फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Pradhan had surrendered in court

प्रधान ने किया कोर्ट में सरेंडर

Fri, 02 Dec 2016 12:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला,बागपत Updated Fri, 02 Dec 2016 12:50 AM IST
विज्ञापन
बागपत में किशोरी से रेप के बाद बेटा पैदा होने के मामले में फरार चल रहे आरोपी ग्राम प्रधान ने पुलिस को चकमा देकर बृहस्पतिवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस को इसकी भनक भी नहीं लगी। आरोपी ने किशोरी के बच्चे को अपना बेटा मानने से इंकार कर दिया। उनका कहना है कि उसे चुनावी रंजिश के तहत फंसाया गया है। उसने मांग की है कि उसका व नवजात का डीएनए टेस्ट कराया जाए। ताकि सच्चाई सामने आ सके।
विज्ञापन

चांदीनगर थाना क्षेत्र के एक गांव की 16 वर्षीय किशोरी ने आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान उसे एक दिन बहलाकर मकान में ले गया था। आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। धमकी दी कि किसी के सामने मुंह खोला तो अंजाम बुरा होगा। पता चलने पर परिजनों ने 15 अक्टूबर को आरोपी प्रधान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। थाना पुलिस मामले को बेहद हल्के में ले रही थी। 
विज्ञापन

 शनिवार को किशोरी ने गाजियाबाद में बेटे को जन्म दिया। इस दौरान उसकी हालत बिगड़ गई थी।  पुलिस ने आरोपी प्रधान की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए थे, लेकिन उसको गिरफ्तार नहीं कर पाई। आरोपी प्रधान के खिलाफ बुधवार को कोर्ट से गैर जमानती वारंट हो गए थे। बृहस्पतिवार को आरोपी प्रधान ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस को भनक नहीं लगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

आरोपी ग्राम प्रधान ने जेल जाते समय कहा उसने किशोरी से दुष्कर्म नहीं किया । गांव के एक व्यक्ति ने चुनावी रंजिश में किशोरी पर दबाव बनाकर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। उस पर लगा आरोप गलत है।  उसका अौर किशोरी से पैदा हुए बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाए, ताकि सच्चाई का पता चले। आरोपी  ने कहा उसके चार बच्चे हैं। इस केस में पुलिस से बचने के लिए दिल्ली गया । वहां रह रहा था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed