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सांसद के गांव में फर्जीवाड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 16 May 2017 01:26 AM IST
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जिले को खुले में शौच मुक्त करने का अभियान चल रहा है। गांव दर गांव शौचालयों का निर्माण चल रहा है। इनमें फर्जीवाड़ा भी सामने आने लगा है। शिकायतों के बाद पंचायती राज विभाग की उप निदेशक परवीना चौधरी ने औसिक्का और सांसद के गांव पलड़ी में शौचालय निर्माण की जांच, जहां अनियमितता की पुष्टि हुई। जरूरत से ज्यादा शौचालयों की मांग कर बजट स्वीकृत कराया। डीपीआरओ को 29.76 हजार रुपये वापस कराने और निर्माण में मिले फर्जीवाड़ा की जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जनपद बागपत में स्वच्छ भारत मिशन अभियान को चूना लगाया जा रहा है। खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए शौचालय की जरूरत ज्यादा दिखाकर बजट खाते में डलवाया जा रहा है। मानक के अनुसार भी गांवों में कार्य नहीं हो रहे हैं। डीपीआरओ रामप्रकाश मिश्रा ने बताया पंचायती राज विभाग की उप निदेशक परवीना चौधरी ने जनपद के गांव औसिक्का और सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह के गांव पलड़ी गांव का निरीक्षण किया था।
गांवों में घूमकर शौचालयों की स्थिति का जायजा लिया। लोगों से जानकारी जुटाई। इन गांव में केवल 60 से 70 शौचालय की जरूरत थी, लेकिन मांग ज्यादा की हुई थी। जांच के दौरान जो भी निर्माण मिला, वह भी मानक के अनुसार नहीं था।
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जिस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। शौचालय निर्माण के लिए स्वीकृत धनराशि में से 24 लाख रुपये वापस कराने के निर्देश दिए। यह ही हाल सांसद के गांव पलड़ी में रहा। इसमें भी 48 शौचालय ज्यादा की मांग की और उसकी 5.76 हजार की धनराशि भी स्वीकृत हो गई थी। उपनिदेशक ने 29.76 हजार रुपये की धनराशि को वापस कराने के निर्देश दिए।
डीएम के गोद लिए गांव से भी वापस हुई धनराशि
जिला समन्वयक नरेंद्र उज्ज्वल ने बताया डीएम के गोद लिए हुए गांव से भी ज्यादा शौचालय की मांग की, वहां से 4.80 लाख रुपये वापस हो चुके हैं। इसके अलावा भैड़ापुर से 96 हजार, फुलैरा से 8.40 लाख, बाछौड़ से दो लाख रुपये वापस हो चुके हैं।
गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
जिला पंचायती राज अधिकारी रामप्रकाश मिश्रा ने बताया कुछ लोग शौचालय निर्माण की धनराशि को हड़पने का प्रयास करने में लगे हैं। ज्यादा शौचालय निर्माण की मांग कर धनराशि को गबन करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। जांच कराकर धनराशि की रिकवरी कराई जाएगी। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
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जनपद बागपत में स्वच्छ भारत मिशन अभियान को चूना लगाया जा रहा है। खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए शौचालय की जरूरत ज्यादा दिखाकर बजट खाते में डलवाया जा रहा है। मानक के अनुसार भी गांवों में कार्य नहीं हो रहे हैं। डीपीआरओ रामप्रकाश मिश्रा ने बताया पंचायती राज विभाग की उप निदेशक परवीना चौधरी ने जनपद के गांव औसिक्का और सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह के गांव पलड़ी गांव का निरीक्षण किया था।
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गांवों में घूमकर शौचालयों की स्थिति का जायजा लिया। लोगों से जानकारी जुटाई। इन गांव में केवल 60 से 70 शौचालय की जरूरत थी, लेकिन मांग ज्यादा की हुई थी। जांच के दौरान जो भी निर्माण मिला, वह भी मानक के अनुसार नहीं था।
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जिस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। शौचालय निर्माण के लिए स्वीकृत धनराशि में से 24 लाख रुपये वापस कराने के निर्देश दिए। यह ही हाल सांसद के गांव पलड़ी में रहा। इसमें भी 48 शौचालय ज्यादा की मांग की और उसकी 5.76 हजार की धनराशि भी स्वीकृत हो गई थी। उपनिदेशक ने 29.76 हजार रुपये की धनराशि को वापस कराने के निर्देश दिए।
डीएम के गोद लिए गांव से भी वापस हुई धनराशि
जिला समन्वयक नरेंद्र उज्ज्वल ने बताया डीएम के गोद लिए हुए गांव से भी ज्यादा शौचालय की मांग की, वहां से 4.80 लाख रुपये वापस हो चुके हैं। इसके अलावा भैड़ापुर से 96 हजार, फुलैरा से 8.40 लाख, बाछौड़ से दो लाख रुपये वापस हो चुके हैं।
गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
जिला पंचायती राज अधिकारी रामप्रकाश मिश्रा ने बताया कुछ लोग शौचालय निर्माण की धनराशि को हड़पने का प्रयास करने में लगे हैं। ज्यादा शौचालय निर्माण की मांग कर धनराशि को गबन करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। जांच कराकर धनराशि की रिकवरी कराई जाएगी। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।