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टीकरी के लोगों में गम, गुस्सा और दहशत
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 26 Sep 2016 02:25 AM IST
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बदमाश मोनू जाट (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला
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दोघट। टीकरी के लाल बहादुर हत्याकांड में गांव के लोग पुलिस से खफा है। लोगों ने कहा मेरठ का मोनू जाट खुलेआम दहशत फैला रहा है, लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। पीड़ित परिवार ने कहा उन्हें इंसाफ चाहिए। कस्बे में हत्याओं से गम है, पुलिस के प्रति गुस्सा और हत्यारों की दहशत भी है।
किसान लाल बहादुर की हत्या के दूसरे दिन टीकरी में सन्नाटा पसरा रहा। इंजीनियर शेखर राठी के घर पर दुख जताने के लिए लोग पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा यदि पुलिस अगर सही तरीके से कार्य करती तो बदमाश पकड़े जा सकते थे। पुलिस का सूचना तंत्र फेल हो चुका है। पुलिस की कार्य प्रणाली पर लोगों ने रोष जताया।
परिजनों ने कहा पुलिस की लापरवाही से हत्या हुई है। पुलिस बदमाशों से मिली है। अपराधी कस्बे में खुलेआम घूमते हैं और हत्या कर आराम से चले जाते हैं, लेकिन पुलिस मूक दर्शक बनी देखती रहती है। उन्होंने कहा हमें तो इंसाफ चाहिए। एसओ दोघट चितवन कुमार ने बताया एसटीएफ मेरठ, क्राइम ब्रांच बागपत और कई थानों की पुलिस लगी है।
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गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
किसान लाल बहादुर का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। लोगों ने कहा पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
जंगल खंगाला, नहीं मिला मोनू
दोघट। पचास हजार रुपये के इनामी मोनू रोहटा को गिरफ्तार करना पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। टीकरी कस्बे की पुलिस ने जंगल खंगाला। बागपत और मेरठ में कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन नतीजा शून्य है। भारी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात है।
मोनू रोहटा और नितिन ने कस्बा टीकरी में 12 दिन में किसान लाल बहादुर सिंह और युवक विवेक की हत्या की। इसके अलावा कई लोगों से रुपये की मांग कर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। शनिवार को किसान की हत्या करने के बाद दोनों अपराधी बाइक गाली-गलौज और फायरिंग करते निकले।
सूत्रों की माने तो रास्ते में चौराहे या अन्य स्थानों पर रुककर धमकी दी कि यहां के हम सबसे बड़े बदमाश हैं। उनके अनुसार काम नहीं किया तो अंजाम बुरा होगा। ऐसी स्थिति में मोनू और नितिन को गिरफ्तार करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।
इसके लिए पुलिस ने उनके परिचितों से उनके ठिकानों के बारे में जानकारी की। मोनू और नीतिन के न पकड़े जाने से लोग दहशत में है। इसे देख पुलिस अफसरों ने कस्बा टीकरी में भारी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात कर रखी है।
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किसान लाल बहादुर की हत्या के दूसरे दिन टीकरी में सन्नाटा पसरा रहा। इंजीनियर शेखर राठी के घर पर दुख जताने के लिए लोग पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा यदि पुलिस अगर सही तरीके से कार्य करती तो बदमाश पकड़े जा सकते थे। पुलिस का सूचना तंत्र फेल हो चुका है। पुलिस की कार्य प्रणाली पर लोगों ने रोष जताया।
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परिजनों ने कहा पुलिस की लापरवाही से हत्या हुई है। पुलिस बदमाशों से मिली है। अपराधी कस्बे में खुलेआम घूमते हैं और हत्या कर आराम से चले जाते हैं, लेकिन पुलिस मूक दर्शक बनी देखती रहती है। उन्होंने कहा हमें तो इंसाफ चाहिए। एसओ दोघट चितवन कुमार ने बताया एसटीएफ मेरठ, क्राइम ब्रांच बागपत और कई थानों की पुलिस लगी है।
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गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
किसान लाल बहादुर का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। लोगों ने कहा पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
जंगल खंगाला, नहीं मिला मोनू
दोघट। पचास हजार रुपये के इनामी मोनू रोहटा को गिरफ्तार करना पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। टीकरी कस्बे की पुलिस ने जंगल खंगाला। बागपत और मेरठ में कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन नतीजा शून्य है। भारी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात है।
मोनू रोहटा और नितिन ने कस्बा टीकरी में 12 दिन में किसान लाल बहादुर सिंह और युवक विवेक की हत्या की। इसके अलावा कई लोगों से रुपये की मांग कर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। शनिवार को किसान की हत्या करने के बाद दोनों अपराधी बाइक गाली-गलौज और फायरिंग करते निकले।
सूत्रों की माने तो रास्ते में चौराहे या अन्य स्थानों पर रुककर धमकी दी कि यहां के हम सबसे बड़े बदमाश हैं। उनके अनुसार काम नहीं किया तो अंजाम बुरा होगा। ऐसी स्थिति में मोनू और नितिन को गिरफ्तार करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।
इसके लिए पुलिस ने उनके परिचितों से उनके ठिकानों के बारे में जानकारी की। मोनू और नीतिन के न पकड़े जाने से लोग दहशत में है। इसे देख पुलिस अफसरों ने कस्बा टीकरी में भारी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात कर रखी है।