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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Danger from strong currents

शामली क्षेत्र में तेज बहाव से बना खतरा

Mon, 15 Aug 2016 01:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Mon, 15 Aug 2016 01:02 AM IST
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यमुना का उफान तो  कम हो गया है, लेकिन तेज बहाव से मुसीबत बढ़ती जा रही है। जिस कारण चौतरा गांव के कलरी मजरे और नाईनंगला, साल्हापुर गांव की हालत बदतर है। कलरी गांव में यमुना आबादी से मात्र 50 मीटर रह गई है।
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पहाड़ों पर बारिश के चलते पिछले सवा माह से यमुना में लगातार बढ़ रहा है। एक लाख 39 हजार 88 क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने के बाद जिले में यमुना फिर से उफन गई। यमुना किनारे कैराना क्षेत्र के डूंडाखेड़ा, मवी-मामौर  मंड़ावर, पढ़ेड, ऊन तहसील क्षेत्र के बल्हेड़ा, युसफपुर चौतरा, उनके मजरे कलरी, साल्हापुर, नाईनंगला समेत कई गांवों के किसानों की फसल डूब गई है।
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यमुना के पानी का इतना तेज बहाव था कि कटान रोकने के लिए  युसुफपुर चौतरा,  कलरी, साल्हापुर गांवों में ड्रेनेज खंड द्वारा बनाए जा रहे मचान बह रहे थे। कैराना तहसील क्षेत्र के युसुफपुर चौतरा गांव के कलरी मजरे में हालात बदतर है। दो दिन पूर्व कटान रोकने के लिए काटे पेड़ तक यमुना का पानी पहुंच गया है।
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ग्रामीणों ने बताया कि यमुना के पानी का इतना तेज बहाव है कि धान, मक्का, ज्वार, ईख की फसल पूरी तक डूब गई है। यमुना किनारे एक सौ मीटर में यूकेलिप्टस के पेड़ लगाए गए थे। उन तक भी पानी पहुंच गया। यमुना गांव की आबादी से मात्र 40 मीटर दूर रह गई है। मौके पर मौजूद कैराना एसडीएम भानू प्रताप सिंह व तहसीलदार अभयराज पांडे ने बताया कि कलरी चौतरा में ज्यो की त्यो बनी है।

मचान बनाने के लिए पेड़, मिट्टी, रेत के कट्टे यमुना किनारे डाले जा रहे हैं। ऊन तहसील के नाईनंगला- साल्हापुर गांव में हालात बेकाबू है। यमुना की ठोकर छह से लेकर नौ तक 20-25 किसानों की 200 बीघा भूमि पूरी तरह डूब गई है। साल्हापुर में अयूब, सलीम, नजमूल, वेदसिंह, जितेंद्र, प्रवीण, फूलकुमार, सतपाल, जगदीश की ईख ज्वार की फसल डूब गई है। 

साल्हापुर गांव ऊन के एसडीएम अवधेश कुमार, तहसीलदार मदन लाल राठौर डेरा डाले हुए है। डीएम सुजीत कुमार, एडीएम भरत पांडे ने  चौतरा गांव के मजरे कलरी व साल्हापुर नाईनंगला में दौरा कर हालात का जायजा लिया है।


पहाड़ों पर बारिश थमने के बाद यमुना में जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को हथनीकुंड बैराज पर 22 हजार 478 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। कैराना यमुना पुल पर 230.60 मीटर से घटकर 230.14 मीटर पर रिकार्ड किया गया  है। केंद्रीय जल आयोग के पर्यवेक्षक अजयपाल ने बताया कि यमुना का जलस्तर घट रहा है।  
 
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