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ड्रोन से सात घंटे बाणगंगा में ढूंढा अपहृत आर्यन

Sun, 31 Jul 2016 12:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिनौली-दोघट
ब्यूरो/अमर उजाला, बिनौली-दोघट Updated Sun, 31 Jul 2016 12:53 AM IST
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seven hours searcg for Aryan abducted in Banganga by drone
आर्यन की तलाश में जंगल में घेराबंदी करते ग्रामीण और पुलिस। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
 भड़ल से अपह्त कक्षा चार के छात्र आर्यन को बाणगंगा और खपराना गांव के जंगल में दो बदमाशों के साथ बाइक पर देखे जाने की सूचना पर कांबिंग की गई। एसपी के नेतृत्व में सात घंटे सर्च अभियान चलाया। पुलिस ने ड्रोन उड़ाया। ग्रामीणों ने भी खेत खंगाले। एक खेत से बाइक, तमंचा और चप्पल बरामद हुई, लेकिन छात्र और बदमाशों का सुराग नहीं लग सका। 
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आर्यन अपहरण केस में शनिवार को पुलिस को जानकारी मिली थी कि बिनौली थाना क्षेत्र के खपराना और शाहपुर बाणगंगा क्षेत्र में एक बाइक पर दो बदमाश एक बच्चे को बीच में बैठाकर जंगल से गुजरते देखे गए हैं। बच्चे को तमंचे से डराया जा रहा था।
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जानकारी मिलते ही एसपी पूनम, एएसपी अजीजुल हक, सीओ खेकड़ा श्वेताभ पांडेय  के नेतृत्व में पुलिस टीम करीब एक बजे जंगल में पहुंच गई। ईख के खेत और ट्यूबवेलों की चेकिंग की।
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इस दौरान पुलिस को खेत से लावारिस हालत में एक स्पेंडर बाइक (डीएल3एस सीबी-3837) मिली। उससे करीब 100 मीटर की दूरी पर तमंचा और लाल रंग की एक चप्पल बरामद हुई। पुलिस और लोगों को शक है कि बदमाश बाइक, तमंचा छोड़ बच्चे को लेकर भाग निकले हैं। 

शाम करीब आठ बजे तक पुलिस और ग्रामीण कांबिंग करते रहे। लेकिन न आर्यन का पता  चला और न ही बदमाशों का। पुलिस ने ड्रोन मंगाकर खेतों के ऊपर उड़ाया। 

छावनी में बदला बाणगंगा का जंगल ः बागपत। पुलिस अफसरों ने खपराना और शाहपुर बाणगंगा गांव के जंगल को छावनी में तब्दील कर दिया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी। उसके बावजूद बदमाश भागने में कामयाब हो गए। 

पुलिस की देरी से फिसले बदमाश ः लोगों का कहना है कि आर्यन के परिजन और क्षेत्र के   लोग ही बदमाशों को तलाश कर रहे थे। जिस समय बदमाशों की गांव शाहपुर बाणगंगा में होने की जानकारी मिली थी। यदि उसी समय पुलिस वहां पर पहुंच जाती तो बदमाश आसानी से  पकड़े जा सकते थे। 

एक ओर बाइक मिली ः बागपत। पुलिस को जंगल से एक ओर बाइक मिली। बाद में मिलाना गांव के व्यक्ति ने दावा किया कि यह बाइक उसकी है। वह तो खुद बदमाशों को तलाश कर रहा था। उसी समय उसकी बाइक यहां पर रह गई थी।

स्पलेंडर बाइक पर पेशन का नंबर ः बाणगंगा इलाके से बरामद हुई बाइक चोरी या लूट की है। क्राइम सीओ श्वेताभ पांडेय ने बताया कि बरामद बाइक की जांच कराने पर  पता चला कि बाइक पर जो नंबर मिला है वह पेशन बाइक का है। इससे स्पष्ट है कि बाइक चोरी या लूट की है। इसकी सही जानकारी कराई जा रही है।

चरवाहा बोला- भाई, इसी बच्चे को लेकर भागे हैं बदमाश
बिनौली। पुलिस आर्यन की तलाश में जुटी है, लेकिन परिजन भी घर नहीं बैठे हैं। परिजनों की मेहनत रंग भी लाई। शनिवार को खपराना गांव के जंगल से लौट रही एक महिला ने परिजनों की ओर से दिखाए गए फोटो को देखते ही बोली कि 'भाई जल्दी पीछा करो, इसी बच्चे को लेकर बदमाश एक बाइक पर भागे हैं।

इतना सुनते ही परिजन बदमाशों के पीछे दौड़े। पुलिस को जानकारी दी। उधर, शाहपुर-बाणगंगा के तिराहे पर पशु चरा रहे एक व्यक्ति से जानकारी की तो उसने बताया कि बाइक सवार दो युवक बच्चे को साथ लिए हुए थे। आरोपी तेज स्पीड में थे। उन्होंने उसकी एक भैंस को भी टक्कर मारी है। युवकों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी और तलाश में दौड़ते रहे। 

बदमाशों ने बदल तो नहीं लिया ठिकाना
दाहा। आर्यन अपहरण केस में नए मोड़ आ रहे हैं। जिस तरीके से महिला और चरवाहे ने पुलिस को जानकारी दी, उससे लगता है कि बदमाश पुलिस से घबराकर भागना शुरू हो गए हैं। माना जा रहा है कि पहले आर्यन को जिस जगह रखा गया था, दबाव बढ़ते ही शनिवार को उसे छोड़ दिया। इस बीच एक महिला और चरवाहे ने उन्हें देख लिया।


जिस पर कांबिंग की गई है। वास्तव में बदमाशों के साथ आर्यन था या कोई ओर मामला यह तो बरामदगी और केस के खुलासे के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन इतना तय है कि बदमाशों पर पुलिस का दबाव बढ़ा है। महिला ने हरे रंग की बाइक देखे जाने की बात कही थी, लेकिन जो बाइक मिली वह नीले-काले रंग की है।
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