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शहीद की पत्नी की बरामदगी की मांग, सीओ दफ्तर पर प्रदर्शन
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बड़ौत। बिजरौल गांव से अपहृत शहीद की पत्नी की बरामदगी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को सीओ ऑफिस पर प्रदर्शन किया। कहा कि यदि महिला की जल्द बरामद नहीं की गई तो कोतवाली में ही धरना देकर बैठ जाएंगे।
ग्रामीणों ने बताया कि बिजरौल गांव निवासी विक्की का जीजा सेना में थे। 16 साल पहले असम में नक्सली हमले में धर्मेंद्र शहीद हो गए थे। जिसके बाद से उसकी बहन बेबी गांव में मायके में रह रही हैं। बताया कि शहीद की पत्नी 30 अगस्त को गांव के मुस्लिम मोहल्ले से उस समय संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी, जब वह उधार दिए गए रुपये लेने गई थी। परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए गांव के ही मुस्लिम युवकों को नामजद करते हुए कोतवाली में तहरीर दी थी। घटना के दो माह गुजर जाने के बाद भी महिला की बरामदगी नहीं हो सकी। सीओ युवराज सिंह का कहना है कि त्योहारों में पुलिस व्यस्त थी, अब फिर से महिला की तलाश की जाएगी।
गांव में हुई पंचायत
पुलिस द्वारा महिला को नहीं खोजने के विरोध में ग्रामीणों ने गांव में पुलिस प्रशासन के खिलाफ पंचायत भी की। पंचायत में बिजरौल, गूंगाखेड़ी, छछरपुर, बामनौली, बड़ौत, वाजिदपुर सहित कई गांवों के ग्रामीण शामिल हुए और ग्रामीणों ने महिला के बरामद नहीं होने पर उग्र आंदोलन शुरू करने के साथ कोतवाली पर धरने देने की चेतावनी दी है।
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ग्रामीणों ने बताया कि बिजरौल गांव निवासी विक्की का जीजा सेना में थे। 16 साल पहले असम में नक्सली हमले में धर्मेंद्र शहीद हो गए थे। जिसके बाद से उसकी बहन बेबी गांव में मायके में रह रही हैं। बताया कि शहीद की पत्नी 30 अगस्त को गांव के मुस्लिम मोहल्ले से उस समय संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी, जब वह उधार दिए गए रुपये लेने गई थी। परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए गांव के ही मुस्लिम युवकों को नामजद करते हुए कोतवाली में तहरीर दी थी। घटना के दो माह गुजर जाने के बाद भी महिला की बरामदगी नहीं हो सकी। सीओ युवराज सिंह का कहना है कि त्योहारों में पुलिस व्यस्त थी, अब फिर से महिला की तलाश की जाएगी।
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गांव में हुई पंचायत
पुलिस द्वारा महिला को नहीं खोजने के विरोध में ग्रामीणों ने गांव में पुलिस प्रशासन के खिलाफ पंचायत भी की। पंचायत में बिजरौल, गूंगाखेड़ी, छछरपुर, बामनौली, बड़ौत, वाजिदपुर सहित कई गांवों के ग्रामीण शामिल हुए और ग्रामीणों ने महिला के बरामद नहीं होने पर उग्र आंदोलन शुरू करने के साथ कोतवाली पर धरने देने की चेतावनी दी है।
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