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हादसे में मारे गए युवकों के परिजन बोले, हादसा नहीं हत्या
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 16 Oct 2016 03:35 PM IST
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हाईवे पर पड़े पत्थर ।
- फोटो : अमर उजाला
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बागपत। हादसे में दो युवकों की मौत के बाद पीड़ित पक्ष के लोग शहर के राष्ट्र वंदना चौक पर जमा हो गए। गुस्साए लोगों का कहना था कि दो युवकों की मौत नहीं हुई, बल्कि हत्या की गई है। पुलिस से मामले की जांच की मांग रखी गई। आरोप लगाया कि एक युवक गायब है, जिसका अभी तक सुराग नहीं लग सका है।
अग्रवाल मंडी टटीरी और नया गांव के बीच करीब आठ बजे हादसा हुआ। साढे़ नौ बजे जैसे ही जिला चिकित्सालय में दोनों युवकों के मरने की पुष्टि हुई तो परिजनों का गुस्सा भड़क गया। दिल्ली-यमुनौत्री हाईवे पर परिजन पहुंचे। लोगों का कहना था कि यह हादसा नहीं हत्या है। ट्रैक्टर पर एक अन्य युवक भी सवार था, जिसका कोई सुराग नहीं लग सका है। पुलिस से तीसरे युवक की बरामद की मांग की गई। उधर, कार सवार घायलों को भी पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है।
पुलिस की लाठी पड़ते ही बिगड़ी बात
पुलिस से वारदात के खुलासे की मांग कर रहे युवक उत्तेजित थे। इस बीच इन युवकों को नियंत्रित करने के लिए कुछ सिपाहियों ने लाठी का प्रयोग किया। इस पर युवक बिगड़ गए। मौके से कुछ ही दूर खड़ी रोडवेज की बस पर पथराव कर दिया। यही नहीं पुलिस जीप पर भी पत्थर फेंके गए। पुलिसकर्मियों को भी नहीं बख्शा गया।
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चौराहे पर छा गया सन्नाटा
शहर के राष्ट्र वंदना चौक पर आमतौर पर रातभर चहल-पहल रहती है। लेकिन जैसे ही यहां पथराव हुआ सन्नाटा पसर गया। दुकानें बंद हो गई और ठैलियों वाले भी अपने घर की तरफ चले गए।
सवारियों ने किसी तरह बचाई जान
बड़ौत डिपो की बस जिस वक्त राष्ट्र वंदना चौक पहुंची, उसमें करीब 45 यात्री सवार थे। हंगामे और तनाव की स्थिति को देखते हुए यात्री बस से उतरने शुरू हो गए। जिस वक्त पथराव हुआ बस खाली थी। इसमें किसी यात्री को चोटें नहीं लगी है।
कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार का कहना है कि किसी यात्री को नुकसान नहीं पहुंचा है। कुछ युवकों ने बस पर पथराव किया था, जिसे बाद में नियंत्रित कर लिया गया।
ईंट लाकर दिखाई
हंगामे के दौरान एक युवक खून सनी ईंट लेकर पहुंचा, आरोप लगाया कि ईंटों से पीटकर हत्या की गई है। पुलिस का कहना था कि जांच की जाएगी।
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अग्रवाल मंडी टटीरी और नया गांव के बीच करीब आठ बजे हादसा हुआ। साढे़ नौ बजे जैसे ही जिला चिकित्सालय में दोनों युवकों के मरने की पुष्टि हुई तो परिजनों का गुस्सा भड़क गया। दिल्ली-यमुनौत्री हाईवे पर परिजन पहुंचे। लोगों का कहना था कि यह हादसा नहीं हत्या है। ट्रैक्टर पर एक अन्य युवक भी सवार था, जिसका कोई सुराग नहीं लग सका है। पुलिस से तीसरे युवक की बरामद की मांग की गई। उधर, कार सवार घायलों को भी पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है।
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पुलिस की लाठी पड़ते ही बिगड़ी बात
पुलिस से वारदात के खुलासे की मांग कर रहे युवक उत्तेजित थे। इस बीच इन युवकों को नियंत्रित करने के लिए कुछ सिपाहियों ने लाठी का प्रयोग किया। इस पर युवक बिगड़ गए। मौके से कुछ ही दूर खड़ी रोडवेज की बस पर पथराव कर दिया। यही नहीं पुलिस जीप पर भी पत्थर फेंके गए। पुलिसकर्मियों को भी नहीं बख्शा गया।
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चौराहे पर छा गया सन्नाटा
शहर के राष्ट्र वंदना चौक पर आमतौर पर रातभर चहल-पहल रहती है। लेकिन जैसे ही यहां पथराव हुआ सन्नाटा पसर गया। दुकानें बंद हो गई और ठैलियों वाले भी अपने घर की तरफ चले गए।
सवारियों ने किसी तरह बचाई जान
बड़ौत डिपो की बस जिस वक्त राष्ट्र वंदना चौक पहुंची, उसमें करीब 45 यात्री सवार थे। हंगामे और तनाव की स्थिति को देखते हुए यात्री बस से उतरने शुरू हो गए। जिस वक्त पथराव हुआ बस खाली थी। इसमें किसी यात्री को चोटें नहीं लगी है।
कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार का कहना है कि किसी यात्री को नुकसान नहीं पहुंचा है। कुछ युवकों ने बस पर पथराव किया था, जिसे बाद में नियंत्रित कर लिया गया।
ईंट लाकर दिखाई
हंगामे के दौरान एक युवक खून सनी ईंट लेकर पहुंचा, आरोप लगाया कि ईंटों से पीटकर हत्या की गई है। पुलिस का कहना था कि जांच की जाएगी।