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विवेचक निलंबित, आरोपियों को जेल
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 16 Oct 2017 12:40 AM IST
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गैंगरेप के आरोपियों को जेल ले जाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गैंगरेप पीड़ित के आत्महत्या के मामले में पुलिस ने नामजद पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा। दूसरी तरफ सामूहिक दुष्कर्म के मामले की सही विवेचना नहीं करने के आरोपी तत्कालीन रमाला थाना इंचार्ज और वर्तमान में क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम के इंचार्ज शरद तिलारा को एसपी ने सस्पेंड कर दिया है। विवेचना लंबित होने की वजह से दूसरे विवेचक की भूमिका की भी जांच शुरू करा दी। पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई है।
एसपी जय प्रकाश ने पत्रकारों को बताया कि इस मामले की दो दिन में जांच की तो पता चला लड़की के गैंगरेप के मामले में रमाला पुलिस ने लापरवाही की है। विवेचक शरद तिलारा ने जल्दबाजी मेें केस में एफआर लगा दी । इसलिए विवेचक शरद तिलारा को निलंबित किया।
इसके अलावा केस को अधर में लटकाने के आरोपियों के खिलाफ जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। छात्रा से छेड़छाड़ करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी सोनू, मोनू, रोहित, सागर और पप्पू को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
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वहां से उनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा। इस पूरे मामले की रमाला एसओ वीरेंद्र कुमार विवेचना कर रहे हैं। प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा एएसपी अजय कुमार सिंह करेंगे।
यह है मामला
रमाला के एक गांव की कक्षा नौ की छात्रा के साथ साढ़े तीन माह पहले गांव के ही पांच युवकों ने अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म किया। मुख्यमंत्री तक का दरवाजा खटखटाया , लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
आरोपी लड़की को लगातार परेशान कर रहे थे। शुक्रवार को छात्रा बाजार में सामान खरीदने के लिए गई । वहां पर आरोपी युवकों ने उसके साथ छेड़छाड़ कर सरेबाजार दुष्कर्म करने की धमकी दी । इससे आहत होकर उसने अपने घर पर जाकर आत्महत्या की ।
पुलिस का कमाल, 10 दिन मेें एफआर
बागपत। पुलिस सूत्रों की माने तो इस केस की विवेचना को मात्र दस दिन में ही विवेचक ने पूरी कर ली और केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। एसपी का कहना है कि केस डायरी समेत तमाम फाइलों की पड़ताल कराई जा रही है।
हमारी गलती हो तो फांसी पर चढ़ा दो
बागपत। जेल जाते समय आरोपियों ने कहा लड़की के परिजनों ने उनको रंजिश के चलते फंसाया है। केस की सहीं जांच होनी चाहिए। यदि हमारी गलती है तो उनको फांसी पर चढ़ दिया जाए। वह निर्दोष हैं।
अरविंद हत्याकांड में शरद तिलारा हुए थे लाइन हाजिर
बागपत। रमाला गांव के शिक्षक अरविंद की 29 जुलाई को लूट के विरोध पर हत्या कर दी गई थी। इस केस में तत्कालीन थाना इंचार्ज शरद तिलारा लाइन हाजिर हुए थे।
छात्रा की आज तेरहवीं, बेटी को इंसाफ दिलाएंगे
बागपत। छात्रा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी की सोमवार (आज ) तेरहवीं है। उनका कहना है कि जीते जी तो उसकी बेटी को न्याय नहीं मिला, लेकिन मरने के बाद जरूर न्याय दिलाने की हर संभव कोशिश की जाएगी।
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एसपी जय प्रकाश ने पत्रकारों को बताया कि इस मामले की दो दिन में जांच की तो पता चला लड़की के गैंगरेप के मामले में रमाला पुलिस ने लापरवाही की है। विवेचक शरद तिलारा ने जल्दबाजी मेें केस में एफआर लगा दी । इसलिए विवेचक शरद तिलारा को निलंबित किया।
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इसके अलावा केस को अधर में लटकाने के आरोपियों के खिलाफ जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। छात्रा से छेड़छाड़ करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी सोनू, मोनू, रोहित, सागर और पप्पू को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
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वहां से उनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा। इस पूरे मामले की रमाला एसओ वीरेंद्र कुमार विवेचना कर रहे हैं। प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा एएसपी अजय कुमार सिंह करेंगे।
यह है मामला
रमाला के एक गांव की कक्षा नौ की छात्रा के साथ साढ़े तीन माह पहले गांव के ही पांच युवकों ने अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म किया। मुख्यमंत्री तक का दरवाजा खटखटाया , लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
आरोपी लड़की को लगातार परेशान कर रहे थे। शुक्रवार को छात्रा बाजार में सामान खरीदने के लिए गई । वहां पर आरोपी युवकों ने उसके साथ छेड़छाड़ कर सरेबाजार दुष्कर्म करने की धमकी दी । इससे आहत होकर उसने अपने घर पर जाकर आत्महत्या की ।
पुलिस का कमाल, 10 दिन मेें एफआर
बागपत। पुलिस सूत्रों की माने तो इस केस की विवेचना को मात्र दस दिन में ही विवेचक ने पूरी कर ली और केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। एसपी का कहना है कि केस डायरी समेत तमाम फाइलों की पड़ताल कराई जा रही है।
हमारी गलती हो तो फांसी पर चढ़ा दो
बागपत। जेल जाते समय आरोपियों ने कहा लड़की के परिजनों ने उनको रंजिश के चलते फंसाया है। केस की सहीं जांच होनी चाहिए। यदि हमारी गलती है तो उनको फांसी पर चढ़ दिया जाए। वह निर्दोष हैं।
अरविंद हत्याकांड में शरद तिलारा हुए थे लाइन हाजिर
बागपत। रमाला गांव के शिक्षक अरविंद की 29 जुलाई को लूट के विरोध पर हत्या कर दी गई थी। इस केस में तत्कालीन थाना इंचार्ज शरद तिलारा लाइन हाजिर हुए थे।
छात्रा की आज तेरहवीं, बेटी को इंसाफ दिलाएंगे
बागपत। छात्रा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी की सोमवार (आज ) तेरहवीं है। उनका कहना है कि जीते जी तो उसकी बेटी को न्याय नहीं मिला, लेकिन मरने के बाद जरूर न्याय दिलाने की हर संभव कोशिश की जाएगी।