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दीवार के मलबे के नीचे दबने से तीन की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 19 Apr 2016 12:46 AM IST
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Women weeping over the death of a child
- फोटो : Women weeping over the death of a child
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बागपत के खेकड़ा में सोमवार को शाम के समय नगर क्षेत्र में नाला पार बस्ती में निर्माणाधीन जर्जर हाल दीवार अचानक गिर गई। इससे दीवार के मलबे के नीचे दबकर दो बालिकाओं और महिला की मौत हो गयी।
इस घटना के बाद क्षुब्ध लोगों ने पाठशाला मार्ग पर महिला और उसकी पुत्री के शव को रख कर जाम लगा दिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी देर रात तक नाराज लोगों को समझाने में जुटे रहे, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांग पर जाम रहे।
नगर के मोहल्ला मुंडाला निवासी ओमपाल नाला पार बस्ती में अपने जर्जर मकान की दीवारें तोड़ने में जुटा था। मार्ग से सटी करीब बीस मीटर लंबी जर्जर दीवार सोमवार को शाम करीब सात बजे अचानक भरभराकर मार्ग पर जा गिरी।
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इसकी चपेट में फैक्ट्री से कार्य कर घर जा रही मोहल्ले में ही किराये के मकान में रह रही पटना निवासी कमरुदीन की पत्नी अहमदी (40) और पुत्री सुहाना (12) और घर से दुकान पर सामान लेने जा रही मस्जिद के इमाम हाफिज दिलशाद निवासी मोहल्ला मुंडाला की पुत्री जैनब (14) आ गई और दीवार के मलबे के नीचे दब गई।
हादसा का पता लगते ही आसपास के लोगों ने प्रयास करके दीवार के मलबा को हटाया, लेकिन तब तक दोनों बच्चियों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। जबकि महिला अहमदी की हालत गंभीर थी। लोगों ने घायल महिला को अस्पताल भेजा।
वहां के चिकित्सक ने हालत गंभीर होने के कारण महिला को दिल्ली रैफर कर दिया। उसने भी करीब आठ बजे रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन उसे वापस ले आए। इस घटना से लोगों में आक्रोश उत्पन्न हो गया। मौके पर सैकड़ों लोग एकत्र हो गए।
पटना निवासी मृतका महिला अहमदी और उसकी पुत्री सुहाना के शव को पाठशाला मार्ग पर बीच में रखकर लोगों ने जाम लगा दिया और मकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई करने और मुआवजे की मौके पर पहुंचे सीओ और थाना प्रभारी अनुराधा सिंघल से मांग की।
अधिकारियों ने कार्रवाई करने के साथ ही शासन स्तर से मुआवजे का आश्वासन दिया, लेकिन देर रात्रि समाचार लिखे जाने तक लोग शव को बीच मार्ग पर रख जाम लगाए हुए थे। घटना स्थल पर बागपत, चांदीनगर समेत विभिन्न थानों का फोर्स भी पहुंच गया। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों का रोकर बुरा हाल है। दीवार गिरकर घटना के बाद मकान मालिक परिजन समेत गायब हो गया।
पटना निवासी कमरूदीन की पांच अन्य पुत्री है। रोते बिलखते कमरूदीन और हाफिज दिलशाद के परिजनों को हर कोई ढांढस बंधाने में लगा था, लेकिन चारों तरफ चीख पुकार मची थी।
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इस घटना के बाद क्षुब्ध लोगों ने पाठशाला मार्ग पर महिला और उसकी पुत्री के शव को रख कर जाम लगा दिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी देर रात तक नाराज लोगों को समझाने में जुटे रहे, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांग पर जाम रहे।
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नगर के मोहल्ला मुंडाला निवासी ओमपाल नाला पार बस्ती में अपने जर्जर मकान की दीवारें तोड़ने में जुटा था। मार्ग से सटी करीब बीस मीटर लंबी जर्जर दीवार सोमवार को शाम करीब सात बजे अचानक भरभराकर मार्ग पर जा गिरी।
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इसकी चपेट में फैक्ट्री से कार्य कर घर जा रही मोहल्ले में ही किराये के मकान में रह रही पटना निवासी कमरुदीन की पत्नी अहमदी (40) और पुत्री सुहाना (12) और घर से दुकान पर सामान लेने जा रही मस्जिद के इमाम हाफिज दिलशाद निवासी मोहल्ला मुंडाला की पुत्री जैनब (14) आ गई और दीवार के मलबे के नीचे दब गई।
हादसा का पता लगते ही आसपास के लोगों ने प्रयास करके दीवार के मलबा को हटाया, लेकिन तब तक दोनों बच्चियों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। जबकि महिला अहमदी की हालत गंभीर थी। लोगों ने घायल महिला को अस्पताल भेजा।
वहां के चिकित्सक ने हालत गंभीर होने के कारण महिला को दिल्ली रैफर कर दिया। उसने भी करीब आठ बजे रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन उसे वापस ले आए। इस घटना से लोगों में आक्रोश उत्पन्न हो गया। मौके पर सैकड़ों लोग एकत्र हो गए।
पटना निवासी मृतका महिला अहमदी और उसकी पुत्री सुहाना के शव को पाठशाला मार्ग पर बीच में रखकर लोगों ने जाम लगा दिया और मकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई करने और मुआवजे की मौके पर पहुंचे सीओ और थाना प्रभारी अनुराधा सिंघल से मांग की।
अधिकारियों ने कार्रवाई करने के साथ ही शासन स्तर से मुआवजे का आश्वासन दिया, लेकिन देर रात्रि समाचार लिखे जाने तक लोग शव को बीच मार्ग पर रख जाम लगाए हुए थे। घटना स्थल पर बागपत, चांदीनगर समेत विभिन्न थानों का फोर्स भी पहुंच गया। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों का रोकर बुरा हाल है। दीवार गिरकर घटना के बाद मकान मालिक परिजन समेत गायब हो गया।
पटना निवासी कमरूदीन की पांच अन्य पुत्री है। रोते बिलखते कमरूदीन और हाफिज दिलशाद के परिजनों को हर कोई ढांढस बंधाने में लगा था, लेकिन चारों तरफ चीख पुकार मची थी।