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अनुसूचित जाति आयोग में पेश हुए एसपी
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 16 Sep 2015 12:40 AM IST
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बागपत के सांकरौद गांव के खाप पंचायत के बहुचर्चित मामले में युवक के पिता की शिकायत पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में मंगलवार को बागपत एसपी शरद सचान पेश हुए।
युवक के पिता धर्मपाल ने करीब ढाई माह पूर्व राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग दिल्ली में शिकायत की थी कि उसके बेटे रवि का गांव की जाट बिरादरी की युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा था।
वे दोनों घर से फरार हो गए थे। युवती के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने रवि को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने कानून की निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया, बल्कि रवि का उत्पीड़न किया।
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पुलिस ने रवि को डोडा रखने के मामले में जेल भेज दिया। रवि तभी से ही जेल में बंद है। आयोग ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए बागपत एसपी को नोटिस भेज दिया था।
एसपी शरद सचान इस मामले में 24 अगस्त को आयोग में पेश हुए थे। हालांकि उस समय केस में सुनवाई नहीं हो पाई थी। मंगलवार को दोबारा एसपी शरद सचान आयोग में पेश हुए।
इस बारे में एसपी शरद सचान का कहना है कि युवक पक्ष के लोग आयोग में नहीं पहुंचे। इसलिए आयोग ने सुनाई की 20 अक्तूबर की तिथि तय कर दी है।
केस का विवेचक हो चुका है सस्पेंड
बागपत। इस मामले की एएसपी विद्या सागर मिश्र ने जांच की थी। उनकी जांच में केस के विवेचक एसआई अमन सिंह की लापरवाही सामने आई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी शरद सचान एसआई अमन सिंह को सस्पेंड कर चुके हैं।
पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप
बागपत। युवती पक्ष के लोगों का कहना है कि बागपत पुलिस महकमे का एक कर्मचारी उन पर युवती के बयान दर्ज कराने के लिए दबाव बना रहा है। उन्हें तरह-तरह की धमकी दे रहा है। इससे वे काफी भयभीत हैं। इस बारे में एएसपी ने जानकारी होने से इंकार किया है।
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युवक के पिता धर्मपाल ने करीब ढाई माह पूर्व राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग दिल्ली में शिकायत की थी कि उसके बेटे रवि का गांव की जाट बिरादरी की युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा था।
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वे दोनों घर से फरार हो गए थे। युवती के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने रवि को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने कानून की निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया, बल्कि रवि का उत्पीड़न किया।
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पुलिस ने रवि को डोडा रखने के मामले में जेल भेज दिया। रवि तभी से ही जेल में बंद है। आयोग ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए बागपत एसपी को नोटिस भेज दिया था।
एसपी शरद सचान इस मामले में 24 अगस्त को आयोग में पेश हुए थे। हालांकि उस समय केस में सुनवाई नहीं हो पाई थी। मंगलवार को दोबारा एसपी शरद सचान आयोग में पेश हुए।
इस बारे में एसपी शरद सचान का कहना है कि युवक पक्ष के लोग आयोग में नहीं पहुंचे। इसलिए आयोग ने सुनाई की 20 अक्तूबर की तिथि तय कर दी है।
केस का विवेचक हो चुका है सस्पेंड
बागपत। इस मामले की एएसपी विद्या सागर मिश्र ने जांच की थी। उनकी जांच में केस के विवेचक एसआई अमन सिंह की लापरवाही सामने आई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी शरद सचान एसआई अमन सिंह को सस्पेंड कर चुके हैं।
पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप
बागपत। युवती पक्ष के लोगों का कहना है कि बागपत पुलिस महकमे का एक कर्मचारी उन पर युवती के बयान दर्ज कराने के लिए दबाव बना रहा है। उन्हें तरह-तरह की धमकी दे रहा है। इससे वे काफी भयभीत हैं। इस बारे में एएसपी ने जानकारी होने से इंकार किया है।