{"_id":"658b2f241382ee4a3e0e601c","slug":"dense-fog-speed-of-vehicles-slowed-down-on-the-roads-baghpat-news-c-28-1-smrt1012-8416-2023-12-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: घना कोहरा छाया, सड़कों पर थमी वाहनों की रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: घना कोहरा छाया, सड़कों पर थमी वाहनों की रफ्तार
विज्ञापन
बागपत। यहां घना कोहरा छाने से जन जीवन प्रभावित हो गया है और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। सर्दी बढ़ने से लोग बीमार हो रहे हैं और बच्चों व बुर्जुगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। वहीं कोहरा गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है तो सरसों व आलू की फसल में फंगस लगने से उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
मंगलवार को घना कोहरा छाने से सड़कों पर काफी कम वाहन दिखाई दिए। सुबह को घरों से लोग भी कम निकले। कोहरे के साथ ही तापमान काफी कम होने से सर्दी का ज्यादा अहसास हुआ। यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रहा। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यप्रकाश का कहना है कि सर्दी बढ़ने से बच्चों की ओपीडी बढ़ी है। बच्चे बुखार, जुकाम-खांसी और निमोनिया से पीडि़त हो रहे हैं।
फिजिशियन डॉ श्रवण कुमार का कहना है कि कोहरा और सर्दी बढ़ने से बुर्जुगों को भी परेशानी हो रही है। घना कोहरा छाने से सबसे अधिक परेशानी सांस के मरीजों को हो रही है। अस्पताल में बुर्जुर्गों की ओपीडी बढ़ गई है। अस्पताल में मंगलवार को बुजुर्गों की ओपीडी 90 पहुंच गई।
विज्ञापन
-- --
सर्दी में कम हो जाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता
डा. सत्यप्रकाश के अनुसार सर्दी बढऩे पर बच्चों और बुर्जुगों की प्रति रोधक क्षमता कम हो जाती है। जिससे सर्दी लगने पर बुखार, जुकाम और खांसी की संभावना अधिक बढ़ जाती है। इसके अलावा कोहरा बढ़ने पर सांस के मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। सर्दी अधिक होने पर आंखों में जलन, आंसू आना, नाक में खुजली, गले में खराश की समस्या भी बढ़ जाती है। चिकित्सक लोगों को सर्दी से बचाव की सलाह दे रहे है। चिकित्सकों का कहना है कि सर्दी लगने पर कोई भी परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।
-- --
ऐसे करें सर्दी से बचाव
-कपड़ों से शरीर के सभी अंगों को ढककर बाहर निकलें।
-हाथों में दस्ताने और आंखों पर चश्मे का प्रयोग करें।
-दिन में कम से कम आठ गिलास पानी पिएं।
-ठंडे पेय पदार्थो के बजाए गर्म पानी का सेवन करें।
-मरीज, बच्चे और बुर्जुग घर से निकलने से परहेज करें।
-हृदय रोगी सुबह और शाम को सैर पर न जाएं।
-सांस के मरीज सावधानी बरते और समय-समय पर चिकित्सक की सलाह लेते रहें।
-सफाई का ध्यान रखे और अधिक तले भुने का परहेज करें।
-- -- -
गेहूं के लिए फायदेमंद, आलू और सरसों के लिए नुकसानदायक
कृषि वैज्ञानिक विकास मलिक का कहना है कि लगातार कोहरा पड़ने से फसल की बढ़ोतरी कम हो जाती है। लेकिन गेहूं की फसल शरद कालीन होने के कारण इसका फुटाव बढ़ जाता है, जिससे गेहूं की फसल की पैदावार बढ़ जाती है। कोहरा अधिक पड़ने पर सरसों और आलू की फसल में फंगस की आशंका बढ़ जाती है। सरसों, आलू और मटर की फसलों पर हल्का पीलापन कीट व रोग का प्रकोप बढ़ जाता है। उन्होंने कोहरा और पाला से फसल को बचाने के लिए हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है।
विज्ञापन
मंगलवार को घना कोहरा छाने से सड़कों पर काफी कम वाहन दिखाई दिए। सुबह को घरों से लोग भी कम निकले। कोहरे के साथ ही तापमान काफी कम होने से सर्दी का ज्यादा अहसास हुआ। यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रहा। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यप्रकाश का कहना है कि सर्दी बढ़ने से बच्चों की ओपीडी बढ़ी है। बच्चे बुखार, जुकाम-खांसी और निमोनिया से पीडि़त हो रहे हैं।
विज्ञापन
फिजिशियन डॉ श्रवण कुमार का कहना है कि कोहरा और सर्दी बढ़ने से बुर्जुगों को भी परेशानी हो रही है। घना कोहरा छाने से सबसे अधिक परेशानी सांस के मरीजों को हो रही है। अस्पताल में बुर्जुर्गों की ओपीडी बढ़ गई है। अस्पताल में मंगलवार को बुजुर्गों की ओपीडी 90 पहुंच गई।
विज्ञापन
सर्दी में कम हो जाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता
डा. सत्यप्रकाश के अनुसार सर्दी बढऩे पर बच्चों और बुर्जुगों की प्रति रोधक क्षमता कम हो जाती है। जिससे सर्दी लगने पर बुखार, जुकाम और खांसी की संभावना अधिक बढ़ जाती है। इसके अलावा कोहरा बढ़ने पर सांस के मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। सर्दी अधिक होने पर आंखों में जलन, आंसू आना, नाक में खुजली, गले में खराश की समस्या भी बढ़ जाती है। चिकित्सक लोगों को सर्दी से बचाव की सलाह दे रहे है। चिकित्सकों का कहना है कि सर्दी लगने पर कोई भी परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।
ऐसे करें सर्दी से बचाव
-कपड़ों से शरीर के सभी अंगों को ढककर बाहर निकलें।
-हाथों में दस्ताने और आंखों पर चश्मे का प्रयोग करें।
-दिन में कम से कम आठ गिलास पानी पिएं।
-ठंडे पेय पदार्थो के बजाए गर्म पानी का सेवन करें।
-मरीज, बच्चे और बुर्जुग घर से निकलने से परहेज करें।
-हृदय रोगी सुबह और शाम को सैर पर न जाएं।
-सांस के मरीज सावधानी बरते और समय-समय पर चिकित्सक की सलाह लेते रहें।
-सफाई का ध्यान रखे और अधिक तले भुने का परहेज करें।
गेहूं के लिए फायदेमंद, आलू और सरसों के लिए नुकसानदायक
कृषि वैज्ञानिक विकास मलिक का कहना है कि लगातार कोहरा पड़ने से फसल की बढ़ोतरी कम हो जाती है। लेकिन गेहूं की फसल शरद कालीन होने के कारण इसका फुटाव बढ़ जाता है, जिससे गेहूं की फसल की पैदावार बढ़ जाती है। कोहरा अधिक पड़ने पर सरसों और आलू की फसल में फंगस की आशंका बढ़ जाती है। सरसों, आलू और मटर की फसलों पर हल्का पीलापन कीट व रोग का प्रकोप बढ़ जाता है। उन्होंने कोहरा और पाला से फसल को बचाने के लिए हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है।