अफसरों ने किसानों से मांगा 15 दिन का समय
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धरने पर भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि बढ़ी बिना किसानों की सहमति के ही हार्स पावर बढ़ा दी गई। यह कौन सा मानक है जो विद्युत अधिकारियों के पास था। उन्होंने कहा कि 22 हजार किसानों की पावर वृद्धि की गई है। यह सरासर अन्याय है। भाकियू नेता एवं किसान ऐसी समस्याओं को लेकर पूर्व में मुख्यमंत्री मायावती और अखिलेश के पास भी जा चुके हैं। अब प्रदेश में महंत आदित्यनाथ योगी की सरकार प्रदेश बनी है। अब देखना है कि वे किसानों के लिए क्या करेंगे।
इस दौरान छपरौली विधायक सहेंद्र रमाला ने भी बढ़ी पावर दरों को वापस लेने की मांग की। दोपहर बाद किसानों के बीच एसडीएम दीपाली कौशिक, एक्सईएन प्रथम अजय कुमार, सीओ कर्मवीर सिंह पहुंचे और एक घंटे तक उनकी बातचीत चली। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे 15 दिन में इन समस्याओं का निस्तारण करा देगें। इस पर किसानों ने धरना स्थगित कर दिया और चेतावनी दी कि यदि इस समयावधि में समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन शुरू कर देंगे। धरने की अध्यक्षता धूम सिंह ने की।
इस अवसर पर भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, बड़ौत ब्लॉक अध्यक्ष हरेंद्र दांगी, ठाकुर तेजपाल सिंह, रविंद्र, विक्रम, तेजपाल, ओमदत्त शर्मा, कृष्णपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, धर्मपाल, यादराम, विनोद खेड़ा, अजीत सिंह, कृष्णपाल, साहब सिंह, देशपाल तोमर, राकेश आदि मौजूद रहे।