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फर्जी कंपनी ने बागपत के दो हजार लोगों को दिया झटका

Fri, 03 Feb 2017 11:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Fri, 03 Feb 2017 11:59 PM IST
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The company has forged baghpat two thousand people Shock
नोएडा की एक कंपनी द्वारा ठगी के बाद बागपत के पुराना कस्बा में चर्चा करते लोग - फोटो : amar ujala
बागपत। नोएडा में पकड़ी गई फर्जी कंपनी ने बागपत के दो हजार लोगों को बड़ा झटका दिया है। इन लोगों ने घर बैठकर रुपये कमाने के लालच में करोड़ रुपये फंसा रखे हैं। इससे लोग काफी आहत हैं। इनमें आम आदमी ही नहीं नौकरी पेशे वाले भी शामिल हैं। कई लोगों ने तो आरोपियों के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है। 
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घर बैठकर इंटरनेट पर लिंक लाइन कर रुपये कमाने के चक्कर में बागपत के काफी लोग लंबे समय से पड़े हैं। कई लोग तो ऐसे हैं जिनके एकाउंट में अच्छी खासी रकम भी आई है। उनको देखकर एक-दूसरे लोग इस कंपनी से जुड़ते चले गए थे। बृहस्पतिवार को एटीएफ नोएडा ने कंपनी के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर भंडाफोड़ किया। जैसे ही इस कार्य में लगे लोगों को पता लगा तो उनके पैरों तले की जमीन खिसक गई। कुछ लोग तो ऐसे है जो खाना भी नहीं खा रहे हैं, क्योंकि एक-एक परिवार में कई-कई लाख रुपये इस धंधे में लगा रखे हैं। उनको अपने रुपये की चिंता सता रही है। पुराना कस्बा निवासी दिनेश नारायण ने कहा उसने 57500 के हिसाब से तीन सदस्य शुल्क जमा कर रखा है। उसने दिसंबर में सदस्य शुल्क जमा किया था। अभी तक उनके खाते में मात्र 15 हजार रुपये आई है। इस तरह से उनको काफी नुकसान हुआ है। वे इसकी शिकायत कोर्ट में करेंगे। 
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सैकड़ों की संख्या में पुलिस वाले जुड़े 
बागपत। इस धंधे में हर वर्ग का सदस्य जुड़ा हुआ है। चाहे व्यापारी हो या सरकारी नौकर। इस कारोबार में लगे लोगों की माने तो कई अफसर भी शामिल है। सबसे ज्यादा पुलिस वाले इस कार्य को कर रहे है।
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आभूषण गिरवी रख कर जमा कराया सदस्यता शुल्क 
बागपत। रातों-रात अमीर बनने का जुनून लोगों के सिर पर किस तरह चढ़ा, इसकी बानगी बागपत में देखने को मिली है। लोगों ने अपने मकान ही नहीं आभूषण तक गिरवी रखकर इस काले कारोबार में जुड़े हैं। बागपत शहर और पुराना कस्बे में तो इस काले कारोबार का मकड़जाल फैला है। हर तीसरा - चौथे मकान के सदस्य व्यापार प्लान में लगे हैं। एक-एक परिवार ने 10-10 सदस्यता शुल्क जमा कर रखी है। उनको लालच था कि कुछ थोड़े दिन में ही करोड़ पति बन जाओंगे। इतने से कई लोगों ने तो अपने मकान, दुकान ही नहीं आभूषण तक गिरवी रख रखे हैं। जैसे ही उनको इस काले कारोबार की पोल खुलने का पता चला तो उनको बड़ा झटका लगा। कई लोगों के मकान में तो शुक्रवार सुबह चूल्हा भी नहीं चढ़ा। लोग एक-दूसरे से संपर्क करने में लगे हैं। 

एक-एक की पोल खोल रहे लोग 
बागपत। इस काले कारोबार में कौन-कौन शामिल हैं। लोग एक-दूसरे की पोल खोलने से पीछे नहीं हट रहे हैं। इतना ही नहीं कई लोग तो आपस में उलझ भी रहे हैं, क्योंकि उन लोगों ने एक-दूसरे के कहने भी सदस्यता शुल्क जमा किया था।

खाते में डाले जाए रुपये 
बागपत। व्यापारी संजय रुहेला ने कहा उन्होंने भी इस बिजनेस प्लान में सदस्या ग्रहण कर रखी है। उनके खाते में मात्र एक लाख रुपये आए। जबकि उन्होंने करीब चार लाख रुपये जमा कर रखे हैं। एसटीएफ ने कंपनी के सदस्यों को गिरफ्तार कर जो धनराशि जब्त की है। वह सभी के खाते में डाली जाए। 

भाई हमारे तो चले गए साढ़े चार लाख रुपये 
बागपत। पुराना कस्बा के महेश का कहना है कि उनके परिवार के आठ लोगों ने करीब साढ़े चार लाख रुपये की सदस्यता शुल्क जमा कर रखी है। 

पहले भी हो चुकी है ठगी 
बागपत। लोगों का कहना है कि ठगी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह से काफी लोगों से ठगी हो चुकी है। इससे वे काफी परेशान है। 

बड़ौत के लोगों से करोड़ों रुपये ठगे 
बड़ौत। बड़ौत, छपरौली, खकेड़ा, बड़ौली, दोघट समेत ग्रामीण आंचल के सैकड़ों लोगों ने घर बैठे ही इंटरनेट पर रकम कमाने के लालच में एबलेज इंफो सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिडेट कंपनी में पैसा लगा दिए थे। अकेले बड़ौत नगर से करीबन एक हजार लोग इससे जुड़े थे। ठगी का शिकार हुए बड़ौत की पट्टी चौधरान निवासी गौरव तोमर, बिनौली रोड निवासी दीपक जैन पुत्र घनश्याम जैन के मुताबिक कंपनी की ओर से एक एडवाइजर बनाने के लिए 57500 रुपये की सिक्योरिटी मनी जमा कराई जाती थी। एडवाइजर बनने के बाद आगे चेन को चालू रखने के लिए कम से कम दो से तीन सदस्य ओर बनाने होते थे। उनके मुताबिक सोशल मीडिया के माध्यम से एक लाइक पर पांच रुपये मिलते थे। एडवाइजर बनाने पर एक लाइक के दस रुपये मिलते थे। नया एडवाइजर बनने पर उनका कंपनी के साथ एक साल का अनुबंध होता था। एक साल पूरा होने के बाद अनुबंध का नवीनीकरण किया जाता था। 


जिवाना गुलियान निवासी जोगेंद्र, निविश सोलंकी, बड़ौत निवासी जतिन महेश्वरी, विशाल जैन, अंकित जैन, अमन जैन के मुताबिक वे चार-पांच माह पहले इस कंपनी से जुडे़ हैं और सभी ने कम से कम पांच से दस सदस्य (जिनमें रिश्तेदार, दोस्त को) कंपनी से चेन के माध्यम से ज्वाइन कराया है। आयुष जैन, अभिषेक मिश्रा, मनोज उज्ज्वल, विक्की जैन, विशाल जैन, सोनू पंवार, पुनीत जैन और मोहित समेत बड़ौत और आसपास के सैकड़ों ऐसे लोग हैं जो इस कंपनी मेें ज्वाइन होकर ठगी का शिकार बने हैं। 
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