{"_id":"58c2f51e4f1c1bda32dc56a4","slug":"harendra-s-murderer-turns-out-to-be-fellow-friend","type":"story","status":"publish","title_hn":"साथी मुनीम ही निकला हरेंद्र का कातिल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
साथी मुनीम ही निकला हरेंद्र का कातिल
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 11 Mar 2017 12:26 AM IST
विज्ञापन
हरेन्द्र पांचाल हत्याकांड में पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी युवक
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। पाली गांव के भट्टा मुनीम हरेंद्र पांचाल की हत्या का पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर केस का खुलासा कर दिया। हरेंद्र की हत्या चार लाख रुपये के लेनदेन में उसके ही साथी भट्टा मुनीम ने अपने दोस्त के साथ मिलकर की थी। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा, मृतक की बाइक और मोबाइल बरामद किया है।
एसपी अजय शंकर राय ने पत्रकारों को बताया कि हत्याकांड में मवीकलां निवासी सुधीर पुत्र रमेश और हिलवाड़ी निवासी अंकित पुत्र धर्मवीर शामिल रहे हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके मुताबिक हरेंद्र और सुधीर दोनों भट्टे पर मुनीम थे। करीब दो साल पहले भट्टे की ईंटों में हेराफेरी करने पर सुधीर को भट्टा मालिक ने हटा दिया था। उसके बाद भी सुधीर, हरेंद्र के संपर्क में रहा। सुधीर ने हरेंद्र से करीब चार लाख रुपये ले रखे थे। हरेंद्र उससे अपने रुपये का तगादा कर रहा था। रुपये न देने पड़े, इसीलिए सुधीर ने हरेंद्र की हत्या करने की योजना बनाई। इसमें अंकित को 20 हजार रुपये देकर शामिल कर लिया था। अंकित इस भट्ठे पर पहले मजदूरी कर चुका है। वारदात को दोनों ने 25 जनवरी को अंजाम दिया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा, दो कारतूस, मृतक का मोबाइल और बाइक बरामद हुई है।
अलग-अलग नंबरों से करता था कॉल
बागपत। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सुधीर, महिला के अलग-अलग नंबरों पर उससे बात करने के लिए फोन करता था। पुलिस सर्विलांस से इसका खुलासा हुआ है। पुलिस ने कई बार महिला से जानकारी करने का प्रयास किया, लेकिन उसने पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी थी। हरेंद्र उसके प्रेम-प्रसंग में भी बाधक बना हुआ था।
विज्ञापन
अंकित ने खोली सुधीर की पोल
बागपत। पुलिस खुलासे से पहले सुधीर को दो बार कोतवाली पर लाई। उससे लंबी पूछताछ की, लेकिन उसने पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने अंकित को पकड़कर पूछताछ की तो उसने सुधीर की पोल खोल दी। उसके बाद दोनों ने घटना का इकबाल किया। वारदात से एक माह पहले ही षड़यंत्र रच लिया था।
पुलिस टीम को 51 हजार रुपये
बागपत। भट्ठा मालिक एवं भाजपा नेता अजय चौहान ने केस का खुलासा करने पर पुलिस टीम को 51 हजार रुपये देने की घोषणा की है। साथ ही एसपी ने भी टीम को इनाम देने को कहा। इस टीम में कोतवाल अरुण कुमार द्विवेदी, एसआई दिनेश कुमार, इसम सिंह, कांस्टेबल मोनू कुमार, प्रवेश कुमार और विनोद शर्मा शामिल है।
यह था मामला
बागपत। पाली निवासी हरेंद्र पांचाल अपने गांव के पास स्थित भट्टे पर मुनीम थे। 25 जनवरी को घर से भट्टे पर जाते समय उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बदमाश उसकी बाइक और मोबाइल लेकर चले गए थे। भट्टा मालिक अजय चौहान ने कोतवाली पर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
एसपी अजय शंकर राय ने पत्रकारों को बताया कि हत्याकांड में मवीकलां निवासी सुधीर पुत्र रमेश और हिलवाड़ी निवासी अंकित पुत्र धर्मवीर शामिल रहे हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके मुताबिक हरेंद्र और सुधीर दोनों भट्टे पर मुनीम थे। करीब दो साल पहले भट्टे की ईंटों में हेराफेरी करने पर सुधीर को भट्टा मालिक ने हटा दिया था। उसके बाद भी सुधीर, हरेंद्र के संपर्क में रहा। सुधीर ने हरेंद्र से करीब चार लाख रुपये ले रखे थे। हरेंद्र उससे अपने रुपये का तगादा कर रहा था। रुपये न देने पड़े, इसीलिए सुधीर ने हरेंद्र की हत्या करने की योजना बनाई। इसमें अंकित को 20 हजार रुपये देकर शामिल कर लिया था। अंकित इस भट्ठे पर पहले मजदूरी कर चुका है। वारदात को दोनों ने 25 जनवरी को अंजाम दिया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा, दो कारतूस, मृतक का मोबाइल और बाइक बरामद हुई है।
विज्ञापन
अलग-अलग नंबरों से करता था कॉल
बागपत। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सुधीर, महिला के अलग-अलग नंबरों पर उससे बात करने के लिए फोन करता था। पुलिस सर्विलांस से इसका खुलासा हुआ है। पुलिस ने कई बार महिला से जानकारी करने का प्रयास किया, लेकिन उसने पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी थी। हरेंद्र उसके प्रेम-प्रसंग में भी बाधक बना हुआ था।
विज्ञापन
अंकित ने खोली सुधीर की पोल
बागपत। पुलिस खुलासे से पहले सुधीर को दो बार कोतवाली पर लाई। उससे लंबी पूछताछ की, लेकिन उसने पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने अंकित को पकड़कर पूछताछ की तो उसने सुधीर की पोल खोल दी। उसके बाद दोनों ने घटना का इकबाल किया। वारदात से एक माह पहले ही षड़यंत्र रच लिया था।
पुलिस टीम को 51 हजार रुपये
बागपत। भट्ठा मालिक एवं भाजपा नेता अजय चौहान ने केस का खुलासा करने पर पुलिस टीम को 51 हजार रुपये देने की घोषणा की है। साथ ही एसपी ने भी टीम को इनाम देने को कहा। इस टीम में कोतवाल अरुण कुमार द्विवेदी, एसआई दिनेश कुमार, इसम सिंह, कांस्टेबल मोनू कुमार, प्रवेश कुमार और विनोद शर्मा शामिल है।
यह था मामला
बागपत। पाली निवासी हरेंद्र पांचाल अपने गांव के पास स्थित भट्टे पर मुनीम थे। 25 जनवरी को घर से भट्टे पर जाते समय उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बदमाश उसकी बाइक और मोबाइल लेकर चले गए थे। भट्टा मालिक अजय चौहान ने कोतवाली पर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।