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एसपी पर मुकदमे की धमकी देेने का आरोप
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 29 May 2016 12:30 AM IST
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गैंगरेप के मामले में एक बार फिर पुलिस पर सनसनीखेज आरोप लगा है। 11वीं की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में कार्रवाई न होने पर पीड़ित परिवार शनिवार को एसपी दफ्तर पर धरने पर बैठ गया था।
परिवार का आरोप है कि केस में पहले दरोगा ने समझौता करने का दबाव बनाया। इसके बाद धरने पर बैठे तो एसपी ने उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। इससे वे काफी परेशान हैं।
बड़ौत की महिला का कहना है कि उसके पति जूते-चप्पलों की एजेंसी पर नौकरी करते थे। उनकी 16 वर्षीय बेटी कक्षा 11 की छात्रा है। 11 मई को वह पिता का खाना लेकर एजेंसी पर गई थी। एजेंसी संचालक ने बेटी का अपहरण कर लिया और उसे मथुरा ले गया।
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मथुरा में आरोपी ने अपने जीजा के साथ मिलकर किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म किया था। 20 मई को आरोपी उसकी बेटी को बड़ौत रेलवे स्टेशन के पास छोड़कर फरार हो गए थे।
परिजनों के मुताबिक, बेटी ने उन्हें आपबीती सुनाई। तभी से वे थाने, चौकी और पुलिस अफसरों के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। चौकी का एक दरोगा उन पर केस में समझौते का दबाव बना रहा है।
परेशान होकर वे शनिवार को एसपी दफ्तर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। आरोप है कि एसपी ने उन्हें धमकी दी कि धरने पर बैठोगे तो तुम्हारे खिलाफ केस दर्ज करा दिया जाएगा।
परिजनों का कहना है कि अब तक आरोपियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज नहीं हुआ है। वे न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। वे इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करेंगे। इस संबंध में एएसपी अजीजुल हक का कहना है कि पीड़ित परिवार ने दो युवकों पर आरोप लगाया है। मामले की जांच सीओ बड़ौत को सौंपी गई है। लड़की पक्ष द्वारा पुलिस अफसरों पर लगाया गया आरोप पूरी तरह से गलत है।
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परिवार का आरोप है कि केस में पहले दरोगा ने समझौता करने का दबाव बनाया। इसके बाद धरने पर बैठे तो एसपी ने उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। इससे वे काफी परेशान हैं।
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बड़ौत की महिला का कहना है कि उसके पति जूते-चप्पलों की एजेंसी पर नौकरी करते थे। उनकी 16 वर्षीय बेटी कक्षा 11 की छात्रा है। 11 मई को वह पिता का खाना लेकर एजेंसी पर गई थी। एजेंसी संचालक ने बेटी का अपहरण कर लिया और उसे मथुरा ले गया।
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मथुरा में आरोपी ने अपने जीजा के साथ मिलकर किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म किया था। 20 मई को आरोपी उसकी बेटी को बड़ौत रेलवे स्टेशन के पास छोड़कर फरार हो गए थे।
परिजनों के मुताबिक, बेटी ने उन्हें आपबीती सुनाई। तभी से वे थाने, चौकी और पुलिस अफसरों के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। चौकी का एक दरोगा उन पर केस में समझौते का दबाव बना रहा है।
परेशान होकर वे शनिवार को एसपी दफ्तर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। आरोप है कि एसपी ने उन्हें धमकी दी कि धरने पर बैठोगे तो तुम्हारे खिलाफ केस दर्ज करा दिया जाएगा।
परिजनों का कहना है कि अब तक आरोपियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज नहीं हुआ है। वे न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। वे इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करेंगे। इस संबंध में एएसपी अजीजुल हक का कहना है कि पीड़ित परिवार ने दो युवकों पर आरोप लगाया है। मामले की जांच सीओ बड़ौत को सौंपी गई है। लड़की पक्ष द्वारा पुलिस अफसरों पर लगाया गया आरोप पूरी तरह से गलत है।