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नहर की पटरी टूटने से फसल जलमग्न
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 07 Feb 2016 12:46 AM IST
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बागपत के दोघट के मुलसम गांव में चौगामा नहर की पटरी टूटने से किसानों की हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई। इसे लेकर किसानों में आक्रोश व्याप्त है। उधर, अधिकारियों ने किसानों की फसलें डूबने की जानकारी होने से ही इंकार कर दिया।
किसान हरबीर, राममेहर, विकास, कृष्णपाल, ब्रह्मचारी आर्य ने बताया कि सिंचाई विभाग ने चौगामा नहर की सफाई कराए बिना ही पानी छोड़ दिया है।
इससे नहर जगह-जगह से टूटनी शुरू हो गई है। शनिवार को मुलसम गांव में चौगामा नहर टूट गई। जिससे किसानों की हजारों बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। इसकी सूचना किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। आरोप है कि अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। नहर में पानी तक बंद नहीं किया गया। सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल पानी से पूरी तरह बर्बाद हो गई है। उन्होंने मुआवजा दिलाने की मांग की है।
उधर, मुख्य विकास अधिकारी जेपी रस्तोगी का कहना है कि यह सही है कि नहरों की काफी समय से सफाई नहीं हो सकी है। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। लेकिन नहरों में पानी आने एवं फसलें डूबने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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किसान हरबीर, राममेहर, विकास, कृष्णपाल, ब्रह्मचारी आर्य ने बताया कि सिंचाई विभाग ने चौगामा नहर की सफाई कराए बिना ही पानी छोड़ दिया है।
इससे नहर जगह-जगह से टूटनी शुरू हो गई है। शनिवार को मुलसम गांव में चौगामा नहर टूट गई। जिससे किसानों की हजारों बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। इसकी सूचना किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। आरोप है कि अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। नहर में पानी तक बंद नहीं किया गया। सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल पानी से पूरी तरह बर्बाद हो गई है। उन्होंने मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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उधर, मुख्य विकास अधिकारी जेपी रस्तोगी का कहना है कि यह सही है कि नहरों की काफी समय से सफाई नहीं हो सकी है। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। लेकिन नहरों में पानी आने एवं फसलें डूबने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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