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डोडा केस में आठ पुलिसवालों के बयान दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 09 Nov 2015 12:34 AM IST
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बागपत के सांकरौद गांव की खाप पंचायत के बहुचर्चित मामले में दलित युवक रवि को डोडा में जेल भेजने के केस की जांच कर रहे क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर रामशरण सिंह, आठ पुलिस वालों के बयान दर्ज कर चुके हैं। हालांकि उन्होंने अभी तक जेल भेजने के आरोपी दारोगा अमन सिंह के बयान नहीं लिए है।
रवि के पिता धर्मपाल सिंह ने मेरठ जोन के आईजी से शिकायत की थी कि उसका बेटा रवि, मई माह में गांव की जाट बिरादरी की युवती को लेकर फरार हो गया था। उसने खुद फोन करके दिल्ली में उन्हें पुलिस से पकड़वाया था। कुछ दिन बाद वे दोनों दोबारा फरार हो गए थे।
उस समय भी उसने मेरठ के मेडिकल थाना पुलिस को खुद फोन करके उन्हें पकड़वाया। लेकिन मेडिकल थाना पुलिस ने युवक और युवती को खेकड़ा पुलिस को सौंप दिया था। खेकड़ा पुलिस ने युवती के बगैर कोर्ट में बयान दर्ज कराए ही युवती के परिजनों को सौंप दिया था और रवि के पास डोडा दर्शाते हुए उसे जेल भेज दिया था।
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आईजी ने इस मामले को गंभीरता से लिया था। उनके आदेश पर केस की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। केस के विवेचक आठ पुलिस वालों के बयान ले चुके हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो अधिकतर पुलिसवालों ने बताया कि जिस समय मेरठ से रवि को लाया गया था, उस समय उसके पास डोडा नहीं था। अब यह जांच का विषय है कि रवि के पास खेकड़ा थाना में डोडा कहां से आया? पुलिस हर बिंदू की जांच कर रही है।
केस के विवेचक क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर रामशरण सिंह का कहना है कि इस मामले में आठ पुलिसवालों के बयान दर्ज हो चुके है। इनमें वे पुलिसवाले शामिल है जो रवि और युवती को मेरठ मेडिकल थाना से लेकर आए थे। इसके अलावा खेकड़ा थाना के कार्यालय के पुलिसवाले भी शामिल है।
मेडिकल थाना के जिस दारोगा ने युवक-युवती को खेकड़ा पुलिस के सुपुदर्गी किया था, उसे बयान के लिए नोटिस भेजा गया है। उसके भी जल्द ही बयान दर्ज करा लिए जाएंगे।
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रवि के पिता धर्मपाल सिंह ने मेरठ जोन के आईजी से शिकायत की थी कि उसका बेटा रवि, मई माह में गांव की जाट बिरादरी की युवती को लेकर फरार हो गया था। उसने खुद फोन करके दिल्ली में उन्हें पुलिस से पकड़वाया था। कुछ दिन बाद वे दोनों दोबारा फरार हो गए थे।
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उस समय भी उसने मेरठ के मेडिकल थाना पुलिस को खुद फोन करके उन्हें पकड़वाया। लेकिन मेडिकल थाना पुलिस ने युवक और युवती को खेकड़ा पुलिस को सौंप दिया था। खेकड़ा पुलिस ने युवती के बगैर कोर्ट में बयान दर्ज कराए ही युवती के परिजनों को सौंप दिया था और रवि के पास डोडा दर्शाते हुए उसे जेल भेज दिया था।
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आईजी ने इस मामले को गंभीरता से लिया था। उनके आदेश पर केस की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। केस के विवेचक आठ पुलिस वालों के बयान ले चुके हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो अधिकतर पुलिसवालों ने बताया कि जिस समय मेरठ से रवि को लाया गया था, उस समय उसके पास डोडा नहीं था। अब यह जांच का विषय है कि रवि के पास खेकड़ा थाना में डोडा कहां से आया? पुलिस हर बिंदू की जांच कर रही है।
केस के विवेचक क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर रामशरण सिंह का कहना है कि इस मामले में आठ पुलिसवालों के बयान दर्ज हो चुके है। इनमें वे पुलिसवाले शामिल है जो रवि और युवती को मेरठ मेडिकल थाना से लेकर आए थे। इसके अलावा खेकड़ा थाना के कार्यालय के पुलिसवाले भी शामिल है।
मेडिकल थाना के जिस दारोगा ने युवक-युवती को खेकड़ा पुलिस के सुपुदर्गी किया था, उसे बयान के लिए नोटिस भेजा गया है। उसके भी जल्द ही बयान दर्ज करा लिए जाएंगे।