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कर्ज में डूबे किसान ने छोड़ा घर, आत्महत्या की चेतावनी
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 14 Jun 2017 12:32 AM IST
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कर्ज में डूबा एक किसान परिवार परेशान हैं। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के कर्ज माफी के आदेश के बावजूद तहसील और बैंक कर्मचारी उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। पीड़ित इतना आहत हो चुका है कि उसने घर छोड़ दिया है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री और मेरठ कमिश्नर को फैक्स कर शिकायत की है।
बिलौचपुरा के किसान इकरार पुत्र कासम ने 13 अक्तूबर 2009 को डेढ़ लाख रुपये का बैंक से ऋण लिया था। वह समय से बैंक की किश्त जमा कर रहा था। उसने करीब 1.35 लाख रुपये जमा भी कर दिए है। पिछले कुछ दिनों से आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण किश्त जमा नहीं कर पाया।
बैंक ने उसकी आरसी जारी कर दी। तहसील और बैंक का एक-एक कर्मचारी आए दिन उसके घर पर आता है। एक दिन को उसको घर से अपने साथ ले भी गए। जिम्मेदारों लोगों के आग्रह करने पर छोड़ा। वह फिलहाल ऋण जमा करने की स्थिति में नहीं है। पीड़ित ने कहा वह इतना परेशान हो गया है कि वह परिवार के साथ आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है।
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आरोपियों के उत्पीड़न से तंग आकर अपने घर भी नहीं जा पा रहा है। उसने अफसरों को पत्र भेजकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सात माह पूर्व एक किसान कर चुका है आत्महत्या
बागपत। निबाली गांव के कर्ज में डूबे किसान ने सात माह पहले बैंक अफसर के उत्पीड़न से तंग आकर जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी थी। आरोपी अफसर के खिलाफ कोतवाली पर मुकदमा दर्ज हुआ था।
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बिलौचपुरा के किसान इकरार पुत्र कासम ने 13 अक्तूबर 2009 को डेढ़ लाख रुपये का बैंक से ऋण लिया था। वह समय से बैंक की किश्त जमा कर रहा था। उसने करीब 1.35 लाख रुपये जमा भी कर दिए है। पिछले कुछ दिनों से आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण किश्त जमा नहीं कर पाया।
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बैंक ने उसकी आरसी जारी कर दी। तहसील और बैंक का एक-एक कर्मचारी आए दिन उसके घर पर आता है। एक दिन को उसको घर से अपने साथ ले भी गए। जिम्मेदारों लोगों के आग्रह करने पर छोड़ा। वह फिलहाल ऋण जमा करने की स्थिति में नहीं है। पीड़ित ने कहा वह इतना परेशान हो गया है कि वह परिवार के साथ आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है।
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आरोपियों के उत्पीड़न से तंग आकर अपने घर भी नहीं जा पा रहा है। उसने अफसरों को पत्र भेजकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सात माह पूर्व एक किसान कर चुका है आत्महत्या
बागपत। निबाली गांव के कर्ज में डूबे किसान ने सात माह पहले बैंक अफसर के उत्पीड़न से तंग आकर जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी थी। आरोपी अफसर के खिलाफ कोतवाली पर मुकदमा दर्ज हुआ था।