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गैडबरा में कामधेनु डेयरी पर डाका
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 21 Jan 2017 11:59 PM IST
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गैडबरा गांव में डेयरी पर डकैती की घटना के बाद पुलिस को जानकारी देते ग्रामीण
- फोटो : amar ujala
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बागपत के गैडबरा गांव में शुक्रवार की रात में करीब दो दर्जन सशस्त्र बदमाशों ने कामधेनु डेयरी में डाका डाला। बदमाश डेयरी मालिकों को बंधक बनाकर नौ मवेशी और अन्य सामान लूटकर ले गए। विरोध करने पर उनकी जमकर पिटाई की। इससे घायल हो गए। पीड़ित पुलिस कंट्रोल रूम (100 नंबर) पर कॉल करते रहे, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। बाद में पुलिस अफसरों ने मौके पर पहुंचकर वारदात स्थल का निरीक्षण किया। पीड़ितों ने थाना दोघट में डेयरी में डकैती की रिपोर्ट दर्ज कराई।
गैडबरा निवासी दो भाई (प्रत पाल और ओमपाल) की गांव के बाहरी छोर पर कामधेनु दूध की डेयरी है। शुक्रवार की रात में प्रत पाल, ओमपाल, संजीव (प्रत पाल का बेटा) और दो नौकर (छोटू और जयपाल) डेयरी परिसर में बने कमरे में सो रहे थे। कमरे की खिड़की नहीं लगी थी। रात्रि में 12 बजे 20-25 बदमाश दीवार फांदकर डेयरी परिसर के अंदर घुसे । बदमाश राइफल, पिस्टल और तमंचे लिए थे। बदमाश खिड़के के रास्ते कमरे में घुसे। बदमाशों ने कमरे में सो रहे सभी लोगों को गन प्वाइंट पर ले लिया और लूटपाट शुरू कर दी। विरोध करने पर असलाह के बटों से प्रत पाल और ओमपाल की जमकर पिटाई की। इससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बदमाशों को देखकर कुत्ते ने भोंकना शुरू किया तो बदमाशों ने कुत्ते की भी पिटाई कर दी। इसके बाद बदमाश डेयरी में बंधी 10 भैंस और एक भैंसें को लेकर चल दिए। दो भैंस ट्रक में नहीं चढ़ पाई। बदमाशों ने दोनों को वहीं छोड़ दिया।
पीड़ितों के अनुसार 5-6 बदमाश डेयरी के कमरे में रहे और अन्य बदमाश मवेशियों को लूटकर ले गए। जब तक बदमाश अपने स्थान पर नहीं पहुंचे, तब तक बदमाश डेयरी के कमरे में रहे और उनकी पिटाई करते रहे। शनिवार को सुबह करीब चार बजे बदमाश वहां से टीवी, दो बैट्री, इनवेटर, गैस सिलेंडर आदि सामान गाड़ी में लादकर भाग गए। बाद में सीओ कर्मवीर सिंह और दोघट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मौका मुआयना किया। बाद में दोघट थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। सीओ ने कहा डेयरी में लूटपाट करने वाले बदमाशों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही उनको पकड़ लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि करीब सात माह पहले भी बदमाशों ने गांव दाहा में महक सिंह की कामधेनु डेरी में डकैती डाली थी। बदमाश डेरी से करीब 12 लाख रुपये कीमत की भैंस और गाय ले गए थे।
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मेरठ का हो सकता है डकैतों का गैंग
बागपत। पीड़ितों के मुताबिक पांच - छह बदमाश उनके पास रहे। अन्य मवेशियों को लेकर ट्रक में लादकर चले गए थे। इसके पास मौजूद बदमाश मोबाइल फोन से अपने साथियों से समर्थक कर रहे थे और बोल रहे थे मेरठ में पहुंच गए क्या। जैसे ही जवाब मिला हां, इसके बाद सभी बदमाश सामान गाड़ी में लादकर चले गए। इससे लगता है डकैती डालने वाला गैंग मेरठ का है।
100 नंबर पर 100 बार की कॉल, नहीं मिला रेस्पोंस
दोघट। पीड़ितों के अनुसार डेयरी में लूटपाट करने वाले बदमाशों के जाने के बाद 100 नंबर पर करीब 30 मिनट तक कॉल करते रहे, लेकिन किसी ने भी फोन नहीं रिसीव किया। जबकि उनकी डेयरी से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर यूपी-100 की गाड़ी खड़ी थी। बाद में पीड़ितों ने यूपी-100 में तैनात पुलिस कर्मियों को वारदात की जानकारी दी। उन्होंने कहाऐसी सेवा का क्या फायदा है।
रात्रि में पुलिस क्यों नहीं करती वाहनों की चेकिंग
दोघट। डेयरी में हुई डकैती की वारदात ने पुलिस की कार्यशैली की पोल खोल दी है। इससे पता चलता है जनपद में पुलिस कितनी चौकस है। बदमाश वारदात हो अंजाम देकर चले गए। पुलिस को इसकी भनक भी नहीं लगी।
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गैडबरा निवासी दो भाई (प्रत पाल और ओमपाल) की गांव के बाहरी छोर पर कामधेनु दूध की डेयरी है। शुक्रवार की रात में प्रत पाल, ओमपाल, संजीव (प्रत पाल का बेटा) और दो नौकर (छोटू और जयपाल) डेयरी परिसर में बने कमरे में सो रहे थे। कमरे की खिड़की नहीं लगी थी। रात्रि में 12 बजे 20-25 बदमाश दीवार फांदकर डेयरी परिसर के अंदर घुसे । बदमाश राइफल, पिस्टल और तमंचे लिए थे। बदमाश खिड़के के रास्ते कमरे में घुसे। बदमाशों ने कमरे में सो रहे सभी लोगों को गन प्वाइंट पर ले लिया और लूटपाट शुरू कर दी। विरोध करने पर असलाह के बटों से प्रत पाल और ओमपाल की जमकर पिटाई की। इससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बदमाशों को देखकर कुत्ते ने भोंकना शुरू किया तो बदमाशों ने कुत्ते की भी पिटाई कर दी। इसके बाद बदमाश डेयरी में बंधी 10 भैंस और एक भैंसें को लेकर चल दिए। दो भैंस ट्रक में नहीं चढ़ पाई। बदमाशों ने दोनों को वहीं छोड़ दिया।
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पीड़ितों के अनुसार 5-6 बदमाश डेयरी के कमरे में रहे और अन्य बदमाश मवेशियों को लूटकर ले गए। जब तक बदमाश अपने स्थान पर नहीं पहुंचे, तब तक बदमाश डेयरी के कमरे में रहे और उनकी पिटाई करते रहे। शनिवार को सुबह करीब चार बजे बदमाश वहां से टीवी, दो बैट्री, इनवेटर, गैस सिलेंडर आदि सामान गाड़ी में लादकर भाग गए। बाद में सीओ कर्मवीर सिंह और दोघट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मौका मुआयना किया। बाद में दोघट थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। सीओ ने कहा डेयरी में लूटपाट करने वाले बदमाशों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही उनको पकड़ लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि करीब सात माह पहले भी बदमाशों ने गांव दाहा में महक सिंह की कामधेनु डेरी में डकैती डाली थी। बदमाश डेरी से करीब 12 लाख रुपये कीमत की भैंस और गाय ले गए थे।
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मेरठ का हो सकता है डकैतों का गैंग
बागपत। पीड़ितों के मुताबिक पांच - छह बदमाश उनके पास रहे। अन्य मवेशियों को लेकर ट्रक में लादकर चले गए थे। इसके पास मौजूद बदमाश मोबाइल फोन से अपने साथियों से समर्थक कर रहे थे और बोल रहे थे मेरठ में पहुंच गए क्या। जैसे ही जवाब मिला हां, इसके बाद सभी बदमाश सामान गाड़ी में लादकर चले गए। इससे लगता है डकैती डालने वाला गैंग मेरठ का है।
100 नंबर पर 100 बार की कॉल, नहीं मिला रेस्पोंस
दोघट। पीड़ितों के अनुसार डेयरी में लूटपाट करने वाले बदमाशों के जाने के बाद 100 नंबर पर करीब 30 मिनट तक कॉल करते रहे, लेकिन किसी ने भी फोन नहीं रिसीव किया। जबकि उनकी डेयरी से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर यूपी-100 की गाड़ी खड़ी थी। बाद में पीड़ितों ने यूपी-100 में तैनात पुलिस कर्मियों को वारदात की जानकारी दी। उन्होंने कहाऐसी सेवा का क्या फायदा है।
रात्रि में पुलिस क्यों नहीं करती वाहनों की चेकिंग
दोघट। डेयरी में हुई डकैती की वारदात ने पुलिस की कार्यशैली की पोल खोल दी है। इससे पता चलता है जनपद में पुलिस कितनी चौकस है। बदमाश वारदात हो अंजाम देकर चले गए। पुलिस को इसकी भनक भी नहीं लगी।