{"_id":"57dc4ca44f1c1b447fd4829b","slug":"killer-servant-sentenced-to-life","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्यारे नौकर को उम्रकैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हत्यारे नौकर को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 17 Sep 2016 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश राज्य पशुधन विभाग के सलाहकार और बड़ौत विधानसभा से सपा के प्रत्याशी चौधरी साहब सिंह के बड़े भाई चौधरी वीरसैन सिंह की सात साल पूर्व हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी नौकर को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
बाघू गांव निवासी चौधरी साहब सिंह ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 जून 2009 की रात में उनके बड़े भाई चौधरी वीरसैन सिंह, अपने नौकर रामसिंह के साथ बागपत के खेत में ट्यूबवेल पर पानी चलाने के लिए गए थे। वीरसैन रात एक बजे नौकर को पानी चलाने के लिए बोलकर सो गए थे। अगले दिन सुबह उनका बड़ा भतीजा सुधीर चाय लेकर खेत में पहुंचा तो उनके भाई वीरसैन चारपाई पर मृत मिले।
उनके शरीर पर फावड़े की चोटें लगी हुई मिली और दाया हाथ कटा हुआ अलग रखा मिला। पास में खून से सना फावड़ा रखा था। नौकर वहां से गायब था। उसका वहां पर कपड़ा पड़ा हुआ था। उनका कहना था कि नौकर ने बड़े भाई वीरसैन की हत्या उनकी अंगूठी, घड़ी व पैसे के लालच में की है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से घड़ी, अंगूठी बरामद की थी। पुलिस ने आरोपी नौकर रामसिंह उर्फ थान सिंह पुत्र मोहनसिंह निवासी ततारपुर शर्की (जेपी नगर ) के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
विज्ञापन
डीजीसी सुनील पंवार और वादी के अधिवक्ता जसपाल राणा ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) शक्तिपुत्र तोमर की कोर्ट ने आरोपी रामसिंह उर्फ थान सिंह को केस का दोषी माने हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा 13 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। राशि जमा न करने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
बाघू गांव निवासी चौधरी साहब सिंह ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 जून 2009 की रात में उनके बड़े भाई चौधरी वीरसैन सिंह, अपने नौकर रामसिंह के साथ बागपत के खेत में ट्यूबवेल पर पानी चलाने के लिए गए थे। वीरसैन रात एक बजे नौकर को पानी चलाने के लिए बोलकर सो गए थे। अगले दिन सुबह उनका बड़ा भतीजा सुधीर चाय लेकर खेत में पहुंचा तो उनके भाई वीरसैन चारपाई पर मृत मिले।
विज्ञापन
उनके शरीर पर फावड़े की चोटें लगी हुई मिली और दाया हाथ कटा हुआ अलग रखा मिला। पास में खून से सना फावड़ा रखा था। नौकर वहां से गायब था। उसका वहां पर कपड़ा पड़ा हुआ था। उनका कहना था कि नौकर ने बड़े भाई वीरसैन की हत्या उनकी अंगूठी, घड़ी व पैसे के लालच में की है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से घड़ी, अंगूठी बरामद की थी। पुलिस ने आरोपी नौकर रामसिंह उर्फ थान सिंह पुत्र मोहनसिंह निवासी ततारपुर शर्की (जेपी नगर ) के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
विज्ञापन
डीजीसी सुनील पंवार और वादी के अधिवक्ता जसपाल राणा ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) शक्तिपुत्र तोमर की कोर्ट ने आरोपी रामसिंह उर्फ थान सिंह को केस का दोषी माने हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा 13 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। राशि जमा न करने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।