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बड़ौत के प्रधानाचार्य जालसाजी में फंसे
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 26 Jul 2017 01:22 AM IST
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शैक्षिक प्रमाण पत्र में अलग-अलग जन्म तिथि दर्शाकर बड़ौत के जनता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. यशपाल सिंह शास्त्री मुसीबत में फंस गए हैं। कोर्ट ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ बड़ौत थानाध्यक्ष को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
अधिवक्ता सोहन पाल गुर्जर के मुताबिक बड़ौत के वीरेंद्र सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर कर बताया बड़ौत के जनता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. यशपाल शास्त्री ने हरियाणा के झज्जर के महाविद्यालय गुरुकुल से वर्ष 1986 से दसवीं और रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से वर्ष 1987 में इंटर की परीक्षा पास की।
उनकी संस्कृत प्रवक्ता के पद पर राजकीय इंटर कॉलेज बच्छुवा बाण चमौली (उत्तराखंड) में नियुक्त हुई थी। इसके बाद वर्ष 2008 में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड इलाहाबाद में प्रधानाचार्य के पद के लिए आवेदन किया। शास्त्री ने दोनों नियुक्तियों में अपनी जन्म तिथि अलग-अलग दर्शाए। एक प्रमाण में 10 जनवरी 1971 और दूसरे में 10 जनवरी 1973।
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बाद में इसका पता चला। आरोप है शस्त्री अपने शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर भी प्रधानाचार्य पद नहीं प्राप्त कर सकते हैं। आरोपी ने धोखाधड़ी और जालसाजी कर पद प्राप्त किया है। इस मामले मेें सीजेएम कोर्ट ने आरोपी प्रधानाचार्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश दिए। आरोपी प्रधानाचार्य का कहना है कि रंजिश में उन्हें फंसाया जा रहा है।
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अधिवक्ता सोहन पाल गुर्जर के मुताबिक बड़ौत के वीरेंद्र सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर कर बताया बड़ौत के जनता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. यशपाल शास्त्री ने हरियाणा के झज्जर के महाविद्यालय गुरुकुल से वर्ष 1986 से दसवीं और रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से वर्ष 1987 में इंटर की परीक्षा पास की।
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उनकी संस्कृत प्रवक्ता के पद पर राजकीय इंटर कॉलेज बच्छुवा बाण चमौली (उत्तराखंड) में नियुक्त हुई थी। इसके बाद वर्ष 2008 में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड इलाहाबाद में प्रधानाचार्य के पद के लिए आवेदन किया। शास्त्री ने दोनों नियुक्तियों में अपनी जन्म तिथि अलग-अलग दर्शाए। एक प्रमाण में 10 जनवरी 1971 और दूसरे में 10 जनवरी 1973।
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बाद में इसका पता चला। आरोप है शस्त्री अपने शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर भी प्रधानाचार्य पद नहीं प्राप्त कर सकते हैं। आरोपी ने धोखाधड़ी और जालसाजी कर पद प्राप्त किया है। इस मामले मेें सीजेएम कोर्ट ने आरोपी प्रधानाचार्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश दिए। आरोपी प्रधानाचार्य का कहना है कि रंजिश में उन्हें फंसाया जा रहा है।