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विधान में 1024 श्रीफल समर्पित किये
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सिद्धचक्र महामंडल विधान का आठवां दिन
बिनौली। श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र बरनावा की तपोभूमि में अष्टह्निका महापर्व के उपलक्ष्य में चल रहे नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के आठवें दिन बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान को 1024 श्रीफल समर्पित किए।
ब्रह्मचारी पंडित प्रदीप पीयूष शास्त्री ने कहा कि इस बार के महापर्व में भव्य जीवों के पुण्य उदय से आठ दिन की जगह नौ दिन हमें अष्टह्निका महापूजा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। संपूर्ण सिद्धचक्र महामंडल विधान में 2040 श्रीफल समर्पित किए जाते हैं। आठवें दिन होने पर सहस्रनाम विधान के माध्यम से एक हजार चौबीस श्रीफल करोना महामारी के निवारणार्थ एवं सांसारिक सुख वैभव की प्राप्ति होती है। विधान में बादामी जैन, कृष्णा जैन, सरिता जैन, पूनम जैन, विशांत जैन उपस्थित रहे।
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बिनौली। श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र बरनावा की तपोभूमि में अष्टह्निका महापर्व के उपलक्ष्य में चल रहे नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के आठवें दिन बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान को 1024 श्रीफल समर्पित किए।
ब्रह्मचारी पंडित प्रदीप पीयूष शास्त्री ने कहा कि इस बार के महापर्व में भव्य जीवों के पुण्य उदय से आठ दिन की जगह नौ दिन हमें अष्टह्निका महापूजा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। संपूर्ण सिद्धचक्र महामंडल विधान में 2040 श्रीफल समर्पित किए जाते हैं। आठवें दिन होने पर सहस्रनाम विधान के माध्यम से एक हजार चौबीस श्रीफल करोना महामारी के निवारणार्थ एवं सांसारिक सुख वैभव की प्राप्ति होती है। विधान में बादामी जैन, कृष्णा जैन, सरिता जैन, पूनम जैन, विशांत जैन उपस्थित रहे।
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