{"_id":"afb52b28f2c0e893c5f356f24763fba2","slug":"nomination-threat-not-prdani-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धमकी मिली तो नहीं किया प्रधानी का नामांकन ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
धमकी मिली तो नहीं किया प्रधानी का नामांकन
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 28 Nov 2015 12:47 AM IST
विज्ञापन
निरपुड़ा गांव के प्रधान पद के संभावित प्रत्याशी निश्चय राणा को हिस्ट्रीशीटर एवं जिला बदर बाबू भड़ल और उसके साथी ओमप्रकाश ने फोन पर धमकी दी है कि प्रधानी का पर्चा न भर, वरना इस काम के लिए बिनौली ब्लाक का मुंह भी नहीं देख पाएगा। पीड़ित उनके डर से शुक्रवार को नामांकन करने भी नहीं पहुंचा। उसने एएसपी को घटना की जानकारी दी है। उसने कहा कि आरोपी उसके पिता ब्रजपाल की हत्या कर चुके हैं।
निश्चय राणा ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे उसके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वालों ने खुद को बाबू भड़ल और ओमप्रकाश बताते हुए कहा कि प्रधानी का फार्म भरने का इरादा छोड़ दें। उसने नामांकन करने की कोशिश की तो उसे बिनौली ब्लाक तक नहीं पहुंचने दिया जाएगा। उससे पहले ही उसे दुनिया से उठा दिया जाएगा। इतना हीं नहीं आरोपियों ने धमकी दी कि पुलिस से जितनी सुरक्षा लेनी हो ले ले, इसका उन पर कोई फर्क नहीं पकड़ने वाला है। इस धमकी के बाद से पूरा परिवार काफी भयभीत है।
वे अपने मकान से बाहर निकलने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे हैं। यह हाल तो तब है जब उन्हें पुलिस सुरक्षा मिली हुई है। आरोपियों के डर से पीड़ित ने शुक्रवार को नामांकन भी नहीं किया है। उन्होंने बागपत पहुंचकर एएसपी से घटना की शिकायत की। एएसपी विद्या सागर मिश्र का कहना है कि निश्चय ने उनसे शिकायत की है। इस मामले की जांच की जा रही है। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
निश्चय राणा के पिता ब्रजपाल सिंह की 29 सितंबर 2012 को गांव में ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। निश्चय इस केस का गवाह है। आरोपी बाबू भड़ल और ओमप्रकाश निरपुड़ा उस पर केस में समझौता का लगातार दबाव बना रहे हैं। पिछले साल कोर्ट में गवाही के लिए जाते समय दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर गुफा बाबा मंदिर के पास उस पर आरोपियों ने जानलेवा हमला किया था। निश्चय बाल-बाल बच गया था। उसके बाद भी आरोपी लगातार उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस अफसरों ने सुरक्षा की दृष्टि से उसे और उसके परिवार को गनर उपलब्ध करा रखा है।
विज्ञापन
निश्चय राणा ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे उसके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वालों ने खुद को बाबू भड़ल और ओमप्रकाश बताते हुए कहा कि प्रधानी का फार्म भरने का इरादा छोड़ दें। उसने नामांकन करने की कोशिश की तो उसे बिनौली ब्लाक तक नहीं पहुंचने दिया जाएगा। उससे पहले ही उसे दुनिया से उठा दिया जाएगा। इतना हीं नहीं आरोपियों ने धमकी दी कि पुलिस से जितनी सुरक्षा लेनी हो ले ले, इसका उन पर कोई फर्क नहीं पकड़ने वाला है। इस धमकी के बाद से पूरा परिवार काफी भयभीत है।
विज्ञापन
वे अपने मकान से बाहर निकलने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे हैं। यह हाल तो तब है जब उन्हें पुलिस सुरक्षा मिली हुई है। आरोपियों के डर से पीड़ित ने शुक्रवार को नामांकन भी नहीं किया है। उन्होंने बागपत पहुंचकर एएसपी से घटना की शिकायत की। एएसपी विद्या सागर मिश्र का कहना है कि निश्चय ने उनसे शिकायत की है। इस मामले की जांच की जा रही है। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
निश्चय राणा के पिता ब्रजपाल सिंह की 29 सितंबर 2012 को गांव में ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। निश्चय इस केस का गवाह है। आरोपी बाबू भड़ल और ओमप्रकाश निरपुड़ा उस पर केस में समझौता का लगातार दबाव बना रहे हैं। पिछले साल कोर्ट में गवाही के लिए जाते समय दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर गुफा बाबा मंदिर के पास उस पर आरोपियों ने जानलेवा हमला किया था। निश्चय बाल-बाल बच गया था। उसके बाद भी आरोपी लगातार उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस अफसरों ने सुरक्षा की दृष्टि से उसे और उसके परिवार को गनर उपलब्ध करा रखा है।