है सल्फर डाई ऑक्साइड गैस
पटाखे सल्फर समेत कई जहरीले तत्वों के मिश्रण से बनाए जाते हैं। इनमें सल्फर की मात्रा सबसे अधिक रहती है। लिहाजा जितना ज्यादा पटाखे छोड़े जाते हैं। इससे एल्जाइमर, आंखों और फेफड़ों में खतरनाक संक्रमण जैसी शिकायत हो सकती है।
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ये कण है बेहद खतरनाक
पटाखे जलने के बाद पूरा वातावरण प्रदूषित हो जाता है। वायु गुणवत्ता की माप अन्य खतरनाक प्रदूषकों जिनमें सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, ओजोन, शीशा, आर्सेनिक, निकेल, बेंजीन, अमोनिया, बेंजोपाइरिन, डीजल पार्टिकुलेट मैटर (डीपीएम) शामिल हैं, के आधार पर की जाती है।
ये बोले पर्यावरण विद
पर्यावरण विद संजय राणा का कहना है कि कोर्ट का पटाखों को लेकर दिया गया निर्णय बहुत अच्छा है। पुलिस प्रशासन को भी सख्ती बरतनी चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दीपावली से पहले भले ही नई दिल्ली और उसके आसपास पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध कर दिया हो, लेकिन जनपद बागपत में रोक के बावजूद धड़ल्ले से पटाखे बनाने व बिक्री का कारोबार हो रहा है। कई जगह पटाखे बनाए भी जा रहे हैं और उनका स्टॉक भी किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। कोर्ट ने अपने अहम फैसले में आदेश दिया है कि एक नवंबर तक दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री नहीं होगी। बावजूद इसके बड़ौत, जलालपुर, खड़खड़ी, कोताना, छपरौली, दोघट, बामनौली, बरनावा सहित कई जगहों पर धड़ल्ले से पटाखे बनाए जा रहे हैं और कई जगहों पर बड़ा स्टॉक भी लगा हुआ हैै।
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विषैली है सल्फर डाई ऑक्साइड गैस
पटाखे सल्फर समेत कई जहरीले तत्वों के मिश्रण से बनाए जाते हैं। इनमें सल्फर की मात्रा सबसे अधिक रहती है। लिहाजा जितना ज्यादा पटाखे छोड़े जाते हैं। इससे एल्जाइमर, आंखों और फेफड़ों में खतरनाक संक्रमण जैसी शिकायत हो सकती है।
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ये कण है बेहद खतरनाक
पटाखे जलने के बाद पूरा वातावरण प्रदूषित हो जाता है। वायु गुणवत्ता की माप अन्य खतरनाक प्रदूषकों जिनमें सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, ओजोन, शीशा, आर्सेनिक, निकेल, बेंजीन, अमोनिया, बेंजोपाइरिन, डीजल पार्टिकुलेट मैटर (डीपीएम) शामिल हैं, के आधार पर की जाती है।
ये बोले पर्यावरण विद
पर्यावरण विद संजय राणा का कहना है कि कोर्ट का पटाखों को लेकर दिया गया निर्णय बहुत अच्छा है। पुलिस प्रशासन को भी सख्ती बरतनी चाहिए।